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Lokhitkranti > पंजाब > Attari Border Retreat Ceremony Time: अटारी बॉर्डर रिट्रीट सेरेमनी का समय बदला, पर्यटकों के लिए समय पर पहुंचना जरूरी
पंजाब

Attari Border Retreat Ceremony Time: अटारी बॉर्डर रिट्रीट सेरेमनी का समय बदला, पर्यटकों के लिए समय पर पहुंचना जरूरी

Gajendra Singh Tanwar
Last updated: 2026-02-17 12:43 पूर्वाह्न
Gajendra Singh Tanwar Published 2026-02-17
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Attari Border Retreat Ceremony Time
Attari Border Retreat Ceremony Time: अटारी बॉर्डर रिट्रीट सेरेमनी का समय बदला, पर्यटकों के लिए समय पर पहुंचना जरूरी
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Attari Border Retreat Ceremony Time: भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित अटारी बॉर्डर की प्रतिदिन आयोजित होने वाली रिट्रीट सेरेमनी का समय 16 फरवरी 2026 से बदल दिया गया है। अटारी बॉर्डर के प्रोटोकॉल अधिकारी अरुण माहल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि परेड का समय सूर्यास्त के अनुसार घटता-बढ़ता रहता है, इसलिए हर साल इसे मौसम और दिन की रोशनी के अनुसार संशोधित किया जाता है। पहले यह समारोह शाम साढ़े चार बजे से पांच बजे तक आयोजित होता था। नए शेड्यूल के अनुसार अब रिट्रीट परेड (Attari Border Retreat Ceremony Time) शाम पांच बजे से साढ़े पांच बजे तक संपन्न होगी।

Contents
पर्यटकों के लिए समय पर पहुंचना जरूरीपरिवार और मेहमानों के लिए यादगार अनुभवरिट्रीट सेरेमनी – आकर्षण का केंद्रमौसम और दिन की रोशनी के अनुसार बदलावआने वाले पर्यटकों के लिए सुझाव

पर्यटकों के लिए समय पर पहुंचना जरूरी

अरुण माहल ने देश-विदेश से आने वाले सभी पर्यटकों से अपील की कि वे समय से पहले अटारी बॉर्डर पहुंचें। उन्होंने बताया कि समय पर पहुंचने से प्रवेश, बैठने और सुरक्षा संबंधित औपचारिकताओं में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। उन्होंने समझाया कि पर्यटक दोपहर करीब तीन बजे तक बॉर्डर पर अपनी विज़िट पूरी कर लें, ताकि बीएसएफ और पाक रेंजर्स द्वारा आयोजित भव्य रिट्रीट परेड (Attari Border Retreat Ceremony Time) को पूरे उत्साह और जोश के साथ देखा जा सके।

Read More: ‘10 लाख तक मुफ्त इलाज, एक भी पैसा नहीं लगेगा’- मुख्यमंत्री सेहत योजना को लेकर सीएम मान का बड़ा संदेश

परिवार और मेहमानों के लिए यादगार अनुभव

अरुण माहल ने कहा कि रिट्रीट सेरेमनी परिवारों और मेहमानों के लिए एक यादगार अनुभव होती है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और प्रशासन का सहयोग करें, ताकि देशभक्ति से भरपूर यह समारोह शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

रिट्रीट सेरेमनी – आकर्षण का केंद्र

अटारी बॉर्डर रिट्रीट सेरेमनी (Attari Border Retreat Ceremony Time) अपने देशभक्ति और भव्यता के कारण पर्यटकों के बीच बहुत लोकप्रिय है। यह समारोह न केवल सैन्य अनुशासन और परेड कौशल को प्रदर्शित करता है, बल्कि दोनों देशों के सैनिकों के मध्य एक प्रतीकात्मक सम्मान और सहयोग का संदेश भी देता है। परेड में बीएसएफ और पाक रेंजर्स की समानान्तर मार्चिंग, झंडा समर्पण और तिरंगे की अद्भुत झलक देखने को मिलती है। इस समारोह की भव्यता और उत्साह को देखना हर पर्यटक के लिए एक अनूठा अनुभव बन जाता है।

मौसम और दिन की रोशनी के अनुसार बदलाव

अटारी बॉर्डर पर रिट्रीट सेरेमनी का समय हर साल मौसम, सूर्यास्त और दिन की लंबाई को ध्यान में रखकर बदला जाता है। इससे परेड (Attari Border Retreat Ceremony Time) की सुव्यवस्थित और नियमित रूप से आयोजन सुनिश्चित होता है। अरुण माहल ने कहा कि यह बदलाव पर्यटकों और सैनिक दोनों के लिए सुविधाजनक और सुरक्षित है।

आने वाले पर्यटकों के लिए सुझाव

  • समय पर पहुंचना – कम से कम दो घंटे पहले
  • सुरक्षा नियमों का पालन
  • बच्चों और बुजुर्गों के साथ आने वाले पर्यटक सुरक्षित स्थानों पर बैठें
  • मोबाइल और कैमरा सेटिंग्स तैयार रखें ताकि परेड का पूरा आनंद लिया जा सके

अटारी बॉर्डर पर रिट्रीट सेरेमनी केवल एक सैन्य परेड नहीं है, बल्कि यह देशभक्ति और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक भी है। समय पर पहुंचने और सुरक्षा नियमों का पालन करने से पर्यटक इस भव्य समारोह को पूरी तरह से अनुभव कर सकते हैं। इस बदलाव (Attari Border Retreat Ceremony Time) के साथ, पर्यटक सुनिश्चित कर सकते हैं कि उनका अनुभव सुरक्षित, आनंददायक और यादगार बने।

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