उत्तर प्रदेश के झांसी शहर से एक हादसे की खबर सामने आई है, जहां झांसी मकान गिरने हादसा होने से एक पति-पत्नी मलबे में दब गए। सोमवार सुबह हुए इस हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई, हालांकि पुलिस की फुर्ती से दोनों को समय रहते बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचा दिया गया।
कोतवाली क्षेत्र की चूड़ी वाली गली में हुआ हादसा
यह घटना झांसी के कोतवाली थाना क्षेत्र की चूड़ी वाली गली की है। यहां रहने वाले मुकेश हयारण टाइपिंग का काम करते हैं। सोमवार सुबह वह अपनी पत्नी श्रीमती सरोज के साथ अपने घर में मौजूद थे। तभी अचानक उनके मकान का पिछला हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा। झांसी मकान गिरने हादसा होने की वजह से मुकेश और उनकी पत्नी दोनों मलबे में दब गए।
तीन दिन से हो रही बारिश बनी हादसे की वजह
बताया जा रहा है कि पिछले तीन दिनों से झांसी में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही थी। मुकेश के मकान का जो हिस्सा गिरा, वह कच्चा बना हुआ था। लगातार हो रही बारिश की वजह से यह हिस्सा कमजोर पड़ गया और सोमवार सुबह अचानक जमींदोज हो गया। मलबे में दबते ही घर से चीख-पुकार की आवाजें आने लगीं, जिसे सुनकर आस-पास के लोग तुरंत मौके की तरफ दौड़े।
स्थानीय लोगों ने दी पुलिस को सूचना
चीख-पुकार सुनकर इकट्ठा हुए पड़ोसियों ने बिना देर किए इस हादसे की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई। झांसी मकान गिरने हादसा में फंसे पति-पत्नी को बाहर निकालने के लिए पुलिस टीम ने भारी मशक्कत की। कड़ी मेहनत के बाद आखिरकार मलबे में दबे मुकेश और उनकी पत्नी सरोज को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
पुलिस ने अपने वाहन से पहुंचाया अस्पताल
मलबे से निकालने के तुरंत बाद पुलिस ने घायल दंपती को समय बर्बाद किए बिना अपने वाहन में बैठाया और नजदीकी अस्पताल के लिए रवाना हो गई। पुलिस की त्वरित कार्रवाई की वजह से दोनों को समय पर इलाज मिल सका। स्थानीय निवासियों ने पुलिस की इस तत्परता की सराहना की है। इलाके में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए लोगों ने प्रशासन से कच्चे और जर्जर मकानों की जांच कर एहतियाती कदम उठाने की मांग की है, ताकि आने वाले दिनों में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।


