CM Dhami: उत्तराखंड के CM Dhami का एक अलग और आत्मीय अंदाज हरिद्वार के श्यामपुर क्षेत्र स्थित आर्यनगर (कांगड़ी) में देखने को मिला। CM Dhami ने यहाँ आयोजित ‘जन चौपाल’ में न केवल शिरकत की, बल्कि पारंपरिक तरीके से खाट (चारपाई) पर बैठकर ग्रामीणों और साधु-संतों के बीच उनकी समस्याएं सुनीं। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों की शिकायतों का CM Dhami ने मौके पर ही निस्तारण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
पंच की भूमिका में नजर आए मुख्यमंत्री, सादगी ने जीता दिल
आर्यनगर में आयोजित इस चौपाल की सबसे खास बात इसकी सादगी और स्थानीय परंपरा रही। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को एक ‘पंच’ की तरह सम्मान देते हुए उन्हें पारंपरिक पगड़ी पहनाई और खाट पर बैठाया। CM Dhami ने भी बिना किसी औपचारिक प्रोटोकॉल की परवाह किए, एक आम जनमानस की तरह लोगों के बीच बैठकर उनकी बातें सुनीं। मुख्यमंत्री का यह अंदाज वहां मौजूद ग्रामीणों और किसानों को खूब भाया, जिसकी चर्चा पूरे जिले में हो रही है।
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5 लाख से अधिक शिकायतों का हुआ निस्तारण
जनसभा को संबोधित करते हुए CM Dhami ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचना है। उन्होंने बताया कि दूरस्थ क्षेत्रों की जनता, जो अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय तक नहीं जा सकती, उनके लिए ये चौपालें वरदान साबित हो रही हैं।
मुख्यमंत्री ने आंकड़ों के साथ जानकारी साझा करते हुए बताया:
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अभियान की सफलता: 17 दिसंबर से शुरू हुए ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के तहत अब तक 5 लाख से अधिक लोग अपनी शिकायतें दर्ज करा चुके हैं।
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समय सीमा में विस्तार: जनता के उत्साह और जरूरत को देखते हुए इस कार्यक्रम की अवधि को 20 दिनों के लिए और बढ़ा दिया गया है।
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डोर-टू-डोर समाधान: बिजली, पानी, प्रमाण पत्र और सरकारी लाभार्थी योजनाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान अब सीधे लोगों के घरों पर जाकर किया जा रहा है।
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किसान जय सिंह का बड़ा दिल, 70 बीघा जमीन दान करने का ऐलान
इस चौपाल का सबसे भावुक और चौंकाने वाला क्षण तब आया, जब झबरेड़ा विधानसभा के डेलना गांव से आए किसान जय सिंह ने अपनी 70 बीघा कीमती जमीन सरकार को दान करने की घोषणा की। जय सिंह ने CM Dhami के समक्ष अपनी इच्छा जाहिर करते हुए कहा कि उनके गांव के पास पहले से ही एक आईटीआई और हाईस्कूल संचालित है।
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वे चाहते हैं कि उनकी इस दान की गई भूमि पर सरकार एक आधुनिक मेडिकल कॉलेज और खेल मैदान का निर्माण करे। उनका मानना है कि इससे क्षेत्र के युवाओं को न केवल उच्च शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने किसान के इस निस्वार्थ योगदान की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक बड़ी मिसाल बताया।
चारधाम यात्रा और कुंभ 2027 की तैयारी तेज
आगामी यात्रा सीजन और भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए CM Dhami ने कहा कि इस वर्ष चारधाम यात्रा समय से कुछ पूर्व यानी अप्रैल माह में शुरू होने जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस बार तीर्थयात्रियों का स्वागत और भी भव्य तरीके से किया जाएगा।
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वहीं, हरिद्वार कुंभ 2027 को लेकर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इसकी तैयारियां अभी से प्रारंभ कर दी गई हैं। उन्होंने बताया कि शासन स्तर पर कई बैठकें हो चुकी हैं और अगली महत्वपूर्ण बैठक हरिद्वार में ही आयोजित की जाएगी, जिसमें जमीनी स्तर की व्यवस्थाओं और बुनियादी ढांचे के विकास का खाका तैयार किया जाएगा।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
चौपाल में किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं से जुड़े कई आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से कइयों का निस्तारण सीएम ने मौके पर ही करवा दिया। मध्यम और दीर्घकालिक समस्याओं के लिए उन्होंने प्रशासन के अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य करने की सख्त हिदायत दी। कार्यक्रम में भाजपा के स्थानीय विधायक, वरिष्ठ नेता और जिला प्रशासन के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे।
इस जन चौपाल ने एक बार फिर सिद्ध किया है कि संवाद ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। जहाँ एक ओर सरकार जनता के द्वार पहुँच रही है, वहीं जनता भी विकास की मुख्यधारा में जुड़ने के लिए अपनी जमीन तक दान करने को तत्पर है।
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