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E-Riksha Battery Management Apps: ई-रिक्शा की सुरक्षा पर सरकार सख्त, Google और Apple को नोटिस, 7 बैटरी मैनेजमेंट ऐप हटाने के निर्देश

Lokhit Kranti
Last updated: 2026-07-04 1:46 पूर्वाह्न
By Lokhit Kranti 1 महीना ago
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E-Riksha Battery Management Apps
E-Riksha Battery Management Apps: ई-रिक्शा की सुरक्षा पर सरकार सख्त, Google और Apple को नोटिस, 7 बैटरी मैनेजमेंट ऐप हटाने के निर्देश
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E-Riksha Battery Management Apps: केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा से जुड़े संभावित खतरे को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने Google Android और Apple iOS प्लेटफॉर्म को नोटिस जारी कर ऐसे सात बैटरी मैनेजमेंट एप्स (E-Riksha Battery Management Apps) हटाने के निर्देश दिए हैं, जिनके दुरुपयोग की आशंका जताई गई है।

Contents
पहले भी हटाए जा चुके हैं कुछ चीनी ऐप्सक्यों बढ़ी सरकार की चिंता?बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) क्या होता है?दुरुपयोग कैसे हो सकता है?ई-रिक्शा चालकों की बढ़ी चिंताMeitY ने क्या कहा?सरकार ने ऐप प्लेटफॉर्म को दिए अतिरिक्त निर्देशआगे भी जारी रहेगी निगरानी

सरकार का मानना है कि कुछ ऐप्स का इस्तेमाल ई-रिक्शा और अन्य बैटरी (E-Riksha Battery Management Apps) से चलने वाले वाहनों को दूर से नियंत्रित या बंद (Remote Disable) करने के लिए किया जा सकता है। यही वजह है कि इन ऐप्स को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने गंभीर चिंता व्यक्त की है।

पहले भी हटाए जा चुके हैं कुछ चीनी ऐप्स

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब इससे पहले भी सरकार ने तीन चीनी बैटरी मैनेजमेंट ऐप्स (E-Riksha Battery Management Apps) BAT-BMS, Lossigy और Epoch-i-ion को हटाने के निर्देश दिए थे।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इन ऐप्स के जरिए ब्लूटूथ कनेक्टिविटी का उपयोग कर बैटरी सिस्टम तक पहुंच बनाई जा सकती थी। यदि बैटरी सिस्टम पर्याप्त रूप से सुरक्षित न हो, तो उसका गलत इस्तेमाल कर वाहन को दूर से बंद किया जा सकता है।

Read More: फेक न्यूज और AI डीपफेक पर सख्त चुनाव आयोग, अधिकारियों को दिए सक्रिय निगरानी के निर्देश

क्यों बढ़ी सरकार की चिंता?

हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो सामने आए, जिनमें दावा किया गया कि चलते हुए ई-रिक्शा अचानक बंद हो गए। कई मामलों में वाहन चालकों ने आरोप लगाया कि उनके वाहन दूर से निष्क्रिय (Disable) कर दिए गए, जिससे उन्हें बीच रास्ते में परेशानी का सामना करना पड़ा।

इन घटनाओं के बाद सरकार ने पूरे मामले (E-Riksha Battery Management Apps) की समीक्षा शुरू की और संबंधित ऐप्स की कार्यप्रणाली की जांच कराई। शुरुआती जांच में कुछ ऐप्स को संभावित सुरक्षा जोखिम माना गया, जिसके बाद उन्हें हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई।

बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) क्या होता है?

बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (Battery Management System-BMS) किसी भी इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसका मुख्य उद्देश्य बैटरी की स्थिति पर लगातार नजर रखना है। BMS के जरिए आमतौर पर इन जानकारियों की निगरानी की जाती है-

  • बैटरी का वोल्टेज
  • करंट की स्थिति
  • चार्जिंग स्टेटस
  • तापमान
  • बैटरी की कार्यक्षमता

इन आंकड़ों के आधार पर बैटरी सुरक्षित तरीके से काम करती है और उसकी उम्र भी बढ़ती है।

दुरुपयोग कैसे हो सकता है?

यदि किसी बैटरी सिस्टम में मजबूत सुरक्षा व्यवस्था नहीं है और ब्लूटूथ एक्सेस बिना पासवर्ड या सुरक्षित प्रमाणीकरण (Authentication) के उपलब्ध है, तो उसी इंटरफेस का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है।

ऐसी स्थिति में कोई व्यक्ति बैटरी के पावर आउटपुट को नियंत्रित करने या बैटरी डिस्चार्ज रोकने जैसी गतिविधियां कर सकता है। इससे वाहन अचानक बंद हो सकता है और चालक को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि यह जोखिम मुख्य रूप से उन सस्ते बैटरी पैकों में अधिक माना जा रहा है, जिनमें पर्याप्त साइबर सुरक्षा मानक लागू नहीं किए गए हैं।

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ई-रिक्शा चालकों की बढ़ी चिंता

देश के कई शहरों में बड़ी संख्या में लोग रोज़गार के लिए ई-रिक्शा चलाते हैं। इनमें से कई चालक किराये पर वाहन लेकर अपनी दैनिक आय अर्जित करते हैं। ऐसे में यदि किसी तकनीकी या साइबर कारण से वाहन अचानक बंद हो जाए, तो इसका सीधा असर उनकी कमाई और सुरक्षा दोनों पर पड़ सकता है। इसी कारण ई-रिक्शा चालकों के बीच इन ऐप्स को लेकर चिंता बढ़ गई थी और सोशल मीडिया पर भी इस विषय पर लगातार चर्चा होती रही।

MeitY ने क्या कहा?

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने पहले ही पुष्टि की थी कि यह मामला सरकार के संज्ञान में है। उन्होंने कहा था कि कुछ संदिग्ध ऐप्स को पहले ही प्लेटफॉर्म से हटाया जा चुका है और सरकार Google तथा Apple सहित अन्य ऐप प्लेटफॉर्म के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करेगी कि सार्वजनिक सुरक्षा को प्रभावित करने वाले संभावित ऐप्स आम लोगों के लिए उपलब्ध न रहें।

सरकार ने ऐप प्लेटफॉर्म को दिए अतिरिक्त निर्देश

सरकार ने केवल संबंधित ऐप्स हटाने (E-Riksha Battery Management Apps) तक ही खुद को सीमित नहीं रखा है, बल्कि ऐप स्टोर संचालित करने वाली कंपनियों से कनेक्टेड डिवाइस (Connected Device) ऐप्स की जांच प्रक्रिया को और मजबूत करने के लिए भी कहा है। सरकार का मानना है कि भविष्य में किसी भी ऐसे एप्लिकेशन को प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने से पहले उसकी सुरक्षा और साइबर जोखिमों की गहन समीक्षा होनी चाहिए।

आगे भी जारी रहेगी निगरानी

सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल केवल सात ऐप्स तक कार्रवाई सीमित नहीं है। यदि भविष्य में किसी अन्य एप के जरिए भी इलेक्ट्रिक वाहनों या सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा खतरा सामने आता है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। साथ ही संबंधित एजेंसियां ऐसे अन्य बैटरी मैनेजमेंट ऐप्स (E-Riksha Battery Management Apps) की भी जांच कर रही हैं, जो समान प्रकार की कार्यप्रणाली पर आधारित हैं।

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