Earthquake in Myanmar-Thailand : भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने थाईलैंड और म्यांमार में आए भूकंप के बाद की स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा, “म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप के बाद की स्थिति से चिंतित हूं। सभी की सुरक्षा और खुशहाली के लिए प्रार्थना करता हूं। भारत हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है। हमने अपने अधिकारियों को तैयार रहने को कहा है और विदेश मंत्रालय से म्यांमार और थाईलैंड की सरकारों से संपर्क बनाए रखने की भी चर्चा की है।”
Earthquake in Myanmar-Thailand : म्यांमार में गिरी इमारतें
म्यांमार, थाईलैंड और चीन में भूकंप के तेज झटकों ने इन देशों को हिलाकर रख दिया। खासकर थाईलैंड और म्यांमार में इमारतें भरभराकर गिर गईं और घर मलबे में तब्दील हो गए। भूकंप का केंद्र म्यांमार था, और यह 10 किलोमीटर की गहराई पर आया था। इस भूकंप का असर भारत के कुछ इलाकों में भी महसूस किया गया।
Earthquake in Myanmar-Thailand : थाईलैंड में कई उड़ानें रद्द
28 मार्च को म्यांमार में 7.7 और 6.4 तीव्रता के दो बड़े भूकंप आए, जिनका केंद्र म्यांमार के सागाइंग क्षेत्र में था, जो शहर से मात्र 16 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित है। इन भूकंपों से थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में तबाही का मंजर देखा गया। भूकंप के कारण थाईलैंड में कई उड़ानें रद्द कर दी गईं और बैंकॉक में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है। म्यांमार में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि थाईलैंड में इमारतों के गिरने से कई लोग लापता हैं। वहां की रेस्क्यू टीम राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई है।
पुलिस ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि वे बैंकॉक के लोकप्रिय चतुचक मार्केट के पास घटनास्थल पर थे, लेकिन उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली कि भूकंप के समय कितने मजदूर मौके पर मौजूद थे। म्यांमार में हजारों लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है, और राहत कार्य लगातार जारी हैं।
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