US Marines Data Leak: युद्ध केवल सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता, कभी-कभी वह एक सैनिक के घर के दरवाजे तक पहुंच जाता है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी विवाद अब एक ऐसी रूह कंपा देने वाली सच्चाई में तब्दील हो गया है, जहां हथियारों से ज्यादा ‘डेटा’ घातक साबित हो रहा है। ईरानी हैकर ग्रुप ‘हंडाला’ ने पश्चिम एशिया में तैनात 2000 से अधिक अमेरिकी नौसैनिकों ((US Marines Data Leak)) की जिंदगी को दांव पर लगा दिया है। इन सैनिकों की निजी जानकारी, उनके घर के पते और उनके मासूम परिवारों का डेली रूटीन डार्क वेब पर सार्वजनिक कर दिया गया है। यह केवल एक ‘डेटा ब्रीच’ नहीं है, बल्कि उन वीर जवानों के मनोबल पर सीधा प्रहार है जो अपने देश के लिए हजारों मील दूर रेगिस्तान में तैनात हैं।
पेंटागन की गलियारों में आज सन्नाटा है और जांच जारी है, लेकिन उन सैनिकों के मन में क्या बीत रही होगी जिन्हें व्हाट्सएप पर सीधे धमकी भरे संदेश मिल रहे हैं? हैकर्स का दावा है कि वे हर सैनिक की परछाईं की तरह उनका पीछा कर रहे हैं। इस साइबर हमले ने साबित कर दिया है कि आधुनिक युग में युद्ध केवल फाइटर जेट्स से नहीं, बल्कि एक क्लिक से भी लड़ा जा सकता है। जहां ट्रंप प्रशासन अब ‘Nice Guy’ की छवि छोड़कर विनाशकारी पलटवार की तैयारी में है, वहीं दुनिया इस डिजिटल कत्लेआम को मूकदर्शक बनकर देख रही है। (US Marines Data Leak)
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ट्रंप का ‘शॉर्ट और पावरफुल’ प्लान
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब कूटनीति के धैर्य को त्याग चुके हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान पर एक ‘शॉर्ट और पावरफुल’ हवाई हमले का ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है। ट्रंप का ताजा बयान उनकी कड़वाहट को साफ दर्शाता है, ‘अब मैं और अच्छा आदमी (Nice Guy) बना नहीं रह सकता। ईरान खुद कबूल कर चुका है कि वह बर्बादी की कगार पर है।’ भले ही ट्रंप ने अभी तक बमबारी को हरी झंडी नहीं दी है, लेकिन यह ‘लीक प्लानिंग’ बता रही है कि अगर परमाणु कार्यक्रम पर ईरान नहीं झुका, तो अमेरिका अपनी सैन्य ताकत का सबसे भयानक चेहरा दिखा सकता है। (US Marines Data Leak)
2 लाख करोड़ का खर्च और जली हुई उम्मीदें
युद्ध की कीमत केवल जान से नहीं, बल्कि उस खजाने से भी मापी जाती है जो देश के विकास में लग सकता था। पेंटागन के अधिकारी जूल्स हर्स्ट ने खुलासा किया है कि फरवरी से अब तक अमेरिका इस जंग में 25 अरब डॉलर (करीब 2 लाख करोड़ रुपये) फूंक चुका है। गोला-बारूद और मिसाइलों पर खर्च हो रही यह भारी-भरकम राशि अमेरिका के भीतर ही असंतोष की आग भड़का रही है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने संसद में सांसदों को दो टूक कहा कि इस वक्त सेना की आलोचना करना दुश्मन का पक्ष लेने जैसा है। (US Marines Data Leak)
होरमुज़ की नाकेबंदी
समंदर में बिछी बिसात ने पूरी दुनिया की जेब पर डाका डाला है। अमेरिका की सख्त समुद्री नाकेबंदी के जवाब में ईरान ने होरमुज़ जलडमरूमध्य को लगभग बंद कर दिया है। नतीजा यह है कि कच्चे तेल की कीमतें 114 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गई हैं। जहां ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादा कह रहे हैं कि ‘युद्ध समस्या का समाधान नहीं है,’ वहीं कूटनीति के सारे दरवाजे बंद होते नजर आ रहे हैं। (US Marines Data Leak)
एक सैनिक के परिवार का डर
इस पूरी खबर का सबसे दुखद पहलू वह साइबर वार है जिसने सैनिकों के परिवारों को असुरक्षित कर दिया है। जब एक जवान को पता चलता है कि दुश्मन के पास उसके घर का पता है, तो उसका हौसला डगमगाने लगता है। ‘हंडाला’ ग्रुप का मकसद भी यही हैसैनिकों को मानसिक रूप से तोड़ना। वॉशिंगटन अब इस ब्रीच के सोर्स की तलाश कर रहा है, लेकिन तब तक हजारों परिवारों की नींद उड़ चुकी है। (US Marines Data Leak)



