By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
LokhitkrantiLokhitkrantiLokhitkranti
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Reading: Holi 2026: क्या गुझिया पूरी तरह भारतीय है? जानिए मुगलों से इसका असली रिश्ता
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
LokhitkrantiLokhitkranti
Search
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Have an existing account? Sign In
Follow US
Lokhitkranti > Blog > लाइफस्टाइल > Holi 2026: क्या गुझिया पूरी तरह भारतीय है? जानिए मुगलों से इसका असली रिश्ता
लाइफस्टाइल

Holi 2026: क्या गुझिया पूरी तरह भारतीय है? जानिए मुगलों से इसका असली रिश्ता

Manisha
Last updated: 2026-02-28 1:52 अपराह्न
Manisha Published 2026-02-28
Share
Holi 2026
Holi 2026: क्या गुझिया पूरी तरह भारतीय है? जानिए मुगलों से इसका असली रिश्ता
SHARE

Holi 2026: होली का त्योहार आते ही घरों में रंगों के साथ जिस खुशबू का सबसे ज्यादा इंतज़ार होता है, वह है ताज़ी तली हुई गुझिया की. यह सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि एक परंपरा है जो पीढ़ियों से चली आ रही है. बदलते दौर में इसके स्वाद और भरावन में कई प्रयोग हुए, लेकिन इसकी पहचान और आकार लगभग वैसा ही बना रहा. Holi 2026 के मौके पर यह सवाल फिर चर्चा में है कि आखिर Gujiya की जड़ें कहां तक जाती हैं और क्या इसका संबंध मुगलकाल से है?

Contents
प्राचीन भारतीय रसोई से जुड़ी कहानीमुगलों का असर कितना?देशभर में बदले नाम और स्वादहोली से गहरा नातापरंपरा और आधुनिकता का संगम

प्राचीन भारतीय रसोई से जुड़ी कहानी

खाद्य इतिहास के जानकार मानते हैं कि गुझिया की कहानी बेहद पुरानी है. भारत में तली हुई मीठी पकवानों की परंपरा वैदिक काल तक जाती है. पुराने ग्रंथों में ‘अपूप’ और ‘पुआ’ जैसे व्यंजनों का उल्लेख मिलता है, जो आटे और गुड़ या शहद से बनाए जाते थे. माना जाता है कि गुझिया का शुरुआती रूप ‘शष्कुली’ नामक मिठाई से जुड़ा हो सकता है, जिसमें मैदा और मीठा मिश्रण इस्तेमाल होता था.

ईद की बढ़ाएं मिठास, बनाएं 5 खास अंदाज में स्वादिष्ट सेवई

प्रसिद्ध खाद्य इतिहासकार K. T. Achaya ने अपनी चर्चित पुस्तक Indian Food: A Historical Companion में भारतीय व्यंजनों के विकास पर विस्तार से लिखा है. उनके अनुसार, मध्यकाल तक आते-आते ऐसे कई व्यंजन प्रचलन में आ चुके थे जिनमें आटे की परत के भीतर मीठा भरकर तला जाता था. हालांकि उस समय इन्हें गुझिया नहीं कहा जाता था, लेकिन उनकी संरचना आज की गुझिया से मिलती-जुलती थी.

मुगलों का असर कितना?

अक्सर Gujiya को मुगलकाल से जोड़कर देखा जाता है. इसकी वजह है समोसे की परंपरा, जो मध्य एशिया से भारत आई थी. Samosa मूल रूप से ‘समसा’ नाम से जाना जाता था और तुर्की व मध्य एशिया में लोकप्रिय था. मुगलों के आगमन के साथ यह व्यंजन भारतीय रसोई का हिस्सा बना.

कुछ इतिहासकारों का मानना है कि मीठी गुझिया संभवतः समोसे की अवधारणा से प्रेरित रही हो. मुगलकाल में शाही रसोई में मावा, मेवा और केसर जैसे समृद्ध पदार्थों का इस्तेमाल बढ़ा. इसी दौर में सूखे मेवों से भरी मिठाइयों का चलन तेज हुआ. तुर्की की मशहूर मिठाई Baklava में भी परतों के बीच मेवे भरे जाते हैं, जो इस सांस्कृतिक आदान-प्रदान की ओर इशारा करता है.

Read : पहले इफ्तार को बनाएं खास, झटपट और हेल्दी रेसिपीज के साथ

फिर भी, Gujiya का आकार और उसकी पारंपरिक डिजाइन इसे समोसे से अलग पहचान देते हैं. यह कहना ज्यादा उचित होगा कि गुझिया भारतीय परंपरा की उपज है, जिसमें मुगलकालीन स्वाद और शाही सामग्री ने नई परतें जोड़ीं.

देशभर में बदले नाम और स्वाद

गुझिया की सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह पूरे भारत में अलग-अलग नामों से जानी जाती है. उत्तर प्रदेश और बिहार में इसे गुझिया या पेड़किया कहा जाता है. महाराष्ट्र में यह ‘करंजी’ के नाम से प्रसिद्ध है. दक्षिण भारत में ‘कज्जीकायलू’ और ‘सोमास’ के रूप में यह त्योहारों का हिस्सा है, जबकि गुजरात में इसे ‘घुघरा’ कहा जाता है.

हर क्षेत्र में इसकी भरावन स्थानीय स्वाद के अनुसार बदल जाती है. कहीं मावा और सूजी का मिश्रण, तो कहीं नारियल और गुड़. दक्षिण में चने की दाल और इलायची की खुशबू मिलती है. विविधता के बावजूद इसकी मूल भावना—त्योहार की मिठास—हर जगह समान रहती है.

Also Read : जूसी-रिफ्रेशिंग टेस्ट और नींबू की खुशबू… घर पर बनाएं बेकरी जैसा सॉफ्ट लेमन केक

होली से गहरा नाता

Holi 2026 और Gujiya का रिश्ता सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं है. पुराने समय में महिलाएं मिलकर गुझिया बनाती थीं, जो सामाजिक मेलजोल का एक अहम अवसर होता था. यह सामूहिक तैयारी परिवार और पड़ोस के रिश्तों को मजबूत करती थी.

मार्च के महीने में मौसम बदलता है और शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा की जरूरत होती है. मावा, घी और मेवों से भरपूर गुझिया इस आवश्यकता को पूरा करती है. साथ ही, इसे कई दिनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है, जिससे त्योहार के दौरान मेहमानों की आवभगत आसान हो जाती है.

Latest News Update Uttar Pradesh News,उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर

परंपरा और आधुनिकता का संगम

आज बाजार में चॉकलेट, पान और ड्राई फ्रूट मिक्स जैसी नई फ्लेवर वाली गुझिया उपलब्ध हैं. कई लोग इसे तलने की बजाय बेक करना पसंद करते हैं ताकि कैलोरी कम हो. लेकिन पारंपरिक मावा गुझिया का स्वाद अब भी सबसे ज्यादा लोकप्रिय है.

इतिहास के लंबे सफर में Gujiya ने कई संस्कृतियों का स्पर्श पाया, लेकिन इसकी आत्मा भारतीय ही रही. यह मिठाई बताती है कि भारत की रसोई केवल स्वाद का नहीं, बल्कि सांस्कृतिक संवाद का भी प्रतीक है.

Holi 2026 पर जब आप Gujiya का पहला कौर लें, तो याद रखिए कि यह सिर्फ एक पकवान नहीं, बल्कि सदियों की परंपरा और मेल-जोल की कहानी है—जो हर साल रंगों के साथ फिर से जीवंत हो उठती है.

पढ़े ताजा अपडेट:  Hindi News, Today Hindi News, Breaking News

You Might Also Like

Eid Dessert Ideas: ईद की बढ़ाएं मिठास, बनाएं 5 खास अंदाज में स्वादिष्ट सेवई

APJ Abdul Kalam Quotes: एपीजे अब्दुल कलाम के ये 10 प्रेरणादायी विचार बदल देंगे आपकी सोच, सफलता खुद आएगी आपके पास

Ramadan 2026: पहले इफ्तार को बनाएं खास, झटपट और हेल्दी रेसिपीज के साथ

Hot Water Bath Risks: गर्म पानी से नहाने के नुकसान, सेहत पर पड़ सकते हैं ये 6 गंभीर असर

Maha Shivratri Barfi Recipe: भोलेनाथ को चढ़ाएं घर की बनी सॉफ्ट बर्फी, मुंह में घुल जाएगा स्वाद

Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
file 00000000cf5c71faad0ef85dc3b80fb8
नोएडा

UP Noida News: नोएडा स्कूल में बड़ी लापरवाही, 7 घंटे बस में बंद रहा UKG छात्र

Kannu Kannu 2026-02-27
Raipur City Gas Project: रायपुर में सिटी गैस परियोजना का शुभारंभ, अब घर-घर पाइपलाइन गैस और सड़कों पर दौड़ेंगी सीएनजी गाड़ियां
Japanese Companies: जापानी कंपनियों ने दिया यूपी को तोहफा! 11 हजार करोड़ के एमओयू पर हस्ताक्षर
Modi 100 Million Instagram: डिजिटल दुनिया में मोदी का जलवा, इंस्टाग्राम पर 100 मिलियन फॉलोअर्स पार, दुनिया के पहले मौजूदा PM बने
Delhi Varanasi Bullet Train: अब 4 घंटे में दिल्ली से वाराणसी, 840 किमी हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मंजूरी, जल्द शुरू होगा निर्माण
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

  • ताज़ा खबरे
  • बॉलीवुड
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • धर्म कर्म
  • वायरल
  • बिज़नेस

About US

लोकहित क्रांति न्यूज़ एक निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित को समर्पित डिजिटल समाचार मंच है। हमारा उद्देश्य देश–दुनिया की ताज़ा, सटीक और प्रमाणिक ख़बरें आप तक तेज़ी से पहुँचाना है।
Quick Link
  • About Us
  • Contact Us
  • Terms and Condition
  • DNPA Code of Ethics
Must Read
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Grievance Redressal Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Copyrights © Lokhit Kranti. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?