Uttar Pradesh : उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में तैनात पुलिस अधीक्षक सिंघम नाम से जाने जाते है। क्योंकि अक्सर देखा जाता है कि पुलिस अधीक्षक कानून के दायरे में रहकर अपराधी के खिलाफ ऐसी कड़ी कार्रवाई करते है कि अपराधी अगली बार अपराध करने से पहले सौ बार सोचने लगता है। इसका एक उदाहरण भी सामने आया है। जो अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल, दुर्घटना में घायल एक फरियादी थाने में सुनवाई न होने पर पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा। घायल के परिजन उसे एंबुलेंस से लाए थे, लेकिन इसी बीच पुलिस अधिकारी गेट से निकल रहे थे। ऐसे में एसपी ऑफिस के गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों ने एंबुलेंस को गेट पर ही रोक दिया। जिसके बाद परिजन गंभीर रूप से घायल महिला को एक चादर में डालकर पुलिस ऑफिस के अंदर चारों तरफ से चादर पकड़कर लेकर गए थे।
Uttar Pradesh : वीडियो जारी कर कहा “I am Sorry”
पुलिस कार्यालय के गेट पर संवेदनहीन पुलिसकर्मियों की हरकत का “सिंघम” पुलिस अधीक्षक ने खुद संज्ञान लेते हुए एक वीडियो जारी कर माफी मांगी और कहा कि “I am Sorry” साथ ही उन्होंने पुलिस के लिए गलत राय न बनाने की बात भी कही। यहीं नहीं उन्होंने घटना की पूरी जानकारी लेकर कार्रवाई किए जाने का आश्वासन भी दिया।
Uttar Pradesh : अब पढ़े क्या है पूरा मामला…
गौरतलब है कि हरदोई के लोनार थाना क्षेत्र के जगदीशपुर निवासी अनूप पुलिस लाइन में फॉलोअर के पद पर कार्यरत हैं। जो पिछली 27 तारीख को बाइक से अपनी बहन के साथ अपने घर जा रहे थे। घर वापस जाते समय उनकी बाइक दूसरी बाइक से टकरा गई थी, जिसमें दोनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अनूप का आरोप है कि उसने थाने में दुर्घटना के बाद में कई बार जाकर गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जिसके बाद वह अपनी घायल बहन को लेकर पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाने पहुंचा। इसी दौरान गेट पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने एंबुलेंस को अंदर ले जाने से मना कर दिया था।



