LokhitkrantiLokhitkrantiLokhitkranti
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Reading: Uttarakhand Bichchu Grass: पहाड़ की चुभने वाली घास से बदलेगी उत्तराखंड की तक़दीर? बिच्छू घास बनेगी रोजगार और उद्योग का नया आधार
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
LokhitkrantiLokhitkranti
Search
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Have an existing account? Sign In
Follow US
Lokhitkranti > उत्तराखंड > Uttarakhand Bichchu Grass: पहाड़ की चुभने वाली घास से बदलेगी उत्तराखंड की तक़दीर? बिच्छू घास बनेगी रोजगार और उद्योग का नया आधार
उत्तराखंड

Uttarakhand Bichchu Grass: पहाड़ की चुभने वाली घास से बदलेगी उत्तराखंड की तक़दीर? बिच्छू घास बनेगी रोजगार और उद्योग का नया आधार

Lokhit Kranti
Last updated: 2026-01-29 12:18 अपराह्न
By Lokhit Kranti 7 महीना ago
Share
Uttarakhand Bichchu Grass
Uttarakhand Bichchu Grass: पहाड़ की चुभने वाली घास से बदलेगी उत्तराखंड की तक़दीर? बिच्छू घास बनेगी रोजगार और उद्योग का नया आधार
SHARE

Uttarakhand Bichchu Grass: उत्तराखंड के पहाड़ों में यूं तो कई ऐसे पौधे उगते हैं, जिन्हें अब तक बेकार या केवल जंगली माना जाता रहा है, लेकिन अब वही पौधे राज्य के विकास की नई कहानी लिखने की तैयारी में हैं। ऐसी ही एक घास है बिच्छू घास, जिसे स्थानीय भाषा में कंडाली या सिसौण कहा जाता है। अपने चुभने वाले स्वभाव के कारण पहचानी जाने वाली यह घास अब सरकार की नजर में आर्थिक और औद्योगिक संभावनाओं का बड़ा जरिया बनती जा रही है।

Contents
प्राकृतिक रेशों से बनेगा भविष्य का कपड़ाकेंद्र सरकार के समक्ष रखा गया विस्तृत प्रस्तावग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई ऊर्जापहाड़ों में उगने वाला अनोखा पौधाचुभन से अवसर तक का सफर

उत्तराखंड सरकार ने Uttarakhand Bichchu Grass, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिमालयन नेटल के नाम से जाना जाता है, को तकनीकी वस्त्र मिशन से जोड़ने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है। सरकार का मानना है कि इस पहल से न सिर्फ पर्यावरण-अनुकूल वस्त्र उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पहाड़ी इलाकों की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

READ: रातों-रात बदला मौसम का मिजाज, उत्तराखंड में बारिश, ओलावृष्टि और भारी बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त

प्राकृतिक रेशों से बनेगा भविष्य का कपड़ा

Uttarakhand Bichchu Grass के पौधों से प्राकृतिक रेशा तैयार किया जा सकता है, जिससे उच्च गुणवत्ता वाले कपड़े बनाए जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह रेशा मजबूत, टिकाऊ और त्वचा के अनुकूल होता है। साथ ही इसमें ताप संरक्षण की अच्छी क्षमता होती है, जिससे यह ठंडे क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित हो सकता है।

दुनियाभर में तेजी से बढ़ रही इको-फ्रेंडली और सस्टेनेबल फैशन की मांग को देखते हुए उत्तराखंड सरकार इसे भविष्य के बड़े औद्योगिक अवसर के रूप में देख रही है। यदि यह परियोजना जमीन पर उतरती है, तो राज्य वैश्विक प्राकृतिक वस्त्र बाजार में अपनी अलग पहचान बना सकता है।

केंद्र सरकार के समक्ष रखा गया विस्तृत प्रस्ताव

प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने इस योजना को केंद्र सरकार के सामने प्रमुखता से रखा है। उनके अनुसार, राज्य में Uttarakhand Bichchu Grass और औद्योगिक भांग से रेशा निर्माण के लिए एक मिनी टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने की योजना है। पहाड़ी राज्य होने के कारण परिवहन लागत अधिक रहती है, इसलिए प्रस्ताव में ट्रांसपोर्ट सब्सिडी की मांग भी शामिल की गई है।

READ: उत्तराखंड की हरित छलांग…..ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी 2026 को कैबिनेट की मंजूरी, 2030 तक 100 किलो टन उत्पादन का लक्ष्य

इसके साथ ही उत्तराखंड में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) का एक एक्सटेंशन सेंटर खोलने का प्रस्ताव भी रखा गया है, ताकि स्थानीय युवाओं को डिजाइन, फैशन और टेक्सटाइल से जुड़ा आधुनिक प्रशिक्षण मिल सके।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई ऊर्जा

सरकार का मानना है कि यह पहल केवल उद्योग तक सीमित नहीं रहेगी। इसका सीधा लाभ किसानों, कारीगरों, बुनकरों और स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा। Uttarakhand Bichchu Grass की खेती, संग्रहण, प्रसंस्करण और वस्त्र निर्माण से जुड़े कई स्तरों पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि स्थानीय स्तर पर ही कच्चे माल से लेकर तैयार उत्पाद तक की प्रक्रिया विकसित की जाती है, तो इससे पहाड़ों से होने वाले पलायन पर भी रोक लग सकती है। पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक के मेल से ग्रामीण इलाकों में स्थायी आजीविका के साधन विकसित होंगे।

Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर

पहाड़ों में उगने वाला अनोखा पौधा

Uttarakhand Bichchu Grass वैज्ञानिक रूप से Urtica dioica के नाम से जानी जाती है। इसके पत्तों और तनों पर मौजूद महीन, सुई जैसे रोए त्वचा के संपर्क में आते ही रसायन छोड़ते हैं, जिससे तेज जलन, खुजली और चुभन होती है। यही वजह है कि आमतौर पर लोग इससे दूरी बनाए रखते हैं।

हालांकि, पकाने या सुखाने के बाद इसकी चुभन खत्म हो जाती है। पहाड़ी क्षेत्रों में इसकी पत्तियों से साग और सूप बनाए जाते हैं। इसमें आयरन, कैल्शियम और कई जरूरी विटामिन पाए जाते हैं, जिससे इसे सेहत के लिए भी लाभकारी माना जाता है। पारंपरिक रूप से इसे जोड़ों के दर्द, एनीमिया और बालों के स्वास्थ्य से जोड़कर देखा जाता रहा है।

उत्तराखंड की बड़ी खबर देखने के लिये क्लिक करे

चुभन से अवसर तक का सफर

जिस Uttarakhand Bichchu Grass को कभी परेशानी का कारण माना जाता था, वही अब उत्तराखंड के लिए विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन सकती है। अगर केंद्र सरकार से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो यह पहल पहाड़ी संसाधनों के सही उपयोग का एक मॉडल बन सकती है और उत्तराखंड को सस्टेनेबल विकास की दिशा में नई उड़ान दे सकती है।

पढ़े ताजा अपडेट : Hindi News, Today Hindi News, Breaking

You Might Also Like

Uttarakhand Heavy Rain: हरिद्वार में बारिश बनी आफत, हाईवे पर धंसी पुलिया, जलभराव में फंसी बस और कारें, कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित

Uttarakhand School Holiday: भारी बारिश के बीच कई जिलों में स्कूल बंद, टिहरी में भूस्खलन से इमारत ढही, प्रशासन हाई अलर्ट पर

उत्तराखंड में अगले 48 घंटे भारी, Orange Alert के बीच मसूरी में 100 साल पुराना पेड़ गिरा, उत्तरकाशी में भूस्खलन से हाईवे प्रभावित

Ramganga River Blockage: पिथौरागढ़ में बड़ा खतरा! पहाड़ी दरकने से रुकी रामगंगा नदी, 600 मीटर लंबी झील बनी, कई गांवों पर मंडराया संकट

Badrinath Offering Case: बदरीनाथ चढ़ावा विवाद ने लिया कानूनी मोड़, BKTC कर्मी प्रमोद नौटियाल पर FIR दर्ज, पुलिस और विभागीय जांच साथ-साथ

TAGGED:Artisan Employment UttarakhandBichchu Ghaas UttarakhandGreen Textile IndiaHandloom and Textile SectorHill Economy DevelopmentKandaali PlantNatural Fibre IndustrySisoun Himalayan NettleSustainable TextileTechnical Textile Mission India
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Share
Leave a comment

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
झांसी पुलिस ने ढूंढा खोया मोबाइल, संदीप घोष को सौंपा फोन
उत्तर प्रदेश

झांसी पुलिस ने ढूंढा खोया मोबाइल, युवक ने कहा शुक्रिया

Meena Chauhan By Meena Chauhan 5 दिन ago
झांसी: चुरारा से 500 कांवड़ियों का जत्था रवाना, ओरछा धाम में करेंगे जलाभिषेक
गाजियाबाद: पार्षदों और निगम अधिकारियों ने मिलकर कांवड़ यात्रियों पर की पुष्प वर्षा
गाजियाबाद: पुलिस आयुक्त ने दूधेश्वरनाथ मंदिर पहुंचकर कांवड़ियों को बांटा प्रसाद, की पुष्पवर्षा
झांसी में खंभे पर चढ़कर पोस्टर फाड़ने का VIDEO वायरल, सियासी बवाल
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

  • ताज़ा खबरे
  • बॉलीवुड
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • धर्म कर्म
  • वायरल
  • बिज़नेस

About US

लोकहित क्रांति न्यूज़ एक निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित को समर्पित डिजिटल समाचार मंच है। हमारा उद्देश्य देश–दुनिया की ताज़ा, सटीक और प्रमाणिक ख़बरें आप तक तेज़ी से पहुँचाना है।
Quick Link
  • About Us
  • Terms and Condition
  • DNPA Code of Ethics
Must Read
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Grievance Redressal Policy

Follow Us

Lokhit Kranti
Copyrights © Lokhit Kranti. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?