Kashi Vishwanath Temple: महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर Kashi Vishwanath Temple पूरी तरह शिवमय हो गया। आधी रात के बाद से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और तड़के मंगला आरती के बाद बाबा विश्वनाथ के कपाट आम भक्तों के लिए खोल दिए गए। मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा और प्रशासन की ओर से पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। इस बार भीड़ का अनुमान लाखों में है, जिसके चलते विशेष सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन व्यवस्था लागू की गई है।
मंगला आरती के बाद खुले कपाट
Kashi Vishwanath Temple में मंगला आरती प्रातः 2:15 बजे पूजा के साथ आरंभ हुई और 3:15 बजे संपन्न हुई। इसके तुरंत बाद 3:30 बजे से मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। Kashi Vishwanath Temple में कपाट खुलते ही हजारों भक्तों ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए। मंदिर प्रशासन ने परंपरागत ढंग से पुष्प वर्षा कर भक्तों का अभिनंदन किया, जिससे वातावरण और भी भक्ति भाव से भर गया।
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तीन किलोमीटर लंबी कतार, जिग-जैग सिस्टम से प्रबंधन
महाशिवरात्रि के मौके पर देर रात से ही श्रद्धालुओं की कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। सुबह तक यह लाइन करीब तीन किलोमीटर तक फैल गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर प्रशासन ने जिग-जैग बैरिकेडिंग सिस्टम लागू किया है। Kashi Vishwanath Temple में चारों प्रवेश द्वारों से श्रद्धालुओं को गर्भगृह तक पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि बेहतर व्यवस्था के चलते एक घंटे के भीतर दर्शन संभव हो पा रहे हैं। भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त पुलिस बल, स्वयंसेवक और सीसीटीवी निगरानी की भी व्यवस्था की गई है।
VVIP पास पर 48 घंटे की रोक
मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि महाशिवरात्रि के अवसर पर अगले 48 घंटे तक सभी प्रकार के VVIP और विशेष पास रद्द रहेंगे। केवल झांकी दर्शन की व्यवस्था लागू की गई है। Kashi Vishwanath Temple में यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि आम श्रद्धालुओं को बिना किसी बाधा के दर्शन का अवसर मिल सके। प्रशासन का कहना है कि यह कदम भीड़ के दबाव को संतुलित करने और सुरक्षा बनाए रखने के लिए जरूरी है।
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45 घंटे तक अनवरत झांकी दर्शन
इस वर्ष महाशिवरात्रि पर 45 घंटे तक लगातार झांकी दर्शन की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालु दिन-रात किसी भी समय दर्शन कर सकते हैं। Kashi Vishwanath Temple में विशेष सजावट की गई है। मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों और रोशनी से सजाया गया है, जिससे आध्यात्मिक वातावरण और भी दिव्य हो गया है। भक्तों का कहना है कि बाबा के दरबार में पहुंचकर उन्हें अद्भुत शांति और ऊर्जा का अनुभव हो रहा है।
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महाशिवरात्रि की आरतियों का पूरा शेड्यूल
मंदिर प्रशासन ने महाशिवरात्रि पर्व के लिए आरतियों की विस्तृत समय-सारिणी जारी की है:
1. मंगला आरती
- प्रातः 02:15 बजे पूजा आरंभ
- प्रातः 03:15 बजे मंगला आरती
- प्रातः 03:30 बजे मंदिर दर्शन हेतु खोला गया
2. मध्याह्न भोग आरती
- प्रातः 11:40 बजे पूजा आरंभ
- दोपहर 12:20 बजे पूजा संपन्न
3. चारों प्रहर की आरती
प्रथम प्रहर:
- रात्रि 09:30 बजे शंखनाद
- रात्रि 10:00 बजे आरती आरंभ
- रात्रि 12:30 बजे समापन (झांकी दर्शन जारी)
द्वितीय प्रहर:
- रात्रि 01:30 बजे आरती आरंभ
- रात्रि 02:30 बजे समापन
तृतीय प्रहर:
- प्रातः 03:30 बजे आरंभ
- प्रातः 04:30 बजे समापन
चतुर्थ प्रहर:
- प्रातः 05:00 बजे आरंभ
- प्रातः 06:15 बजे समापन
इन सभी प्रहरों के दौरान झांकी दर्शन सतत जारी रहेगा।
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शिवमय हुई काशी, आस्था का अद्भुत दृश्य
महाशिवरात्रि पर काशी की गलियां, घाट और मंदिर परिसर पूरी तरह शिवमय हो गए हैं। देश-विदेश से आए श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए उमड़े हुए हैं।Kashi Vishwanath Temple का यह दृश्य न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सांस्कृतिक एकता का भी संदेश देता है। प्रशासन का कहना है कि सभी इंतजाम सुचारु रूप से संचालित किए जा रहे हैं और श्रद्धालुओं से शांति एवं सहयोग बनाए रखने की अपील की गई है। बाबा विश्वनाथ के दरबार में उमड़ा यह आस्था का सागर महाशिवरात्रि को और भी दिव्य बना रहा है।
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