By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
LokhitkrantiLokhitkrantiLokhitkranti
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Reading: महादेव की पूजा लिंग रूप में क्यों होती है? जानें इसके पीछे का गहरा रहस्य
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
LokhitkrantiLokhitkranti
Search
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Have an existing account? Sign In
Follow US
Lokhitkranti > Blog > धर्म कर्म > महादेव की पूजा लिंग रूप में क्यों होती है? जानें इसके पीछे का गहरा रहस्य
धर्म कर्म

महादेव की पूजा लिंग रूप में क्यों होती है? जानें इसके पीछे का गहरा रहस्य

Rupam
Last updated: 2026-02-11 6:27 अपराह्न
Rupam Published 2026-02-11
Share
Mahadev worshipped
महादेव की पूजा लिंग रूप में क्यों होती है? जानें इसके पीछे का गहरा रहस्य
SHARE

Why Mahadev Worshiped in Ling: महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र पर्व है, जिसे भगवान शिव की आराधना और उपासना के लिए मनाया जाता है। यह पर्व फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को आता है और पूरे देश में भक्त बड़े उत्साह के साथ इसे मनाते हैं। इस दिन भक्त शिवलिंग का विधिपूर्वक पूजन करते हैं, व्रत रखते हैं और शिवजी के गुणों का स्मरण करते हैं।

Contents
साकार और निराकार रूपशिवलिंग की पूजा के पिछे क्या है रहस्यवेदों और शास्त्रों में शिवलिंग का महत्वशिवलिंग की उत्पत्तिधार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

इस साल यानी 2026 में शिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जाएगी। इस बीच आज हम आपको शिवलिंग के बारे में कुछ विशेष बाते बताने जा रहे हैं जिसे हर सनातनी को जरूर जानना चाहिए तो चलिए जानते हैं।

साकार और निराकार रूप

हिंदू धर्म में भगवान शिव को साकार और निराकार रूप दोनों में पूजा जाता है, लेकिन विशेषकर शिवलिंग के रूप में उनकी पूजा का महत्व बहुत अधिक है। महाशिवरात्रि, सावन के महीने, प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि पर भक्त विधिपूर्वक शिवलिंग का जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करते हैं। यह पूजा न केवल धार्मिक कृत्य है बल्कि इसे आध्यात्मिक शक्ति का स्रोत माना जाता है।

शिवलिंग की पूजा के पिछे क्या है रहस्य

शिवलिंग के पीछे छिपे रहस्यों को जानना हर भक्त के लिए महत्वपूर्ण है। (Why Mahadev Worshiped in Ling) वेदों और पुराणों के अनुसार, शिवलिंग भगवान शिव के निराकार रूप का प्रतीक है। यह न केवल अनंत ब्रह्मांड का प्रतिनिधित्व करता है, बल्कि समस्त जगत की उत्पत्ति और पालन का केंद्र भी है।

Why Mahadev Worshiped in Ling
Why Mahadev Worshiped in Ling

वेदों और शास्त्रों में शिवलिंग का महत्व

वेदों के अनुसार, सम्पूर्ण ब्रह्मांड में भगवान शिव ही ऐसे देवता हैं जिनकी पूजा लिंग के रूप में होती है। (Why Mahadev Worshiped in Ling) लिंग रूप में पूजा इसलिए की जाती है क्योंकि शिव स्वयं समस्त जगत के मूल कारण हैं। उन्हें आदि और अंत का देवता माना जाता है, उनका कोई निश्चित रूप या आकार नहीं है।

भगवान शिव का साकार रूप शंकर है, जबकि निराकार रूप शिवलिंग है। शिवलिंग को निराकार ब्रह्म का प्रतीक माना जाता है। वायु पुराण में वर्णन है कि हर युग के प्रलय के बाद संसार इसी शिवलिंग में समाहित होकर पुनः सृजित होता है।

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि व्रत रखने से पहले जान लें ये जरूरी नियम, वरना नहीं मिलेगा पूरा फल

शिवलिंग की उत्पत्ति

पुराणों में एक कथा के अनुसार, ब्रह्मा जी और विष्णु जी के बीच श्रेष्ठता को लेकर विवाद हुआ। तभी अचानक एक अनंत लिंग प्रकट हुआ। दोनों देवताओं ने इसके छोर को खोजने की कोशिश की, लेकिन हजारों वर्षों बाद भी इसका स्रोत नहीं मिला। जब ब्रह्मा जी ने प्रकाश स्तंभ से पूछा, तो उत्तर आया कि यह शिव हैं।

इस लिंग से सभी जीव और स्रोत उत्पन्न हुए। इसके बाद भगवान शिव ने निराकार रूप में शिवलिंग के रूप में प्रतिष्ठित होकर ब्रह्मांड के मूल स्वरूप का प्रतीक बनना स्वीकार किया। (Why Mahadev Worshiped in Ling) ब्रह्मा और विष्णु ने सबसे पहले इस शिवलिंग की पूजा की, और तभी से यह पूजा की परंपरा शुरू हुई।

इस लिंग से सभी जीव और स्रोत उत्पन्न हुए और भगवान शिव ने निराकार रूप में शिवलिंग के रूप में प्रतिष्ठित होकर ब्रह्मांड के मूल स्वरूप का प्रतीक बनना स्वीकार किया।

Thursday Rules: सावधान! गुरुवार के दिन भूलकर भी न करें ये 3 काम वरना बढ़ सकती हैं आपकी परेशानियां!

धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

शिवलिंग पर जल चढ़ाने मात्र से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों को आशीर्वाद देते हैं। (Why Mahadev Worshiped in Ling) यह पूजा व्यक्ति के जीवन में शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करती है। शिवलिंग का पूजन केवल धार्मिक कृत्य नहीं, बल्कि ब्रह्मांड और जीवन के गहरे रहस्यों से जुड़ा हुआ आध्यात्मिक अनुभव है।

You Might Also Like

Holika Dahan 2026: होलिका दहन 2026 की असली तारीख क्या है? 2 या 3 मार्च के कन्फ्यूजन पर शास्त्रों का साफ जवाब

Thursday Rules: सावधान! गुरुवार के दिन भूलकर भी न करें ये 3 काम वरना बढ़ सकती हैं आपकी परेशानियां!

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि व्रत रखने से पहले जान लें ये जरूरी नियम, वरना नहीं मिलेगा पूरा फल

Jyotirling Darshan Bharat Gaurav Train: शिवभक्तों के लिए सुनहरा अवसर, भागलपुर से चलेगी भारत गौरव ट्रेन, 9 दिन में 4 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन

Basant Panchmi 2026: आज बसंत पंचमी पर बच्चों से लिखवाएं पहला अक्षर, मां सरस्वती बदल देंगी भविष्य!

TAGGED:Lord Shiva Worshipmahadev worshiped in lingshivling meaningshivling pooja importanceshivling puja reasonsignificance of shivlingwhy worship shivling
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
Tumbler Ridge School Shooting
अंतर्राष्ट्रीय

Canada Crime News: टम्बलर रिज में खून से सना स्कूल, कनाडा की धरती पर गूंजी गोलियां, 9 की मौत, 27 घायल

ShreeJi ShreeJi 2026-02-11
8th Pay Commission Update 2026: 8वें वेतन आयोग पर बड़ा अपडेट, गठन पूरा, रिपोर्ट 2027 में संभव-कर्मचारियों ने तेज़ की तैयारी
Old HDMI Cable Smart TV:  महंगा टीवी, लेकिन सस्ती गलती! पुरानी HDMI केबल कर सकती है पूरा एक्सपीरियंस खराब, जानिए क्यों और कैसे?
DRDO ISSA Apprentice Recruitment 2026: बिना परीक्षा सरकारी संस्थान में ट्रेनिंग का सुनहरा मौका, जानें कुल कितने पद और किन विषयों में भर्ती?
Gold Price: घरेलू वायदा बाजार में दबाव, सोना ₹1.5 लाख से नीचे, चांदी में भी बड़ी गिरावट
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

  • ताज़ा खबरे
  • बॉलीवुड
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • धर्म कर्म
  • वायरल
  • बिज़नेस

About US

लोकहित क्रांति न्यूज़ एक निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित को समर्पित डिजिटल समाचार मंच है। हमारा उद्देश्य देश–दुनिया की ताज़ा, सटीक और प्रमाणिक ख़बरें आप तक तेज़ी से पहुँचाना है।
Quick Link
  • About Us
  • Contact Us
  • Terms and Condition
  • DNPA Code of Ethics
Must Read
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Grievance Redressal Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Copyrights © Lokhit Kranti. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?