Ambulance Fire Delhi: दिल्ली के मोती बाग इलाके में हुआ बड़ा हादसा अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बन चुका है। Ambulance Fire Delhi की इस घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। सड़क पर दौड़ रही एंबुलेंस अचानक आग का गोला बन गई और कुछ ही देर बाद उसमें रखा ऑक्सीजन सिलेंडर जोरदार धमाके के साथ फट गया। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि करीब 3 किलोमीटर दूर तक लोगों ने इसे महसूस किया।
इस हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। राहत की बात यह रही कि समय रहते ड्राइवर एंबुलेंस से बाहर निकल गया, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
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कैसे लगी एंबुलेंस में आग?
जानकारी के मुताबिक एंबुलेंस सफदरजंग अस्पताल से मरीज को छोड़कर वापस लौट रही थी। तभी मोती बाग मार्ग इलाके में चलते-चलते वाहन में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ और आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी एंबुलेंस को अपनी चपेट में ले लिया। Ambulance Fire Delhi की यह घटना इतनी तेजी से बढ़ी कि ड्राइवर को अपनी जान बचाने के लिए तुरंत सड़क किनारे कूदना पड़ा। कुछ सेकंड बाद ही अंदर रखा ऑक्सीजन सिलेंडर ब्लास्ट कर गया।
Ambulance Fire Delhi: ऑक्सीजन सिलेंडर ब्लास्ट से उड़ गए परखच्चे
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाका बेहद भयानक था। विस्फोट के बाद एंबुलेंस के टुकड़े दूर-दूर तक बिखर गए। आसपास खड़े लोगों में डर का माहौल बन गया। कई लोगों ने इसे पहले किसी बड़े बम धमाके की तरह महसूस किया। Ambulance Fire Delhi मामले में पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका सामने आई है, लेकिन एफएसएल टीम हर एंगल से जांच कर रही है।
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3 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी धमाके की आवाज
स्थानीय लोगों ने बताया कि धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि कई किलोमीटर दूर तक लोगों ने इसे सुना। कुछ लोग डर के कारण घरों से बाहर निकल आए, जबकि कई लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को फोन किया। शाम करीब 7:26 बजे दमकल विभाग को कॉल मिली। इसके बाद तीन फायर टेंडर मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया गया। अगर समय रहते आग नहीं बुझाई जाती तो आसपास खड़ी गाड़ियों और इमारतों को भी नुकसान हो सकता था।
Ambulance Fire Delhi: पुलिस और FSL टीम जांच में जुटी
घटना के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया। एफएसएल टीम ने मौके से जरूरी सबूत जुटाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि एंबुलेंस में तकनीकी खराबी और सुरक्षा मानकों की भी जांच की जाएगी। Ambulance Fire Delhi घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या एंबुलेंस में रखे ऑक्सीजन सिलेंडरों की सुरक्षा जांच नियमित रूप से होती है या नहीं। क्योंकि जरा सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
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ड्राइवर की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
अगर ड्राइवर समय रहते एंबुलेंस रोककर बाहर नहीं निकलता तो उसकी जान जा सकती थी। स्थानीय लोगों ने भी ड्राइवर की सतर्कता की तारीफ की। फिलहाल हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। Ambulance Fire Delhi की यह घटना सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है। लोग प्रशासन से एंबुलेंस सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग कर रहे हैं।
Ambulance Fire Delhi: दिल्ली में बढ़ रही आग की घटनाएं
पिछले कुछ महीनों में दिल्ली में वाहनों में आग लगने की कई घटनाएं सामने आई हैं। गर्मी, खराब वायरिंग और तकनीकी लापरवाही को इसके पीछे मुख्य वजह माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि एंबुलेंस जैसे संवेदनशील वाहनों की नियमित सर्विसिंग बेहद जरूरी है। मोती बाग का यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ा चेतावनी संकेत भी माना जा रहा है।
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