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Lokhitkranti > ताज़ा खबरे > Javed Akhtar on Urdu: जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में जावेद अख्तर का बेबाक बयान, बोले ‘उर्दू कोई मजहबी नहीं, सेक्युलर भाषा है’
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Javed Akhtar on Urdu: जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में जावेद अख्तर का बेबाक बयान, बोले ‘उर्दू कोई मजहबी नहीं, सेक्युलर भाषा है’

Gajendra Singh Tanwar
Last updated: 2026-01-16 3:58 पूर्वाह्न
Gajendra Singh Tanwar Published 2026-01-16
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Javed Akhtar on Urdu Language
Javed Akhtar on Urdu Language at Jaipur Literature Festival
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Javed Akhtar on Urdu: जयपुर में बुधवार को शुरू हुए जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) के पहले दिन मशहूर लेखक, शायर और गीतकार जावेद अख्तर ने भाषा और समाज से जुड़े मुद्दों पर बेबाक राय रखी। ‘India in Urdu, Urdu in India’ विषय पर आयोजित सत्र में उन्होंने उर्दू भाषा को लेकर चल रहे विवादों पर खुलकर बात की और इसे पूरी तरह सेक्युलर भाषा बताया।

Contents
Javed Akhtar on Urdu: ‘भाषा का धर्म से कोई संबंध नहीं’Javed Akhtar on Urdu: दिल्ली हाईकोर्ट के संदर्भ पर जताई आपत्तिJaved Akhtar on Urdu: ‘लैंग्वेज रीजन की होती है, रिलीजन की नहीं’उर्दू, संस्कृत और तमिल पर टिप्पणीJaved Akhtar on Urdu: उर्दू और बंटवारे की पीड़ा‘हिंदी के शब्दकोश को समृद्ध करने की जरूरत’पांच दिवसीय जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल की भव्य शुरुआत

Read More: जयपुर में 78वां सेना दिवस परेड में दिखा नेतृत्व और अनुशासन का अद्भुत संगम

Javed Akhtar on Urdu: ‘भाषा का धर्म से कोई संबंध नहीं’

जावेद अख्तर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भाषाओं (Javed Akhtar on Urdu) का धर्म से कोई लेना-देना नहीं होता। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से भाषा के नाम पर देश का बंटवारा हुआ, जबकि भाषा का मकसद केवल संवाद और समझ को आसान बनाना होना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि माता-पिता जितना समय बच्चों को धर्म के बारे में सिखाने में लगाते हैं, अगर उतना समय उन्हें भाषा सिखाने में लगाया जाए तो समाज कहीं ज्यादा बेहतर बन सकता है।

Javed Akhtar on Urdu Language
Javed Akhtar on Urdu Language

Javed Akhtar on Urdu: दिल्ली हाईकोर्ट के संदर्भ पर जताई आपत्ति

इस दौरान जावेद अख्तर ने दिल्ली हाईकोर्ट के एक पुराने फैसले का जिक्र भी किया, जिसमें उर्दू शब्दों के इस्तेमाल को कम करने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि उनके मुताबिक ऐसी कोई जरूरत ही नहीं थी। अख्तर ने जोर देकर कहा कि भाषा समझ में आनी चाहिए, न कि उसे किसी धर्म या राजनीति से जोड़कर देखा जाना चाहिए।

Javed Akhtar on Urdu: ‘लैंग्वेज रीजन की होती है, रिलीजन की नहीं’

अपने सत्र में उन्होंने कहा, ‘लैंग्वेज रीजन की होती है, रिलीजन की नहीं होती।’ उनके अनुसार न तो उर्दू किसी एक धर्म की भाषा है और न ही संस्कृत। भाषा का संबंध क्षेत्र और संस्कृति से होता है। उन्होंने बताया कि एक समय हिंदुस्तानी भाषा पूरे देश में बेहद लोकप्रिय थी, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों की बोलियों का मिश्रण था। हिंदुस्तानी भाषा में अपनापन था, लेकिन दिखावे और भाषाई विवादों के चलते अब यह धीरे-धीरे पीछे छूटती जा रही है।

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उर्दू, संस्कृत और तमिल पर टिप्पणी

जावेद अख्तर ने उर्दू और संस्कृत (Javed Akhtar on Urdu) की तुलना को गलत बताया। उन्होंने कहा कि संस्कृत हजारों साल पुरानी भाषा है, जबकि उर्दू एक अपेक्षाकृत नई भाषा है। उन्होंने तमिल को सबसे ‘जिंदादिल भाषा’ बताते हुए कहा कि यह आज भी पूरे गर्व और आत्मविश्वास के साथ बोली और लिखी जा रही है।

Javed Akhtar on Urdu: उर्दू और बंटवारे की पीड़ा

अख्तर ने एक भावनात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि उर्दू भाषा से जुड़ी पहचान की वजह से ही पाकिस्तान का बंटवारा हुआ। उन्होंने कहा कि आज भारत में जो लोग उर्दू को अपनी भाषा मानते हैं, उन्हें कई बार मानसिक दबाव और असहजता का सामना करना पड़ता है, जो किसी भी लोकतांत्रिक समाज के लिए चिंताजनक है।

‘हिंदी के शब्दकोश को समृद्ध करने की जरूरत’

उन्होंने हिंदी भाषा को लेकर भी अहम बात कही। जावेद अख्तर ने कहा कि हिंदी के शब्दकोश को लगातार समृद्ध करने की जरूरत है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अंग्रेजी भाषा (Javed Akhtar on Urdu) के शब्दकोश में हर साल नए शब्द जुड़ते हैं और वहां के लोग इसे उत्सव की तरह मनाते हैं, जबकि हिंदी में शब्द कम होने पर कई बार खुशी जताई जाती है। उनके मुताबिक भाषा वही बेहतर होती है, जिसे लोग आसानी से समझ सकें और अपना सकें और भारत में यह काम हिंदुस्तानी भाषा बखूबी करती है।

पांच दिवसीय जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल की भव्य शुरुआत

पांच दिनों तक चलने वाले जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का उद्घाटन राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने किया। पहले दिन जावेद अख्तर के अलावा बुकर पुरस्कार विजेता किरण देसाई, राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति और पूर्व फिल्म अभिनेत्री जीनत अमान समेत कई जानी-मानी हस्तियों के सत्र आयोजित किए गए।

ये भी पढ़ें- भारत में लॉन्च से पहले सामने आए फीचर्स और वेरिएंट डिटेल्स

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