पूरे राज्य में एक साथ बंद रहेंगे दफ्तर
पंजाब के सरकारी कर्मचारियों ने 27 अगस्त को पूरे राज्य में हड़ताल का ऐलान कर दिया है। पंजाब सांझा मुलाजिम मंच के नेता सुखचैन सिंह खैरा के मुताबिक इस दिन डिप्टी कमिश्नर दफ्तर, एसडीएम दफ्तर, राजस्व विभाग और ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट समेत सभी सरकारी दफ्तरों में काम पूरी तरह ठप रहेगा। यह पंजाब कर्मचारी हड़ताल स्वास्थ्य विभाग, स्कूल-कॉलेज स्टाफ और पेंशनर्स के समर्थन के साथ राज्यव्यापी रूप लेने जा रही है, जिससे आम जनता के रोजमर्रा के सरकारी काम भी प्रभावित हो सकते हैं।
हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद DA अटका, भड़के कर्मचारी
कर्मचारियों का आरोप है कि पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद राज्य सरकार 18 प्रतिशत DA की किस्तें और बकाया राशि जारी करने में लगातार विफल रही है। यही वजह है कि अब कर्मचारी सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं। उनकी प्रमुख मांगों में लंबित 18 प्रतिशत DA का तुरंत भुगतान, ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) की बहाली और कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित करना शामिल है।
मिड-डे मील, आशा और आंगनवाड़ी वर्कर्स की भी मांग शामिल
हड़ताल की सूची में सिर्फ नियमित कर्मचारी ही नहीं, बल्कि मिड-डे मील वर्कर्स, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं जैसे कमजोर वर्ग के कर्मचारी भी शामिल हैं, जो न्यूनतम वेतन लागू करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा ACP (एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन) योजना बहाल करने और 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों के लिए पंजाब पे-स्केल लागू करने की मांग भी उठाई गई है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार से बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद उनकी मांगें अब तक अनसुनी रही हैं।
7 अगस्त को भी हुआ था बड़ा प्रदर्शन, वॉटर कैनन तक चला था
सुखचैन सिंह खैरा ने बताया कि कर्मचारी अपनी मांगों को मनवाने के लिए जिला मुख्यालयों पर रैलियां करेंगे। गौरतलब है कि इससे पहले 7 अगस्त को भी पंजाब कर्मचारी हड़ताल का बड़ा रूप देखने को मिला था, जब चंडीगढ़ के सेक्टर-39 स्थित दाना मंडी ग्राउंड में हजारों कर्मचारी और पेंशनर्स इकट्ठा हुए थे। उस दौरान कर्मचारियों ने AAP सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद चंडीगढ़ पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर वॉटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। अमृतसर से आई कई नर्सें वॉटर कैनन चलने के बावजूद प्रदर्शन स्थल पर डटी रहीं।


