Delhi Fuel Saving Policy: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पेट्रोलियम उत्पादों की खपत कम करने की अपील का असर अब दिल्ली सरकार के कामकाज में भी दिखाई देने लगा है। राजधानी में ऊर्जा बचत और ईंधन खपत कम (Delhi Fuel Saving Policy) करने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार के तीन प्रमुख विभागों ने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
लोक निर्माण विभाग (PWD), दिल्ली जल बोर्ड और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग में तत्काल प्रभाव से कई नई व्यवस्थाएं लागू कर दी गई हैं। इन निर्देशों के तहत न केवल सरकारी वाहनों के उपयोग को सीमित किया गया है, बल्कि अगले आदेश तक अधिकारियों और कर्मचारियों की विदेशी यात्राओं पर भी रोक लगा दी गई है। दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा के निर्देश पर लागू किए गए इन फैसलों (Delhi Fuel Saving Policy) को प्रशासनिक खर्च कम करने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
Read More: PM मोदी की अपील पर दिल्ली सरकार का बड़ा एक्शन, अब कम होंगे सरकारी वाहन
सरकारी दफ्तरों में अब कम होंगे वाहन
नई गाइडलाइन के अनुसार सरकारी अधिकारी और कर्मचारी अब जरूरत पड़ने पर ही वाहनों का उपयोग करेंगे। विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जहां संभव हो, वहां सार्वजनिक परिवहन, कार पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दी जाए। फील्ड विजिट, निरीक्षण और दफ्तर आने-जाने के दौरान अधिकारियों को साझा परिवहन व्यवस्था अपनाने के लिए कहा गया है। इससे ईंधन की खपत कम (Delhi Fuel Saving Policy) होगी और ट्रैफिक दबाव भी घटाने में मदद मिलेगी। रेखा गुप्ता सरकार का मानना है कि यदि बड़े स्तर पर सरकारी विभाग खुद इस मॉडल को अपनाते हैं तो आम जनता के बीच भी ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण को लेकर सकारात्मक संदेश जाएगा।
निरीक्षण और उद्घाटन कार्यक्रमों में भी बदलेगा तरीका
सरकारी आदेश में कहा गया है कि निरीक्षण, उद्घाटन और अन्य आधिकारिक कार्यक्रमों में अलग-अलग वाहनों से जाने के बजाय अधिकारी एक साथ यात्रा करेंगे। इसके लिए इलेक्ट्रिक वाहन, पूल्ड वाहन और सार्वजनिक परिवहन का अधिक इस्तेमाल किया जाएगा। दिल्ली सरकार ने यह भी संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में सरकारी विभागों में पारंपरिक ईंधन आधारित वाहनों की संख्या कम की जा सकती है। सरकारी स्तर पर इस तरह के प्रयोग भविष्य में बड़े पर्यावरणीय बदलाव की शुरुआत बन सकते हैं।
Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
डीजल पंपों की जगह इलेक्ट्रिक पंप
सिंचाई और जल प्रबंधन से जुड़े कार्यों में भी बड़ा बदलाव किया जा रहा है। विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि डीजल से चलने वाले पंपों और ट्रैक्टर आधारित पंपिंग सिस्टम के स्थान पर इलेक्ट्रिक पंपों और स्थायी पंपिंग स्टेशनों का उपयोग बढ़ाया जाए। सरकार का उद्देश्य केवल ईंधन बचत नहीं, बल्कि प्रदूषण कम करना भी है। दिल्ली पहले ही वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझ रही है और ऐसे में इलेक्ट्रिक सिस्टम को बढ़ावा देना सरकार की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
ऑनलाइन बैठकों को मिलेगा बढ़ावा
अनावश्यक यात्रा को कम करने के लिए विभागों को वर्चुअल यानी ऑनलाइन बैठकों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को कहा गया है कि जिन बैठकों को डिजिटल माध्यम से किया जा सकता है, उनके लिए फिजिकल मीटिंग से बचा जाए। कोविड काल के बाद ऑनलाइन कार्यप्रणाली को पहले ही कई विभाग अपनाने लगे थे, लेकिन अब इसे ऊर्जा बचत अभियान से जोड़ दिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे समय, संसाधन और ईंधन तीनों की बचत होगी।
सप्ताह में एक दिन रहेगा ‘नो कार डे’
दिल्ली सरकार (Delhi Fuel Saving Policy) ने कर्मचारियों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए सप्ताह में एक दिन ‘नो कार डे’ मनाने का फैसला भी किया है। इस दिन अधिकारियों और कर्मचारियों को निजी वाहन के बजाय सार्वजनिक परिवहन या साझा वाहन का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। यह कदम केवल प्रतीकात्मक नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे व्यवहारिक बदलाव की दिशा में प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। यदि सरकारी कर्मचारी नियमित रूप से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करेंगे तो दिल्ली में यातायात और प्रदूषण दोनों पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।
विदेशी दौरों पर पूरी तरह रोक
सबसे सख्त निर्देश विदेशी यात्राओं (Delhi Fuel Saving Policy) को लेकर जारी किए गए हैं। अगले आदेश तक कोई भी अधिकारी या कर्मचारी व्यक्तिगत अथवा आधिकारिक क्षमता में विदेश यात्रा नहीं करेगा। सरकार ने साफ कर दिया है कि लंबित प्रस्ताव तुरंत रद माने जाएंगे और पहले से स्वीकृत छुट्टियां भी निरस्त समझी जाएंगी। इसके साथ ही विभागों को हर सप्ताह सरकार को अनुपालन रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया गया है ताकि इन उपायों के प्रभाव और क्रियान्वयन की निगरानी की जा सके।
जमीनी और जिम्मेदार शासन की कोशिश
मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील को दिल्ली सरकार पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि इन फैसलों (Delhi Fuel Saving Policy) का उद्देश्य शासन को अधिक कुशल, जिम्मेदार और जमीनी बनाना है। वर्मा के मुताबिक सरकार ने यह निर्णय केवल खर्च घटाने के लिए नहीं, बल्कि ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया है। आने वाले दिनों में दिल्ली सरकार के अन्य विभागों में भी इसी तरह के दिशा-निर्देश लागू किए जा सकते हैं।
पढ़े ताजा अपडेट : Hindi News, Today Hindi News, Breaking



