Aravalli Green Wall Program: अरावली ग्रीन वॉल कार्यक्रम (Aravalli Green Wall Program) एवं एनसीआर क्षेत्र के हरितीकरण को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए मंगलवार को शासन सचिवालय में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधानमंत्री के सलाहकार द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में अरावली पर्वत श्रृंखला में पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, जल एवं मृदा संरक्षण तथा हरित आवरण विस्तार से जुड़े प्रस्तावित और प्रगतिरत कार्यों की गहन समीक्षा की गई।
अरावली पर्वतमाला देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण
मुख्य सचिव ने कहा कि अरावली पर्वतमाला केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे देश के पर्यावरण संतुलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। चूंकि अरावली का सर्वाधिक क्षेत्र राजस्थान में स्थित है, इसलिए राज्य की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केन्द्र और राज्य सरकार अरावली पर्वतमाला के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा राजस्थान के अरावली क्षेत्र के जिलों में 52,503.20 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य की समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण पूर्ति के लिए जिला कलेक्टरों को विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए गए।
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जुलाई से प्रभावी शुरुआत के निर्देश
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि मानसून से पूर्व सभी विभाग आवश्यक तैयारियां पूर्ण करें, ताकि जुलाई माह से पौधारोपण अभियान की प्रभावी शुरुआत की जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि पौधारोपण केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि पौधों के संरक्षण और उनकी दीर्घकालिक जीवितता सुनिश्चित की जाए।
थर्ड पार्टी मूल्यांकन से बढ़ेगी पारदर्शिता
अभियान की पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए थर्ड पार्टी मूल्यांकन की व्यवस्था लागू करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि नियमित निरीक्षण और स्वतंत्र मूल्यांकन से वास्तविक प्रगति का आकलन संभव होगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही को रोका जा सकेगा। इससे अभियान (Aravalli Green Wall Program) की विश्वसनीयता और परिणाम दोनों मजबूत होंगे।

अरावली ग्रीन वॉल को जन आंदोलन (Aravalli Green Wall Program) बनाने पर जोर
मुख्य सचिव ने अरावली ग्रीन वॉल कार्यक्रम (Aravalli Green Wall Program) को जन आंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि इसके लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए, जिसमें स्कूलों, कॉलेजों, स्वयंसेवी संगठनों, ग्राम पंचायतों, उद्योगों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उनका कहना था कि समाज के हर वर्ग की सहभागिता से ही यह अभियान अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकेगा।
जिला कलेक्टरों को एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश
बैठक में सभी जिला कलेक्टरों को अपने-अपने जिलों के लिए विस्तृत प्लान ऑफ एक्शन तैयार करने के निर्देश दिए गए। इस योजना में पौधारोपण स्थलों की पहचान, उपयुक्त प्रजातियों का चयन, संसाधनों की उपलब्धता, जनभागीदारी, निगरानी व्यवस्था और स्पष्ट समयसीमा को शामिल करने को कहा गया।
वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन विभाग अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग कुलदीप रांका, अतिरिक्त मुख्य सचिव वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग आनंद कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक पी.के. उपाध्याय सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अरावली क्षेत्र से संबंधित जिला कलेक्टर और वन विभाग के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम (Aravalli Green Wall Program) से बैठक से जुड़े।



