बिना जानकारी दिए दूसरे राज्य में पहुंची पुलिस टीम
उत्तर प्रदेश के बिजनौर से अनुशासनहीनता का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां की नंगल थाना पुलिस अपने ही सूबे से बाहर निकलकर हरियाणा के गुरुग्राम में छापेमारी करने पहुंच गई, वो भी बिना वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी भनक दिए। नियमों की इस अनदेखी का खामियाजा अब एक सब-इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंशन के रूप में भुगतना पड़ा है।
कैसे शुरू हुई पूरी कहानी
पुलिस अधीक्षक केके बिश्नोई के मुताबिक, नंगल पुलिस 25 अगस्त को टिसोत्रा निवासी वांछित आरोपी पंकज की तलाश में जुटी थी। जांच के दौरान उसकी लोकेशन गुरुग्राम में मिलने पर सब-इंस्पेक्टर हर स्वरूप शर्मा चार कांस्टेबलों की टीम लेकर सीधे गुरुग्राम के सेक्टर-14 स्थित एक मकान पर जा धमके। इस दौरान स्थानीय गुरुग्राम पुलिस भी उनके साथ मौजूद रही।
छापेमारी के दौरान गैंगस्टर ने की खुदकुशी
घटना ने उस वक्त गंभीर मोड़ ले लिया जब मकान में मौजूद टिसोत्रा निवासी गैंगस्टर डिकेंद्र पाल (24) को पुलिस टीम की मौजूदगी का एहसास हुआ। बताया जा रहा है कि पकड़े जाने के डर से उसने खुद को गोली मार ली, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हालांकि इस पूरी कार्रवाई में जिस आरोपी पंकज की तलाश थी, उसे गिरफ्तार करने में पुलिस टीम कामयाब रही।
एसपी बिश्नोई का सख्त एक्शन
गैंगस्टर की मौत के बाद यह बात सामने आई कि दूसरे राज्य में इस तरह की संवेदनशील कार्रवाई को अंजाम देने से पहले पुलिस टीम ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को कोई सूचना नहीं दी थी। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए एसपी केके बिश्नोई ने शनिवार को सब-इंस्पेक्टर हर स्वरूप शर्मा समेत पांचों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। पुलिस विभाग ने साफ किया है कि पूरे मामले की जांच जारी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। यह घटना एक बार फिर इस बात को रेखांकित करती है कि राज्य की सीमा से बाहर किसी भी ऑपरेशन के लिए संबंधित प्रोटोकॉल और अधिकारियों को सूचना देना कितना जरूरी है।


