Pakistan Petrol Diesel Rate: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच पाकिस्तान सरकार ने अपने नागरिकों को बड़ी राहत दी है। पाकिस्तान में एक बार फिर पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल (HSD) की कीमतों में कटौती की गई है। वहीं दूसरी ओर भारत में लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों (Pakistan Petrol Diesel Rate) ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। यही वजह है कि दोनों पड़ोसी देशों की ईंधन नीति अब चर्चा का बड़ा विषय बन गई है।
पाकिस्तान में लगातार दूसरी बार घटे ईंधन के दाम
पाकिस्तान सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल की कीमत में 6 रुपये प्रति लीटर और हाई स्पीड डीजल की कीमत (Pakistan Petrol Diesel Rate) में 6.80 रुपये प्रति लीटर की कटौती का ऐलान किया। नई दरों के मुताबिक अब पाकिस्तान में पेट्रोल 403.78 रुपये प्रति लीटर और डीजल 402.78 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। ये नई कीमतें 23 मई से लागू कर दी गई हैं।
खास बात यह है कि यह लगातार दूसरा सप्ताह है जब पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम की हैं। इससे पहले भी सरकार ने दोनों ईंधनों के दाम में 5 रुपये प्रति लीटर की राहत दी थी। लगातार हो रही कटौती से पाकिस्तान के मध्यम वर्ग और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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आम जनता को कैसे मिलेगा फायदा?
पेट्रोल का इस्तेमाल सबसे ज्यादा निजी वाहनों, बाइक, रिक्शा और छोटे कमर्शियल वाहनों में होता है। ऐसे में कीमतें कम होने से रोजमर्रा की यात्रा का खर्च घट सकता है। वहीं हाई स्पीड डीजल ट्रकों, बसों और बड़े जनरेटरों में इस्तेमाल होता है। डीजल सस्ता होने का असर सीधे ट्रांसपोर्ट लागत पर पड़ता है, जिससे सामान ढुलाई का खर्च भी कम हो सकता है। अगर पाकिस्तान में ईंधन कीमतों में कमी का सिलसिला जारी रहता है तो वहां महंगाई दर पर भी कुछ हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।
लेकिन कुछ महीने पहले हालात बिल्कुल अलग थे
हालांकि अभी पाकिस्तान में राहत दिखाई दे रही है, लेकिन कुछ महीने पहले स्थिति बेहद गंभीर थी। ईरान-अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बाद मार्च में पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की थी। 6 मार्च को पेट्रोल और डीजल के दाम में करीब 55 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी (Pakistan Petrol Diesel Rate) की गई थी। इसके बाद 2 अप्रैल को सरकार ने पेट्रोल की कीमत में 43 प्रतिशत और डीजल में 55 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का ऐलान किया था। लगातार बढ़ती कीमतों ने वहां की जनता और व्यापारिक गतिविधियों पर बड़ा असर डाला था।
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हर शुक्रवार हो रही समीक्षा
फरवरी में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने के बाद से पाकिस्तान सरकार हर शुक्रवार को ईंधन कीमतों (Pakistan Petrol Diesel Rate) की समीक्षा कर रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव और डॉलर की स्थिति को देखते हुए नई कीमतें तय की जाती हैं। इसी वजह से पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल के दाम में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। सरकार की कोशिश है कि वैश्विक दबाव के बावजूद आम जनता पर ज्यादा बोझ न पड़े। यही कारण है कि हालिया गिरावट का फायदा सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा रहा है।
भारत में लगातार बढ़ रही चिंता
दूसरी तरफ भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। हालांकि यहां पाकिस्तान जैसी बड़ी बढ़ोतरी नहीं हुई, लेकिन बीते कुछ दिनों में तीन बार ईंधन महंगा किया जा चुका है। शनिवार को पेट्रोल 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया।
इसके अलावा सीएनजी की कीमत में भी 1 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। लगातार बढ़ती कीमतों का असर सीधे आम लोगों के बजट पर पड़ रहा है। विशेष रूप से मध्यम वर्ग और रोज कमाने-खाने वाले लोगों के लिए यह बढ़ोतरी परेशानी का कारण बनती जा रही है। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से खाने-पीने के सामान से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों तक हर चीज की लागत बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।
तेल की राजनीति और जनता पर असर
कच्चे तेल की कीमतें (Pakistan Petrol Diesel Rate) अब केवल आर्थिक मुद्दा नहीं रह गई हैं, बल्कि यह भू-राजनीतिक रणनीति का भी हिस्सा बन चुकी हैं। ईरान-अमेरिका तनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध और ओपेक देशों की नीतियां सीधे दक्षिण एशिया के देशों की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रही हैं। ऐसे में पाकिस्तान और भारत की अलग-अलग ईंधन नीतियां आने वाले समय में दोनों देशों की महंगाई और आर्थिक स्थिति पर बड़ा असर डाल सकती हैं। फिलहाल पाकिस्तान राहत देने की कोशिश में है, जबकि भारत में बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की जेब पर दबाव और बढ़ा दिया है।
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