LokhitkrantiLokhitkrantiLokhitkranti
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Reading: Sambhal Namaz Case: हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, नमाज पर 20 लोगों की सीमा वाला आदेश रद्द
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
LokhitkrantiLokhitkranti
Search
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Have an existing account? Sign In
Follow US
Lokhitkranti > उत्तर प्रदेश > Sambhal Namaz Case: हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, नमाज पर 20 लोगों की सीमा वाला आदेश रद्द
उत्तर प्रदेश

Sambhal Namaz Case: हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, नमाज पर 20 लोगों की सीमा वाला आदेश रद्द

Lokhit Kranti
Last updated: 2026-03-16 6:52 pm
Lokhit Kranti Published 2026-03-16
Share
untitled design 2026 03 16t163012.841
Sambhal Namaz Case: हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, नमाज पर 20 लोगों की सीमा वाला आदेश रद्द
SHARE

Sambhal Namaz Controversy: उत्तर प्रदेश के Allahabad High Court ने संभल जिले से जुड़े नमाज विवाद के मामले में अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने संभल प्रशासन द्वारा मस्जिद में सिर्फ 20 लोगों को नमाज पढ़ने की अनुमति देने वाले आदेश को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि नमाज पढ़ने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। अगर किसी व्यक्ति द्वारा नमाज में बाधा डाली जाती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

Contents
Sambhal Namaz Controversy: कोर्ट ने प्रशासन को दी स्पष्ट जिम्मेदारीSambhal Namaz Controversy: पहले प्रशासन ने लगाई थी संख्या की सीमाSambhal Namaz Controversy: याचिका के बाद शुरू हुई कानूनी प्रक्रियाSambhal Namaz Controversy: पहली सुनवाई में ही कोर्ट ने जताई नाराजगीSambhal Namaz Controversy: डिवीजन बेंच ने सुना पूरा मामलाSambhal Namaz Controversy: रमजान के दौरान बढ़ा था विवादSambhal Namaz Controversy: कोर्ट के फैसले के बाद क्या होगाSambhal Namaz Controversy: मामले पर बनी हुई है लोगों की नजर

Also Read: आंधी-तूफान में बड़ा हादसा! टिनशेड गिरने से दो की दर्दनाक मौत, गांव में मचा कोहराम

Sambhal Namaz Controversy: कोर्ट ने प्रशासन को दी स्पष्ट जिम्मेदारी

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि धार्मिक गतिविधियों को लेकर कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन का कर्तव्य है। अगर लोग मस्जिद में नमाज अदा करना चाहते हैं तो प्रशासन का काम उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अदालत ने यह भी कहा कि अगर कोई व्यक्ति नमाज के दौरान माहौल बिगाड़ने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

Sambhal Namaz Controversy: पहले प्रशासन ने लगाई थी संख्या की सीमा

कुछ समय पहले संभल प्रशासन ने एक आदेश जारी किया था, जिसमें मस्जिद में केवल 20 लोगों को ही नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई थी। प्रशासन का कहना था कि यह फैसला कानून व्यवस्था और सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया है।अधिकारियों का तर्क था कि अगर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होंगे तो स्थिति बिगड़ सकती है, इसलिए संख्या सीमित रखना जरूरी है। हालांकि इस फैसले के बाद मामला अदालत तक पहुंच गया और प्रशासन के आदेश को चुनौती दी गई।

Also Read: राम मंदिर में नवरात्रि से पहले बड़ा बदलाव, सुबह 6 बजे से दर्शन, VIP पास बंद

Sambhal Namaz Controversy: याचिका के बाद शुरू हुई कानूनी प्रक्रिया

इस मामले में संभल के निवासी मुनाजिर खान ने अदालत में याचिका दाखिल की थी। याचिका में कहा गया कि मस्जिद में नमाज पढ़ने पर इस तरह की पाबंदी धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के खिलाफ है। उन्होंने प्रशासन के आदेश को गलत बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की थी। याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और मामले की पूरी स्थिति को समझने की कोशिश की।

Sambhal Namaz Controversy: पहली सुनवाई में ही कोर्ट ने जताई नाराजगी

इस मामले की पहली सुनवाई के दौरान ही अदालत ने प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताई थी। अदालत ने कहा था कि अगर प्रशासन लोगों को सुरक्षा देने में सक्षम नहीं है तो यह चिंता की बात है। सुनवाई के दौरान अदालत ने संभल के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को कड़ी टिप्पणी करते हुए जिम्मेदारी निभाने की बात कही थी। अदालत ने यह भी कहा था कि प्रशासन का काम लोगों को रोकना नहीं बल्कि सुरक्षा देना है।

Latest News Update Uttar Pradesh News,उत्तराखंड की ताज़ा  ख़बर

Sambhal Namaz Controversy: डिवीजन बेंच ने सुना पूरा मामला

इस मामले की सुनवाई Justice Atul Sreedharan और Justice Siddharth Nandan की डिवीजन बेंच में हुई। दोनों न्यायाधीशों ने सभी पक्षों की बात सुनने के बाद प्रशासन के आदेश की समीक्षा की। सुनवाई के बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया कि मस्जिद में नमाज पढ़ने वालों की संख्या तय करने का प्रशासन का आदेश उचित नहीं है। इसलिए इसे रद्द किया जाता है।

Sambhal Namaz Controversy: रमजान के दौरान बढ़ा था विवाद

यह पूरा मामला रमजान के महीने में सामने आया था। उस समय मस्जिद में सामूहिक नमाज की अनुमति मांगी गई थी। प्रशासन ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए लोगों की संख्या सीमित करने का आदेश जारी कर दिया था। इसके बाद इस फैसले को अदालत में चुनौती दी गई। मामला धीरे-धीरे बड़ा बन गया और इस पर कानूनी बहस शुरू हो गई।

Sambhal Namaz Controversy: कोर्ट के फैसले के बाद क्या होगा

अब अदालत के फैसले के बाद प्रशासन को नमाज पढ़ने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि धार्मिक गतिविधियों में अनावश्यक रोक नहीं लगाई जानी चाहिए। साथ ही अदालत ने यह भी कहा है कि अगर कोई व्यक्ति माहौल खराब करने की कोशिश करता है या नमाज में बाधा डालता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

Sambhal Namaz Controversy: मामले पर बनी हुई है लोगों की नजर

इस फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। कई लोग इसे धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा अहम फैसला मान रहे हैं। वहीं प्रशासन के लिए भी यह संदेश माना जा रहा है कि कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए लोगों के अधिकारों का सम्मान करना जरूरी है।

कोर्ट के इस आदेश के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि आगे प्रशासन किस तरह से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करता है और स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखता है।

पढ़े ताजा अपडेट : Hindi News, Today Hindi News, Breaking

You Might Also Like

Jhansi Encounter: संजय सिंह हत्याकांड का दूसरा इनामी शूटर गिरफ्तार

Ghaziabad Kanwar Yatra: रात्रि में भी जगमगाया कावड़ मार्ग

Samadhan Diwas में डीएम का सख्त संदेश, Samadhan Diwas में नहीं होगी लापरवाही

Muzaffarnagar School Holiday: प्रशासन ने जारी किया आदेश

Meerut Crime: मां और प्रेमी पर मासूम की हत्या का आरोप

TAGGED:Allahabad High CourtCourt Order UPHigh Court DecisionMosque Prayer CaseNamaz ControversyRamzan Namaz IssueSambhal AdministrationSambhal NewsUP NewsUttar Pradesh News
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
jhansi news1 2
उत्तर प्रदेश

Jhansi Breaking: दुकान का जंगला तोड़कर ₹21,500 नकद और सामान चोरी

News Desk News Desk 2026-07-28
Jind Businessman Murder में बड़ा खुलासा, एक्स गर्लफ्रेंड और पति गिरफ्तार
Ghaziabad News: सोया चाप फैक्ट्री पर खाद्य विभाग का छापा
Meerut Kila Road Vyapar Sangh का प्रथम स्थापना दिवस उत्साह के साथ मनाया गया
Badaun News: राजकीय मेडिकल कॉलेज में अमृत फार्मेसी का शुभारंभ
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

  • ताज़ा खबरे
  • बॉलीवुड
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • धर्म कर्म
  • वायरल
  • बिज़नेस

About US

लोकहित क्रांति न्यूज़ एक निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित को समर्पित डिजिटल समाचार मंच है। हमारा उद्देश्य देश–दुनिया की ताज़ा, सटीक और प्रमाणिक ख़बरें आप तक तेज़ी से पहुँचाना है।
Quick Link
  • About Us
  • Terms and Condition
  • DNPA Code of Ethics
Must Read
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Grievance Redressal Policy

Follow Us

Lokhit Kranti
Copyrights © Lokhit Kranti. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?