Donald Trump: भारत और अमेरिका के बीच चल रहे टैरिफ विवाद को लेकर बड़ी जानकारी सामने आ रही है। इस विवाद के बीच दावा किया जा रहा था कि भारत अमेरिकी उत्पादों पर दी गई आयात शुल्क छूट की समीक्षा कर रहा है। इस दावे को भारत सरकार द्वारा फर्जी बताया गया है।
भारत सरकार द्वारा इसे फर्जी बताने के बाद विदेश मंत्रालय ने इसपर फैक्ट चेक कर इसे अफवा बताया है। बता दें विदेश मंत्रालय की फैक्ट-चेकिंग इकाई ‘MEA FactCheck’ ने इन अफवाहों का जोरदार खंडन किया है।
सोशल मीडिया पर फैलाया गया झूठ
एक सोशल मीडिया हैंडल ‘China in English’ ने हाल ही में दावा किया था कि भारत सरकार अमेरिकी सामानों को दी गई टैरिफ छूट की समीक्षा शुरू कर रही है और “आपसी सम्मान के बिना कोई विशेषाधिकार नहीं” की नीति अपना रही है।
Disinformation being spread on X.#MEAFactCheck pic.twitter.com/E85HYIoUo0
— MEA FactCheck (@MEAFactCheck) August 3, 2025
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए MEA FactCheck ने कहा, “यह फर्जी खबर है!” उन्होंने आगे यह भी बताया कि ‘Middle Eastern Affairs’ नाम का एक और सोशल मीडिया अकाउंट इस मुद्दे पर लगातार गलत और भ्रामक जानकारियां फैला रहा है।
द्विपक्षीय समझौतों को रद्द करने की बात भी झूठी
कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा भी किया गया कि भारत सरकार अमेरिका की ‘विरोधी आर्थिक नीतियों’ की स्थिति में कुछ द्विपक्षीय समझौतों को निलंबित या रद्द कर सकती है। इस पर MEA FactCheck ने करारा जवाब देते हुए कहा, “यह भी फर्जी खबर है। सरकार ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।”
Disinformation and FAKE news alert!
This handle (@Middle_Eastern0) has been making several social media posts with FAKE News.
Be aware. #MEAFactCheck pic.twitter.com/yXUUzJwUGt
— MEA FactCheck (@MEAFactCheck) August 3, 2025
Donald Trump के टैरिफ पर टिप्पणी
बता दें कुछ समय पहले ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने भारत द्वारा रूस से हथियार और तेल की खरीद को लेकर आपत्ति जताई थी और संकेत दिए थे कि भारत पर अतिरिक्त टैक्स और पेनल्टी लगाई जा सकती है।

इस पर भारतीय अधिकारियों ने जवाब देते हुए कहा कि “भारत के रूस से तेल खरीद के अनुबंध दीर्घकालिक हैं और इन्हें तुरंत बंद करना संभव नहीं है।”
पीयूष गोयल का बयान
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने संसद में दिए एक बयान में कहा, “सरकार किसानों, श्रमिकों, उद्यमियों, निर्यातकों और MSMEs के हितों की सुरक्षा और प्रोत्साहन को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। हम देश के हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे।”