Meerut News : मेरठ जिले में कुछ दिनों पहले 44वीं वाहिनी पीएसी के प्रभारी दलनायक ने पीएसी के जवान को काम में लगातार लापरवाही बरतने पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। जिसके बाद PAC के जवान ने अपने अफसर को नोटिस के जवाब में जो लिखी उसे पढ़ अफसरों के होश उड़ गए। जवान नोटिस में लिखता है कि पत्नी से विवाद चल रहा है। सपने में मेरी पत्नी छाती पर बैठ जाती है। मेरा लहू पीने का प्रयास करती है। इसलिए मैं रात में सो नहीं पाता हूं। इसी कारण से मैं ऑफिस समय से नहीं पहुंच पाया। मुझे भगवान की शरण में जाने का रास्ता बताएं, ताकि मुझे सारे दुखों से मुक्ति मिल सके। मेरी जीने की शक्ति खत्म हो चुकी है। जिस कारण से मैं अपने आप को भगवान के चरण में समर्पित करना चाहता हूं। जिसके बाद अब जवान का ये नोटिस सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
Meerut News : अब पढ़े पूरा मामला
दरअसल, मेरठ में 44वीं वाहिनी पीएसी के प्रभारी दलनायक ने काम में लगातार लापरवाही बरतने पर पीएसी के जवान से जवाब-तलब किया गया। 16 फरवरी को सुबह 9 बजे प्रभारी दलनायक द्वारा ड्यूटी के संबंध में ब्रीफ किया जा राह था, वहां ब्रीफिंग में आप देरी से पहुंचे। जबकि समय पहले से ही बता दिया गया था। आपकी शेविंग भी नहीं बनी हुई थी। वर्दी का टर्नआउट अच्छा नहीं था। अक्सर देखा गया है कि आप दल के सामूहिक कार्यों एवं गणना में देर से पहुंचते हैं। जो आपका सरकारी कार्यों में रुचि न लेना परिलक्षित करता है। आपका यह कृत्य कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही को परिलक्षित करता है। जो कि PAC जैसे अनुशासित बल में घोर अनुशासनहीनता एवं स्वेच्छाचारिता का द्योतक है। ऐसा क्यों? इंचार्ज ने नोटिस जारी कर एक दिन के अंदर जवाब मांगा। लिखा- अपना जवाब दें ताकि आपके विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जा सके।

Meerut News : जवान ने दिया जवाब
जवान ने जवाब में लिखा कि प्रार्थी का 16 फरवरी को ब्रीफिंग में देर से पहुंचने का कारण यह है कि प्रार्थी को रात्रि में नींद नहीं आती है। उसका अपनी पत्नी से विवाद चल रहा है। पत्नी मुझे सपने में जान से मारने की नीयत से मेरी छाती के ऊपर बैठकर मेरा लहू पीने का प्रयास करती है। जिस कारण प्रार्थी रात में सो नहीं पाता। इसके चलते 16 फरवरी को समय से नहीं पहुंच पाया था। प्रार्थी की डिप्रेशन व चिड़चिड़ापन की दवाई चल रही है। मेरी माताजी को नसों की बीमारी है। इसी वजह से मुझे काफी आघात है।
प्रार्थी की जीने की शक्ति खत्म हो चुकी है। जिस कारण अपने आप को भगवान के चरण में समर्पण करना चाहता है। महादेय से हाथ जोड़कर विनम्र अनुरोध है कि प्रार्थी को भगवान की शरण तक पहुंचने का रास्ता बताने की कृपा करें। जिससे प्रार्थी अपने सारे दुख से मुक्ति पा सके।



