Pakistan Army Chief Asim Munir Tehran Visit: मध्य पूर्व (Middle East) में जारी भीषण तनाव और युद्ध के बीच एक बड़ी कूटनीतिक हलचल सामने आई है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बुधवार (15 अप्रैल, 2026) को ईरान की राजधानी तेहरान पहुंचे हैं। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य अमेरिका और ईरान के बीच ठप पड़ी शांति वार्ता को दोबारा पटरी पर लाना और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का महत्वपूर्ण संदेश ईरानी नेतृत्व तक पहुंचाना है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब हाल ही में इस्लामाबाद में हुई हाई-लेवल वार्ता बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हो गई थी।
इस्लामाबाद में पिछले शनिवार (11 अप्रैल, 2026) को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी प्रतिनिधिमंडल के बीच करीब 21 घंटे तक मैराथन चर्चा हुई थी। हालांकि, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) पर नियंत्रण जैसे जटिल मुद्दों पर सहमति न बन पाने के कारण यह वार्ता विफल रही। अब पाकिस्तान, जो इस पूरे संकट में एक प्रमुख मध्यस्थ (Mediator) के रूप में उभरा है, तेहरान के जरिए बातचीत का दूसरा दौर (US-Iran 2.0) शुरू करने की कोशिशों में जुट गया है। (Pakistan Army Chief Asim Munir Tehran Visit)
ट्रंप का संदेश और पाकिस्तान की मध्यस्थता
पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल में गृह मंत्री मोहसिन नकवी और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तान के जरिए ईरान को अपनी ‘फाइनल और बेस्ट ऑफर’ पर पुनर्विचार करने का संदेश भेजा है। ट्रंप ने हाल ही में ‘फॉक्स बिजनेस’ को दिए इंटरव्यू में कहा था कि वे जल्द ही डील होने की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर वार्ता विफल रही तो अमेरिका सख्त सैन्य कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा। (Pakistan Army Chief Asim Munir Tehran Visit)

क्यों फेल हुई थी इस्लामाबाद वार्ता?
- 11 अप्रैल को हुई वार्ता में जेडी वेंस ने ईरान के सामने कुछ सख्त ‘रेड लाइन्स’ रखी थीं:
- ईरान को अपना यूरेनियम संवर्धन (Enrichment) पूरी तरह बंद करना होगा।
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बिना किसी ‘टोल’ के अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए खोलना होगा।
- ईरान को क्षेत्रीय मिलिशिया समूहों की फंडिंग बंद करनी होगी।
दूसरी ओर, ईरान ने अपनी 10-सूत्रीय योजना पेश की थी, जिसमें मध्य पूर्व से अमेरिकी सेना की वापसी और ईरान पर लगे सभी प्रतिबंधों को हटाने की मांग की गई थी। इन मतभेदों के कारण ही वेंस बिना किसी समझौते के रविवार सुबह वाशिंगटन लौट गए थे। (Pakistan Army Chief Asim Munir Tehran Visit)
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वैश्विक ऊर्जा संकट का केंद्र
अमेरिकी सेना ने बुधवार को घोषणा की है कि उसने ईरान की समुद्री व्यापारिक गतिविधियों पर पूरी तरह ‘ब्लॉकहेड’ (नाकेबंदी) लगा दी है। वहीं, ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसकी मांगें नहीं मानी गईं और नाकेबंदी नहीं हटाई गई, तो वह 22 अप्रैल को खत्म होने वाले दो हफ्ते के युद्धविराम (Ceasefire) को आगे नहीं बढ़ाएगा। ऐसे में पाक आर्मी चीफ का यह दौरा वैश्विक तेल आपूर्ति और ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। (Pakistan Army Chief Asim Munir Tehran Visit)
‘अमेजिंग’ या ‘विनाशकारी’?
राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि अगले दो दिन ‘अद्भुत’ (Amazing) होने वाले हैं, जिससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि पाकिस्तान की मध्यस्थता रंग ला सकती है और इस्लामाबाद में वार्ता का दूसरा दौर जल्द ही फिर से शुरू हो सकता है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने भी पुष्टि की है कि पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका और ईरान के बीच संदेशों का आदान-प्रदान लगातार जारी है।(Pakistan Army Chief Asim Munir Tehran Visit)



