By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
LokhitkrantiLokhitkrantiLokhitkranti
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Reading: Counting Observer: पर्यवेक्षक विवाद में TMC को सुप्रीम कोर्ट से झटका, EC के अधिकार पर अदालत की बड़ी टिप्पणी
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
LokhitkrantiLokhitkranti
Search
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Have an existing account? Sign In
Follow US
Lokhitkranti > राष्ट्रीय > Counting Observer: पर्यवेक्षक विवाद में TMC को सुप्रीम कोर्ट से झटका, EC के अधिकार पर अदालत की बड़ी टिप्पणी
राष्ट्रीय

Counting Observer: पर्यवेक्षक विवाद में TMC को सुप्रीम कोर्ट से झटका, EC के अधिकार पर अदालत की बड़ी टिप्पणी

Manisha
Last updated: 2026-05-02 11:44 पूर्वाह्न
Manisha Published 2026-05-02
Share
Counting Observer
Counting Observer: पर्यवेक्षक विवाद में TMC को सुप्रीम कोर्ट से झटका, EC के अधिकार पर अदालत की बड़ी टिप्पणी
SHARE

Counting Observer: पश्चिम बंगाल में मतगणना से पहले शुरू हुआ मतगणना पर्यवेक्षक विवाद अब राजनीतिक और कानूनी बहस का बड़ा विषय बन गया है। इस Counting Observer मामले में तृणमूल कांग्रेस को उस समय बड़ा झटका लगा, जब सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि चुनाव आयोग को अधिकारियों की नियुक्ति करने का पूरा अधिकार है। अदालत की इस टिप्पणी के बाद बंगाल की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है।

Contents
Counting Observer मामले में TMC की दलीलराज्य सरकार के अधिकारियों को शामिल न करने पर सवालCounting Observer मामले में अदालत की सख्त टिप्पणीचुनाव आयोग के फैसले को मिली राहतबंगाल की राजनीति में बढ़ी हलचलCounting Observer मामले का राजनीतिक असर

दरअसल, तृणमूल कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर चुनाव आयोग के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें मतगणना पर्यवेक्षक के तौर पर केवल केंद्रीय कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी। पार्टी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत में कई सवाल उठाए और दावा किया कि इस फैसले से निष्पक्षता को लेकर आशंकाएं पैदा हो रही हैं। वहीं अदालत ने चुनाव आयोग की संवैधानिक शक्तियों का हवाला देते हुए साफ संकेत दिया कि अधिकारियों की नियुक्ति का अधिकार आयोग के पास ही है।

Counting Observer मामले में TMC की दलील

Counting Observer सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल ने अदालत के सामने चार प्रमुख मुद्दे रखे। उन्होंने कहा कि जिला निर्वाचन अधिकारी को 13 अप्रैल को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन इसकी जानकारी पार्टी को काफी देर से यानी 29 अप्रैल को मिली। उनके मुताबिक इतनी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में राजनीतिक दलों को समय रहते जानकारी मिलनी चाहिए थी।

सिब्बल ने यह भी कहा कि पार्टी को आशंका है कि कई बूथों पर गड़बड़ी हो सकती है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पहले से किसी अनियमितता की संभावना जताई जा रही है, तो उसके पीछे क्या आधार है। उन्होंने अदालत में कहा कि बिना किसी ठोस आंकड़े या तथ्य के ऐसी आशंका जताना गंभीर मामला है।

Read More: पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से राहत, गिरफ्तारी पर लगी रोक

उन्होंने आगे कहा कि प्रत्येक मतगणना केंद्र में पहले से एक केंद्रीय सरकारी अधिकारी सूक्ष्म पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद रहता है। ऐसे में अतिरिक्त केंद्रीय अधिकारियों की नियुक्ति की आवश्यकता क्यों पड़ी, यह स्पष्ट नहीं किया गया।

राज्य सरकार के अधिकारियों को शामिल न करने पर सवाल

TMC की ओर से सबसे बड़ा सवाल इस बात पर उठाया गया कि चुनाव आयोग ने राज्य सरकार द्वारा नामित अधिकारियों को शामिल नहीं किया। सिब्बल ने दलील दी कि चुनाव आयोग के परिपत्र में राज्य और केंद्र दोनों के अधिकारियों को शामिल करने की बात कही गई है, लेकिन व्यवहार में केवल केंद्रीय कर्मचारियों की नियुक्ति की गई।

उन्होंने कहा कि अगर आयोग अपने ही दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करेगा, तो राजनीतिक दलों में संदेह पैदा होना स्वाभाविक है। उनके अनुसार, निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया के लिए दोनों स्तरों के अधिकारियों की मौजूदगी जरूरी है।

Counting Observer मामले में अदालत की सख्त टिप्पणी

Counting Observer सुनवाई के दौरान जस्टिस बागची ने कई अहम टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों की सहमति से अधिकारियों की नियुक्ति का कोई नियम नहीं है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है और उसे अधिकारियों के चयन का अधिकार प्राप्त है।

जस्टिस बागची ने कहा कि नियमों के अनुसार केंद्र या राज्य सरकार के अधिकारियों को नियुक्त किया जा सकता है। यदि आयोग केवल एक वर्ग के अधिकारियों का चयन करता है, तो इसे स्वतः गलत नहीं कहा जा सकता।

Read : केरल में बदलने वाली है सत्ता? एग्जिट पोल के बाद UDF में जश्न का माहौल

उन्होंने यह भी कहा कि यह धारणा गलत है कि केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी पूरी तरह अलग-अलग श्रेणियों में आते हैं। अदालत के अनुसार, दोनों ही सरकारी कर्मचारी हैं और चुनाव ड्यूटी के दौरान उनकी जिम्मेदारी निष्पक्ष तरीके से काम करना है।

चुनाव आयोग के फैसले को मिली राहत

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों को चुनाव आयोग के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। अदालत ने साफ कर दिया कि आयोग अपने अधिकार क्षेत्र के भीतर रहकर निर्णय ले सकता है और इस प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की सहमति आवश्यक नहीं है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत का यह रुख आने वाले चुनावों में भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इससे चुनाव आयोग की स्वायत्तता और अधिकारों को मजबूत संदेश मिला है।

बंगाल की राजनीति में बढ़ी हलचल

इस पूरे Counting Observer विवाद ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को और गर्म कर दिया है। तृणमूल कांग्रेस लगातार यह आरोप लगाती रही है कि केंद्रीय एजेंसियों और केंद्रीय अधिकारियों के जरिए चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। वहीं विपक्षी दल चुनाव आयोग के फैसले को पारदर्शिता के लिए जरूरी बता रहे हैं।

Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, मतगणना से ठीक पहले इस तरह का विवाद चुनावी माहौल को और संवेदनशील बना सकता है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद अब यह साफ हो गया है कि चुनाव आयोग की नियुक्तियों में अदालत फिलहाल हस्तक्षेप करने के पक्ष में नहीं है।

Counting Observer मामले का राजनीतिक असर

इस Counting Observer फैसले का असर सिर्फ कानूनी दायरे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका सीधा प्रभाव राजनीतिक माहौल पर भी पड़ सकता है। TMC इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से उठाती रहेगी, जबकि विपक्ष इसे अदालत की मुहर के तौर पर पेश करेगा।

चुनाव विशेषज्ञों का कहना है कि अदालत का फैसला चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भरोसा बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाएगा। साथ ही यह संदेश भी गया है कि चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़े प्रशासनिक फैसलों में आयोग को पर्याप्त स्वतंत्रता प्राप्त है।

अब सभी की नजरें पश्चिम बंगाल की मतगणना प्रक्रिया पर टिकी हैं। राजनीतिक दलों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि चुनाव परिणामों के दौरान माहौल कितना शांत और पारदर्शी बना रहता है।

पढ़े ताजा अपडेट : Hindi News, Today Hindi News, Breaking

You Might Also Like

PM Modi का विपक्ष को सीधा संदेश, बोले- ‘साथ आओ वरना जो मिल रहा है वो भी आधा हो जाएगा’

PM Modi Fuel Saving Appeal: पीएम मोदी की बड़ी अपील, पेट्रोल-डीजल बचाइए, विदेशी खर्च घटाइए, देशभक्ति को जीवनशैली बनाने का संदेश

Vijay Big Decisions: विजय का बड़ा एक्शन! CM बनते ही फ्री बिजली और महिला सुरक्षा पर लिए फैसले

Tamil Nadu Politics 2026: 59 साल बाद बदली तमिलनाडु की सत्ता, विजय बने नए CM

Narendra Modi Speech: सत्ता के लिए DMK को भी दिया धोखा… PM मोदी का कांग्रेस पर बड़ा वार

TAGGED:Bengal election controversycounting observer caseEC observer appointmentElection Commission IndiaKapil SibalSupreme Court Latest NewsSupreme Court on Counting ObserverSupreme Court VerdictTMC NewsWest Bengal counting observerWest Bengal Politics
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
Vijay Congress Alliance
तमिलनाडु

Vijay Congress Alliance: तमिलनाडु में सत्ता का नया समीकरण, NDA मजबूत, फिर भी Vijay ने Congress का सहारा क्यों लिया?

Manisha Manisha 2026-05-06
Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ… आतंकी ठिकानों से एयरबेस तक, पाकिस्तान को कितना हुआ नुकसान?
UP Elections 2027: 2027 की तैयारी में BJP का बड़ा दांव, योगी कैबिनेट में जातीय संतुलन का फॉर्मूला
Moti Bagh Fire News: दिल्ली के मोती बाग में बड़ा धमाका, एंबुलेंस में लगी आग के बाद फटा ऑक्सीजन सिलेंडर
UP Government Jobs: लोक भवन में खुशी की लहर, 481 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी, सीएम योगी ने बांटे नियुक्ति पत्र
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

  • ताज़ा खबरे
  • बॉलीवुड
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • धर्म कर्म
  • वायरल
  • बिज़नेस

About US

लोकहित क्रांति न्यूज़ एक निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित को समर्पित डिजिटल समाचार मंच है। हमारा उद्देश्य देश–दुनिया की ताज़ा, सटीक और प्रमाणिक ख़बरें आप तक तेज़ी से पहुँचाना है।
Quick Link
  • About Us
  • Terms and Condition
  • DNPA Code of Ethics
Must Read
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Grievance Redressal Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Copyrights © Lokhit Kranti. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?