India Hydrogen Train: भारत जल्द ही रेलवे के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने जा रहा है। देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन (India Hydrogen Train)अब ट्रायल रन के लिए पूरी तरह तैयार है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना भारतीय रेलवे के ग्रीन मोबिलिटी मिशन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य प्रदूषण कम करना और भविष्य की टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना है। अधिकारियों के अनुसार, यह पायलट प्रोजेक्ट अपने अंतिम चरण में है और बहुत जल्द पटरियों पर दौड़ता नजर आएगा।
कहां चलेगी भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन (India Hydrogen Train)?
पायलट फेज में यह अत्याधुनिक हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा में जिंद से सोनीपत के बीच गोहाना होते हुए चलाई जाएगी। यह रूट रणनीतिक रूप से चुना गया है, जहां तकनीकी परीक्षण और परिचालन क्षमता को परखा जा सके। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 26 जनवरी 2026 को इसका ट्रायल रन शुरू होने की संभावना है, हालांकि अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

Read More: Aadhaar अपडेट नहीं किया तो YONO ऐप होगा ब्लॉक? PIB Fact Check ने बताया पूरा सच
पूरी तरह स्वदेशी डिजाइन और निर्माण
भारत की यह पहली हाइड्रोजन ट्रेन पूरी तरह मेक इन इंडिया पहल का उदाहरण है। ट्रेन के सभी 10 कोच चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में डिजाइन और निर्मित किए गए हैं। इसमें 2 ड्राइविंग पावर कार, 8 पैसेंजर कोच शामिल हैं।
यह दुनिया की सबसे लंबी ब्रॉड गेज (5 फीट 6 इंच) हाइड्रोजन ट्रेनों में से एक होगी, जो भारत की इंजीनियरिंग क्षमता को वैश्विक स्तर पर स्थापित करती है।
India Hydrogen Train: चीन और जर्मनी से भी ज्यादा ताकतवर
हालांकि जर्मनी और चीन में पहले से हाइड्रोजन ट्रेनें चल रही हैं, लेकिन भारत की यह ट्रेन कई मामलों में उनसे आगे है।
- ट्रेन में दो पावर कार दी गई हैं
- कुल 2,400 kW की पावर जनरेट होती है
- इसे दुनिया की सबसे ताकतवर हाइड्रोजन ट्रेनों में गिना जा रहा है
यह क्षमता तेज एक्सेलेरेशन और स्मूद ऑपरेशन सुनिश्चित करती है।
ग्रीन हाइड्रोजन से चलेगी ट्रेन
इस ट्रेन को ऊर्जा देने के लिए जिंद में अत्याधुनिक हाइड्रोजन प्लांट तैयार किया गया है।
- प्लांट की स्टोरेज क्षमता: 3,000 किलो हाइड्रोजन
- पानी से इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया के जरिए ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन
- 11 kV की स्थिर बिजली सप्लाई और मजबूत बैकअप सिस्टम
हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हुए निर्बाध संचालन पर विशेष जोर दिया है।
India Hydrogen Train: रूट, स्पीड और टिकट किराया
अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन की ऑपरेशनल स्पीड 110 किमी/घंटा तय की गई है।
- ट्रायल रन सफल होने के बाद कमर्शियल ऑपरेशन शुरू होगा
- टिकट बुकिंग और टाइमटेबल बाद में घोषित किए जाएंगे
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संभावित टिकट किराया 5 से 25 रुपये के बीच हो सकता है, जिससे यह आम यात्रियों के लिए भी किफायती साबित होगी।
Also Read : Railway Apprentice Bharti 2025: दक्षिण रेलवे दे रही है अप्रेंटिसशिप का मौका, मिलेगा इतना स्टाइपेंड
हाइड्रोजन ट्रेन की खास खूबियां
- मेट्रो जैसी आधुनिक डिजाइन
- हर कोच में दोनों तरफ दो-दो ऑटोमैटिक दरवाजे
- बेहद कम शोर, आरामदायक सफर
- AC, लाइट्स और पंखों की सुविधा
- 360 किलो हाइड्रोजन से करीब 180 किमी की रेंज
- दोनों सिरों पर पावर इंजन, बेहतर बैलेंस और स्पीड
- पूरी तरह जीरो कार्बन एमिशन
संसद में क्या कहा गया?
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया कि यह परियोजना RDSO मानकों के तहत विकसित की गई है। उन्होंने कहा कि ट्रेन-सेट का निर्माण पूरा हो चुका है और हाइड्रोजन प्लांट भी तैयार है। पैसेंजर क्षमता, टिकट किराया और कमर्शियल लॉन्च की तारीख ट्रायल और कमीशनिंग के बाद तय की जाएगी।
भारत के भविष्य की झलक
इस पायलट प्रोजेक्ट के साथ भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा, जो हाइड्रोजन रेल तकनीक पर सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं। डीजल DEMU को हाइड्रोजन तकनीक से बदलना भारत की स्वदेशी इंजीनियरिंग और हरित भविष्य की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
ये भी पढ़ें : पंजाब में छिपा है 3100 करोड़ का खजाना! कहीं आपका या परिवार का पैसा RBI के पास तो नहीं? ऐसे करें तुरंत चेक



