Ram Mandir Donation Scam Allegations: अयोध्या के राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे और दान राशि को लेकर पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह के आरोपों ने एक नई बहस छेड़ दी है। राजस्थान के निवासी और पूर्व बैंक अधिकारी महिपाल सिंह ने विभिन्न यूट्यूब चैनलों को दिए इंटरव्यू में दावा किया है कि मंदिर में दान राशि की गणना और प्रबंधन के दौरान गंभीर वित्तीय अनियमितताएं होती रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक किसी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं हुई है और न ही ट्रस्ट की ओर से इस विषय पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।
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दान गिनती प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप
Ram Mandir Donation Scam Allegations मामले को लेकर महिपाल सिंह के अनुसार उन्हें जनवरी 2021 से मार्च-अप्रैल 2022 तक राम मंदिर परिसर में लेखा प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्होंने बताया कि मंदिर में आने वाले नकद दान की गणना के लिए विशेष कक्ष बनाया गया था, जहां सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कर्मचारियों द्वारा नोटों की गिनती की जाती थी।
उनका दावा है कि दो बैंक कर्मचारियों और ट्रस्ट द्वारा नियुक्त लगभग 14 कर्मचारियों की टीम नोटों की छंटाई और गिनती का कार्य करती थी। गिनती के बाद नोटों की गड्डियां तैयार कर उन्हें दस-दस के बंडल में रखा जाता था। महिपाल का आरोप है कि कई बार इन बंडलों में 10 के स्थान पर 12 या 13 गड्डियां रखी जाती थीं, जबकि रिकॉर्ड और वाउचर केवल 10 गड्डियों के आधार पर तैयार किए जाते थे।
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पांच लाख रुपये अतिरिक्त मिलने का दावा
Ram Mandir Donation Scam Allegations को लेकर पूर्व लेखा प्रभारी का कहना है कि एक बार उन्हें संदेह हुआ तो उन्होंने नोटों से भरे बॉक्स की दोबारा जांच करवाई। जांच में कथित रूप से लगभग पांच लाख रुपये अतिरिक्त पाए गए। उनका आरोप है कि इसी प्रकार अतिरिक्त रखी गई गड्डियां बाद में बाहर निकाल ली जाती थीं और उनका बंटवारा किया जाता था।
महिपाल सिंह का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों को जानकारी दी थी, लेकिन आरोपित लोगों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके विपरीत उन्हें ही जिम्मेदारी से हटा दिया गया।
सीसीटीवी फुटेज हटाने का भी आरोप (Ram Mandir Donation Scam Allegations)
महिपाल सिंह ने यह भी दावा किया कि उनके हटाए जाने से पहले पिछले सात से आठ महीनों के सीसीटीवी फुटेज डिलीट कर दिए गए थे। उनका कहना है कि यदि इन फुटेज की जांच होती तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते थे। हालांकि इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
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सोना-चांदी के दान पर उठाए सवाल (Ram Mandir Donation Scam Allegations)
पूर्व लेखा प्रभारी ने नकद दान के अलावा सोना, चांदी और अन्य कीमती धातुओं के दान को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए आभूषण और अन्य मूल्यवान वस्तुएं अलग-अलग दान पात्रों में जमा होती थीं, जिन्हें बाद में एक बड़े कंटेनर में रखा जाता था।
महिपाल का आरोप है कि इस सामग्री का पूरा लेखा-जोखा उन्हें कभी नहीं दिखाया गया। उन्होंने दावा किया कि इन दानों की आंतरिक स्तर पर कोई नियमित रसीद या रिकॉर्डिंग प्रक्रिया दिखाई नहीं देती थी। हालांकि कार्यालय में सीधे जमा होने वाले दान की विधिवत रसीद जारी की जाती थी।
जांच हुई तो सहयोग को तैयार (Ram Mandir Donation Scam Allegations)
महिपाल सिंह ने कहा है कि यदि किसी सरकारी एजेंसी या स्वतंत्र संस्था द्वारा इस पूरे मामले की जांच कराई जाती है तो वह पूरा सहयोग देने को तैयार हैं। उन्होंने कुछ अन्य व्यक्तियों पर भी कथित वित्तीय अनियमितताओं और धन उगाही के आरोप लगाए हैं।
हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये सभी आरोप फिलहाल महिपाल सिंह के व्यक्तिगत दावों पर आधारित हैं। अभी तक किसी जांच एजेंसी ने इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है और संबंधित पक्षों की ओर से भी विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राम मंदिर देश की करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में दान और चढ़ावे से जुड़े किसी भी आरोप की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच आवश्यक मानी जा रही है। फिलहाल महिपाल सिंह द्वारा लगाए गए आरोप चर्चा का विषय बने हुए हैं, लेकिन सत्यता का अंतिम निर्धारण किसी आधिकारिक जांच और प्रमाणित तथ्यों के आधार पर ही संभव होगा।




