Rajasthan Police Mounted Unit: राजस्थान पुलिस की माउंटेड यूनिट को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। भारतीय सेना से सेवानिवृत्त कर्नल कुलदीप सिंह गर्चा ने राजस्थान पुलिस को थौरो ब्रेड नस्ल (Rajasthan Police Mounted Unit) के दो उत्कृष्ट घोड़े उपहार स्वरूप प्रदान किए हैं। इस सराहनीय योगदान के लिए राजस्थान पुलिस के महानिदेशक (DGP) श्री राजीव शर्मा ने कर्नल गर्चा का औपचारिक रूप से आभार व्यक्त किया।
इन घोड़ों को 14 जनवरी 2026 को लगभग 11 लाख रुपये की लागत से राजस्थान पुलिस को सौंपा गया, जिन्हें अब पुलिस की माउंटेड टीम में शामिल कर लिया गया है। यह पहल न केवल पुलिस बल की कार्यक्षमता बढ़ाएगी, बल्कि परंपरागत माउंटेड पुलिस संस्कृति को भी मजबूती देगी।
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डीजीपी कार्यालय में सम्मान समारोह का आयोजन
29 जनवरी 2026 को पुलिस मुख्यालय स्थित डीजीपी कार्यालय में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें कर्नल कुलदीप सिंह गर्चा को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डीजीपी श्री राजीव शर्मा ने कहा कि राजस्थान पुलिस (Rajasthan Police Mounted Unit) की माउंटेड यूनिट अनुशासन, शौर्य और परंपरा का प्रतीक है। कर्नल गर्चा का यह योगदान हमारी क्षमताओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक होगा। डीजीपी ने यह भी कहा कि समाज के प्रतिष्ठित नागरिकों और पूर्व सैन्य अधिकारियों का ऐसा सहयोग पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने वाला है।
माउंटेड यूनिट को मिलेगी नई मजबूती
आरएसी के अतिरिक्त महानिदेशक श्री रुपिंदर सिंघ ने बताया कि थौरो ब्रेड नस्ल के ये घोड़े शारीरिक रूप से मजबूत, तेज और प्रशिक्षण के लिए अत्यंत उपयुक्त होते हैं। इनकी तैनाती से-
- भीड़ नियंत्रण
- सेरेमोनियल परेड
- वीआईपी सुरक्षा
- विशेष प्रशिक्षण अभ्यास
जैसे कार्यों में माउंटेड यूनिट की दक्षता और प्रभावशीलता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि राजस्थान पुलिस की माउंटेड यूनिट राज्य की पहचान और गौरवशाली विरासत का हिस्सा रही है, जिसे आधुनिक जरूरतों के अनुसार और विकसित किया जा रहा है।
राजस्थान पुलिस पोलो टीम के भविष्य पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान राजस्थान पुलिस की पोलो टीम (Rajasthan Police Mounted Unit) के गठन और उसके भविष्य के विकास को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने कहा कि घुड़सवारी और पोलो जैसे खेल न केवल शारीरिक क्षमता बढ़ाते हैं, बल्कि टीमवर्क, अनुशासन और नेतृत्व कौशल को भी मजबूत करते हैं। श्री रुपिंदर सिंघ ने कहा, ‘माउंटेड पुलिस बल और खेल गतिविधियां राजस्थान पुलिस की परंपरा का अभिन्न अंग हैं। इन्हें संरक्षित और प्रोत्साहित करना हमारी प्राथमिकता है।
सेना और पुलिस के बीच सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण
कर्नल कुलदीप सिंह गर्चा (Rajasthan Police Mounted Unit) का यह योगदान सेना और पुलिस के बीच आपसी सहयोग और सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है। पूर्व सैन्य अधिकारियों द्वारा इस तरह का सहयोग न केवल संस्थागत संबंधों को मजबूत करता है, बल्कि नई पीढ़ी के पुलिसकर्मियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनता है। राजस्थान पुलिस ने भरोसा जताया है कि भविष्य में भी इस प्रकार के सहयोग से माउंटेड यूनिट और खेल गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।
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