Pavel Durov Reaction Telegram Ban: नीट-UG 2026 री-एग्जाम से पहले भारत सरकार द्वारा मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram पर लगाई गई अस्थायी रोक अब अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गई है। एक तरफ राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) इसे परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बता रही है, तो दूसरी ओर Telegram के संस्थापक और CEO Pavel Durov ने इस फैसले की खुलकर आलोचना की है।
सरकार ने 16 जून से 22 जून 2026 तक Telegram की सेवाओं पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। यह कार्रवाई उन फर्जी संदेशों, कथित पेपर लीक दावों और परीक्षा से जुड़े भ्रम फैलाने वाले नेटवर्क पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई है, जो NEET-UG 2026 री-एग्जाम से पहले सक्रिय बताए जा रहे थे। इस फैसले का असर देशभर के करोड़ों Telegram यूजर्स पर पड़ा है।(Pavel Durov Reaction Telegram Ban)
Telegram पर रोक को लेकर क्या बोले Pavel Durov?
Telegram के संस्थापक Pavel Durov ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत सरकार के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस प्रतिबंध से उन लोगों को नुकसान पहुंचा है, जो Telegram का वैध और सामान्य उपयोग कर रहे थे। उन्होंने लिखा, ‘भारत के IT मंत्रालय ने एक हफ्ते के लिए Telegram पर बैन लगा दिया, क्योंकि कुछ यूजर्स ने परीक्षा के लीक हुए सवाल शेयर किए थे. इससे भारत में Telegram के 15 करोड़ से ज्यादा आम यूजर्स को सजा मिल रही है, न कि उन लोगों को जिन्होंने परीक्षा का मटीरियल लीक किया था. और इस बैन से कुछ भी नहीं रुका, लीक्स दूसरे एप्स पर चली गईं.’ डुरोव का मानना है कि प्लेटफॉर्म को बंद करने की बजाय गलत गतिविधियों में शामिल लोगों पर सीधी कार्रवाई ज्यादा प्रभावी होती। (Pavel Durov Reaction Telegram Ban)
NTA ने क्यों की Telegram पर कार्रवाई की सिफारिश?
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि Telegram पर प्रतिबंध किसी नए पेपर लीक की पुष्टि के कारण नहीं लगाया गया। एजेंसी के अनुसार, कई चैनलों और समूहों में परीक्षा से जुड़े फर्जी प्रश्नपत्र, भ्रामक दावे और अफवाहें फैलाकर अभ्यर्थियों को गुमराह किया जा रहा था। NTA का कहना है कि इन गतिविधियों के कारण लाखों छात्रों और अभिभावकों में भ्रम, चिंता और मानसिक तनाव का माहौल बन रहा था। इसी वजह से एजेंसी ने सरकार को अस्थायी प्रतिबंध की सिफारिश की। (Pavel Durov Reaction Telegram Ban)
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NEET-UG 2026 री-एग्जाम को लेकर बढ़ी सतर्कता
21 जून को आयोजित होने वाली NEET-UG 2026 री-एग्जामिनेशन को लेकर सरकार और NTA दोनों अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं। पिछले वर्षों में परीक्षा से जुड़े विवादों और कथित पेपर लीक मामलों को देखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। सूत्रों के अनुसार, साइबर निगरानी बढ़ाई गई है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैलने वाली संदिग्ध सामग्री पर लगातार नजर रखी जा रही है। (Pavel Durov Reaction Telegram Ban)
“किसी भी गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा’
NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना एजेंसी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, “परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा तथा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.’ एजेंसी का दावा है कि री-एग्जाम को सुरक्षित बनाने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां की गई हैं। (Pavel Durov Reaction Telegram Ban)
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करोड़ों यूजर्स पर पड़ा असर
Telegram भारत में शिक्षा, व्यवसाय, टेक्नोलॉजी, समाचार और व्यक्तिगत संवाद के लिए बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है। ऐसे में अस्थायी प्रतिबंध के कारण लाखों छात्रों, पेशेवरों और कंटेंट क्रिएटर्स को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि सरकार का कहना है कि यह कदम केवल सीमित अवधि के लिए उठाया गया है और परीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थिति की समीक्षा की जाएगी। (Pavel Durov Reaction Telegram Ban)
क्या 22 जून के बाद हट जाएगी रोक?
फिलहाल प्रतिबंध 22 जून तक लागू है। सरकार और संबंधित एजेंसियां स्थिति की समीक्षा कर रही हैं। यदि परीक्षा प्रक्रिया शांतिपूर्वक पूरी होती है और फर्जी नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो जाता है, तो Telegram की सेवाएं सामान्य रूप से बहाल की जा सकती हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी, साइबर सुरक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता को लेकर नई बहस छेड़ दी है। (Pavel Durov Reaction Telegram Ban)
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