Budget 2026 Parliament Moments: बजट 2026-27 पर चर्चा के दौरान संसद में आमतौर पर जिस तरह का तीखा टकराव और शोर-शराबा देखने को मिलता है, उससे अलग इस बार माहौल अपेक्षाकृत संयमित और सौहार्दपूर्ण नजर आया। बजट भाषण के तुरंत बाद सत्ता और विपक्ष दोनों पक्षों में वैचारिक मतभेद तो साफ दिखे, लेकिन उसके साथ ही आपसी सम्मान और हास्य का भाव भी उभरकर सामने आया।
संसद के कई वरिष्ठ सांसदों ने अनौपचारिक बातचीत में माना कि लंबे समय बाद सदन में ऐसा दृश्य देखने को मिला, जब असहमति के बावजूद माहौल बोझिल नहीं हुआ।
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Budget 2026 Parliament Moments: सत्ता पक्ष में आत्मविश्वास, विपक्ष में रचनात्मक व्यंग्य
सत्ता पक्ष के नेताओं का मानना था कि बजट 2026-27 ने आर्थिक स्थिरता, विकास और भरोसे की राजनीति को मजबूती दी है। यही कारण रहा कि सरकार की बेंच पर बैठे सांसदों के चेहरे पर आत्मविश्वास और संतोष साफ झलक रहा था।
वहीं विपक्ष ने सरकार की नीतियों और दावों पर सवाल उठाने में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन इस बार शब्दों की तल्खी की जगह व्यंग्य और हल्के तंज देखने को मिले। कई सांसदों ने आंकड़ों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ‘कागजों पर सब कुछ बहुत सुंदर दिखता है, असली परीक्षा जमीन पर होगी।‘
इस तरह की टिप्पणियों पर सत्ता पक्ष की ओर से भी मुस्कुराहट और हल्की प्रतिक्रिया देखने को मिली, जिसने सदन का माहौल सहज बनाए रखा।
Budget 2026 Parliament Moments: निर्मला सीतारमण की संयमित शैली की सराहना
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का शांत और संतुलित रवैया पूरे सत्र के दौरान चर्चा का विषय रहा। आलोचनाओं के जवाब में उन्होंने न तो आक्रामक तेवर दिखाए और न ही विपक्ष पर व्यक्तिगत टिप्पणी की।
उनका यह कहना कि ‘लोकतंत्र में सवाल जरूरी हैं, लेकिन संवाद की गरिमा उससे भी ज्यादा जरूरी है,‘ कई सांसदों को छू गया। सत्ता और विपक्ष – दोनों खेमों से उनकी इस शैली की सराहना होती दिखी।
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Budget 2026 Parliament Moments: प्रधानमंत्री मोदी के बयान ने हल्का किया माहौल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हल्के अंदाज में कही गई बातों ने भी सदन में सकारात्मक ऊर्जा भर दी। विपक्ष की ओर देखकर उनका यह कहना कि ‘कुछ बातें ऐसी हैं, जिन पर शायद हम सब एकमत हैं,‘ राजनीति में सहमति की संभावनाओं की ओर इशारा करता नजर आया।
विपक्ष की ओर से आई जवाबी टिप्पणी ‘हम सहमत हों या न हों, चर्चा जारी रहनी चाहिए‘ ने इस संवाद को और सार्थक बना दिया।
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Budget 2026 Parliament Moments: सोशल मीडिया पर लोकतंत्र का सॉफ्ट साइड
इन पलों ने संसद की कार्यवाही को सोशल मीडिया पर भी अलग पहचान दिलाई। जहां आमतौर पर हंगामे के वीडियो वायरल होते हैं, वहीं इस बार मुस्कुराते नेताओं, ठहाकों और सकारात्मक संवाद के क्लिप्स लोगों ने जमकर शेयर किए।
कई यूजर्स ने लिखा –
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काश संसद हमेशा ऐसी ही दिखे
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बहस हो, लेकिन सम्मान के साथ
यह साफ संकेत था कि जनता भी राजनीति का यह मानवीय और सभ्य रूप देखना चाहती है।
Budget 2026 Parliament Moments: लोकतंत्र के लिए क्यों जरूरी हैं ऐसे पल?
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, संसद में ऐसे हल्के-फुल्के और सकारात्मक क्षण लोकतंत्र को मजबूत करते हैं। इससे यह संदेश जाता है कि मतभेद के बावजूद संवाद संभव है और सत्ता-विपक्ष का रिश्ता केवल टकराव तक सीमित नहीं होना चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब नेता आपसी सम्मान और हास्य के साथ बहस करते हैं, तो जनता का संसद और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर भरोसा भी बढ़ता है।
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