LokhitkrantiLokhitkrantiLokhitkranti
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Reading: Pterygium Eye Disease: धीरे-धीरे पुतली को ढक सकती है यह आंखों की बीमारी! इन लक्षणों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
LokhitkrantiLokhitkranti
Search
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Have an existing account? Sign In
Follow US
Lokhitkranti > लाइफस्टाइल > Pterygium Eye Disease: धीरे-धीरे पुतली को ढक सकती है यह आंखों की बीमारी! इन लक्षणों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
लाइफस्टाइलहेल्थ

Pterygium Eye Disease: धीरे-धीरे पुतली को ढक सकती है यह आंखों की बीमारी! इन लक्षणों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

Lokhit Kranti
Last updated: 2026-01-09 11:18 pm
Lokhit Kranti Published 2026-01-09
Share
Pterygium eye disease symptoms
Pterygium eye disease
SHARE

Pterygium Eye Disease: अक्सर लोग छोटी-छोटी समस्याओं को नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसी ही एक बीमारी है टेरिजियम (Pterygium Eye Disease) , जिसे आम भाषा में नाखूना या सर्फर आई भी कहा जाता है। यह बीमारी धीरे-धीरे आंख के सफेद हिस्से पर पतले टिशूज की असामान्य ग्रोथ के रूप में शुरू होती है और समय के साथ कॉर्निया व पुतली तक फैल सकती है। अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए, तो यह आंखों की रोशनी पर गंभीर असर डाल सकती है।

Contents
क्या है टेरिजियम (नाखूना)?टेरिजियम होने के मुख्य कारण (Pterygium Eye Disease)इन लोगों को ज्यादा खतरानाखूना के शुरुआती और गंभीर लक्षणकैसे होती है टेरिजियम की पहचान?इलाज – कब दवा और कब सर्जरी जरूरी?शुरुआती स्टेज मेंगंभीर मामलों मेंक्या सर्जरी के बाद दोबारा लौट सकती है बीमारी?टेरिजियम से बचाव के असरदार तरीके

क्या है टेरिजियम (नाखूना)?

टेरिजियम (Pterygium Eye Disease) एक नॉन-कैंसरस आंखों की बीमारी है, जिसमें कंजंक्टिवा (आंखों का सफेद हिस्सा) पर मांस जैसी पतली झिल्ली उगने लगती है। यह ग्रोथ धीरे-धीरे आंख के अंदर की ओर बढ़ती है और कई मामलों में कॉर्निया तक पहुंच जाती है। यह समस्या एक या दोनों आंखों में हो सकती है और आमतौर पर बच्चों की तुलना में वयस्कों में ज्यादा देखने को मिलती है।

टेरिजियम होने के मुख्य कारण (Pterygium Eye Disease)

टेरिजियम का कोई एक सटीक कारण नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार कुछ बाहरी कारक इसके जोखिम को काफी बढ़ा देते हैं-

  • तेज धूप और अल्ट्रावायलेट (UV) किरणों के संपर्क में रहना
  • धूल, मिट्टी और प्रदूषण
  • हवा और सूखे मौसम में लगातार काम करना
  • आंखों की नमी का कम होना
Pterygium eye disease can affect vision.
Pterygium eye disease

इन लोगों को ज्यादा खतरा

  • किसान
  • मछुआरे
  • कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करने वाले
  • ट्रैफिक पुलिस और आउटडोर वर्कर्स

नाखूना के शुरुआती और गंभीर लक्षण

शुरुआत में इसके लक्षण हल्के हो सकते हैं, लेकिन धीरे-धीरे समस्या बढ़ने लगती है—

  • आंखों में सफेद या हल्की गुलाबी टिशूज का उभरना
  • आंखों में जलन, खुजली और लालिमा
  • आंख के अंदर कुछ फंसा होने जैसा एहसास
  • आंखों से पानी आना या सूखापन
  • ग्रोथ कॉर्निया तक पहुंचने पर धुंधला दिखना
  • रोशनी में आंखों में चुभन

अगर ये लक्षण लगातार बने रहें, तो इन्हें नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है।

कैसे होती है टेरिजियम की पहचान?

अधिकतर मामलों में टेरिजियम की पहचान सामान्य आंखों की जांच से ही हो जाती है। इसके लिए किसी खास ब्लड टेस्ट या स्कैन की जरूरत नहीं पड़ती। आई स्पेशलिस्ट स्लिट लैम्प एग्जामिनेशन के जरिए इसकी स्थिति और आकार का आकलन करते हैं।

Also Read: Eye Health Vitamins: आंखों का फड़कना अंधविश्वास नहीं, इन 2 विटामिन की कमी हो सकती है वजह, जानिए वैज्ञानिक कारण

इलाज – कब दवा और कब सर्जरी जरूरी?

टेरिजियम का इलाज उसकी गंभीरता पर निर्भर करता है:

शुरुआती स्टेज में

  • आर्टिफिशियल टियर्स (Eye Drops)
  • एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रॉप्स
  • UV प्रोटेक्टिव सनग्लास

इनसे आंखों की नमी बनी रहती है और ग्रोथ के बढ़ने की गति धीमी हो जाती है।

गंभीर मामलों में

अगर टिशूज कॉर्निया या पुतली तक पहुंच जाए और विजन पर असर डालने लगे, तो सर्जरी ही सबसे प्रभावी उपाय होता है। कई लोग कॉस्मेटिक कारणों से भी सर्जरी का विकल्प चुनते हैं।

क्या सर्जरी के बाद दोबारा लौट सकती है बीमारी?

हां, कुछ मामलों में टेरिजियम सर्जरी के बाद दोबारा उभर सकता है। यही वजह है कि इलाज के बाद भी आंखों की नियमित जांच और सावधानी बेहद जरूरी है। डॉक्टर आमतौर पर साल में एक बार आंखों की जांच कराने की सलाह देते हैं।

टेरिजियम से बचाव के असरदार तरीके

  • बाहर निकलते समय UVA और UVB प्रोटेक्शन वाले सनग्लास पहनें
  • धूप में हैट या कैप का इस्तेमाल करें
  • आंखों को धूल और हवा से बचाएं
  • स्क्रीन टाइम के दौरान आंखों को आराम दें
  • आंखों में ड्राइनेस महसूस हो तो आर्टिफिशियल टियर्स का इस्तेमाल करें

समय पर पहचान और सही देखभाल से टेरिजियम को बढ़ने से रोका जा सकता है। आंखों की छोटी परेशानी को भी हल्के में न लें और नियमित नेत्र जांच को आदत बनाएं।

ये भी पढ़ें-  भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन ट्रायल के लिए तैयार, चीन-जर्मनी से भी ज्यादा ताकतवर तकनीक, जानिए हर डिटेल 

 

You Might Also Like

International Yoga Day 2026: ‘Yoga for Healthy Ageing’ थीम के साथ दुनिया ने मनाया 12वां योग दिवस, भारत से दुनिया तक दिखा उत्साह

Degree vs Marksheet Difference: मार्कशीट और डिग्री में क्या होता है फर्क? ज्यादातर लोग आज भी रहते हैं कन्फ्यूज

Coconut Water Soaked Dry Fruits: क्या सच में मिलते हैं दोगुने फायदे? एक्सपर्ट की राय जानिए

Summer Health Drinks: गर्मी में नारियल पानी फ्रिज में रखना सही या नहीं? जानिए कब बन जाता है नुकसानदायक

Vitamin D deficiency in children: बच्चों में विटामिन डी की कमी, क्यों बढ़ रहा खतरा और कैसे बचाएं?

TAGGED:Eye Disease SymptomsEye HealthEye ProtectionEye SurgeryLifestyle HealthOphthalmologyPrevent Eye ProblemsPterygiumUV ProtectionVision Care
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
Ghaziabad Nagar Nigam
उत्तर प्रदेशगाजियाबाद

Ghaziabad Nagar Nigam: कावड़ मार्ग का निरीक्षण कर दूधेश्वर नाथ पहुंचे नगर आयुक्त

News Desk News Desk 2026-08-04
Bareilly Kanwar Yatra: सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट, CCTV और मेडिकल टीम तैनात
Today eNewspaper | 03 August 2026 Breaking News & Headlines
Badaun News: कांवड़ यात्रा को लेकर आज से लागू हुआ डायवर्जन प्लान
Samadhan Diwas में डीएम का सख्त संदेश, Samadhan Diwas में नहीं होगी लापरवाही
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

  • ताज़ा खबरे
  • बॉलीवुड
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • धर्म कर्म
  • वायरल
  • बिज़नेस

About US

लोकहित क्रांति न्यूज़ एक निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित को समर्पित डिजिटल समाचार मंच है। हमारा उद्देश्य देश–दुनिया की ताज़ा, सटीक और प्रमाणिक ख़बरें आप तक तेज़ी से पहुँचाना है।
Quick Link
  • About Us
  • Terms and Condition
  • DNPA Code of Ethics
Must Read
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Grievance Redressal Policy

Follow Us

Lokhit Kranti
Copyrights © Lokhit Kranti. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?