Recurrent UTI in Women: महिलाओं में बार-बार होने वाला यूटीआई (Urinary Tract Infection) आज एक गंभीर लेकिन अक्सर अनदेखी की जाने वाली समस्या बन चुका है। मेडिकल साइंस में इसे साइलेंट एपिडेमिक कहा जाता है क्योंकि महिलाएं इसे छिपाती हैं, नजरअंदाज करती हैं और डॉक्टर के पास तभी जाती हैं जब हालत बिगड़ जाती है।
आंकड़े बताते हैं कि हर 2 में से 1 महिला को जीवन में कभी न कभी यूटीआई होता है, जबकि लगभग 25% महिलाओं को यह समस्या बार-बार लौटकर आती है। अगर आप भी पेशाब में जलन, बार-बार यूरिन जाना, पेट या कमर में दर्द से परेशान रहती हैं, तो यह लेख आपके लिए बेहद जरूरी है।
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Recurrent UTI in Women: महिलाओं में यूटीआई क्यों है इतना आम?
यूटीआई सिर्फ बैक्टीरिया की वजह से नहीं होता, बल्कि महिलाओं के शरीर की बनावट और रोजमर्रा की आदतें भी इसकी बड़ी वजह हैं।
1. महिलाओं का मूत्रमार्ग छोटा होना
महिलाओं का मूत्रमार्ग पुरुषों की तुलना में छोटा होता है, जिससे बैक्टीरिया को ब्लैडर तक पहुंचने में ज्यादा समय नहीं लगता।
2. मूत्रमार्ग का गुदा के पास होना
गुदा के पास मूत्रमार्ग होने के कारण E.coli जैसे बैक्टीरिया आसानी से यूरिनरी ट्रैक्ट में प्रवेश कर जाते हैं।
Recurrent UTI in Women: ये कारण भी बढ़ाते हैं यूटीआई का खतरा
• पेशाब को लंबे समय तक रोकना
• दिनभर कम पानी पीना
• सार्वजनिक टॉयलेट का बार-बार इस्तेमाल
• माहवारी के दौरान साफ-सफाई में लापरवाही
• टाइट कपड़े पहनना
• बार-बार एंटीबायोटिक लेना
• मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन हार्मोन का कम हो जाना
मेनोपॉज के बाद वजाइना के अच्छे बैक्टीरिया कम हो जाते हैं, जिससे इंफेक्शन की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
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Recurrent UTI in Women: आयुर्वेद में यूटीआई को कैसे देखा जाता है?
आयुर्वेद में यूटीआई को केवल इंफेक्शन नहीं माना गया है। इसे मूत्रकृच्छ्र या मूत्राघात कहा गया है और इसका संबंध पित्त दोष के असंतुलन से जोड़ा गया है।
जब शरीर में पित्त बढ़ता है, तो मूत्र में:
• जलन
• बदबू
• पीला रंग
• बार-बार पेशाब
• पेट व कमर दर्द
जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं।
Recurrent UTI in Women: किन चीजों से बढ़ता है पित्त दोष?
• ज्यादा तीखा, मसालेदार भोजन
• खट्टा और नमकीन खाना
• तला-भुना भोजन
• शराब और कैफीन
• अनियमित दिनचर्या
• कब्ज और अपच
Recurrent UTI in Women: आयुर्वेद में यूटीआई का सुरक्षित और स्थायी इलाज
आयुर्वेद यूटीआई को जड़ से ठीक करने पर काम करता है, न कि केवल लक्षण दबाने पर।
1. चंद्रप्रभा वटी
• मूत्राशय की मांसपेशियों को मजबूत करती है
• पेशाब में जलन और दर्द कम करती है
• बार-बार होने वाले यूटीआई में बेहद असरदार
2. गोक्षुरादि गुग्गुल
• पेशाब की मात्रा बढ़ाता है
• बैक्टीरिया को शरीर से बाहर निकालता है
• किडनी और ब्लैडर को साफ करता है
3. नीरी (Neeri Syrup/Tablets)
• तुरंत राहत देती है
• इंफेक्शन को किडनी तक फैलने से रोकती है
• पेशाब की जलन में तेजी से आराम
4. चन्दनासव
• शरीर की अतिरिक्त गर्मी शांत करता है
• पेशाब में जलन और बदबू को खत्म करता है
Recurrent UTI in Women: यूटीआई में फायदेमंद आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां
• पुनर्नवा – किडनी को डिटॉक्स करता है
• वरुण – मूत्र मार्ग की सूजन कम करता है
• गिलोय – इम्युनिटी बढ़ाकर बार-बार इंफेक्शन से बचाता है
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Recurrent UTI in Women: तुरंत राहत के लिए घरेलू आयुर्वेदिक उपाय
धनिया और मिश्री का पानी
• रात में 1 चम्मच धनिया भिगो दें।
• सुबह छानकर उसमें थोड़ी मिश्री मिलाकर पिएं।
• यह उपाय पेशाब की जलन में तुरंत राहत देता है।
Recurrent UTI in Women: यूटीआई से बचाव के लिए जरूरी आदतें
• दिनभर में 8-10 गिलास पानी पिएं
• पेशाब रोकने की आदत छोड़ें
• प्राइवेट पार्ट की साफ-सफाई रखें
• सूती और ढीले कपड़े पहनें
• बहुत तीखा और जंक फूड कम करें
Recurrent UTI in Women: जरूरी सलाह
अगर यूटीआई बार-बार हो रहा है, बुखार या खून के साथ पेशाब आ रहा है, तो आयुर्वेदिक डॉक्टर या चिकित्सक से परामर्श जरूर लें। खुद से दवा न लें।
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