Popcorn vs Chips: सर्दियों के मौसम में शरीर का डाइजेस्टिव फायर (पाचन अग्नि) तेज हो जाता है। यही वजह है कि खाना जल्दी पचता है और कुछ ही घंटों बाद फिर से भूख लगने लगती है। खासकर शाम के वक्त चाय के साथ कुछ तीखा, नमकीन या कुरकुरा खाने की तलब आम बात है।
ऐसे में ज्यादातर लोग आसानी से मिलने वाले चिप्स, नमकीन और तले-भुने स्नैक्स (Popcorn vs Chips) का सहारा लेते हैं। स्वाद भले ही तुरंत मिल जाए, लेकिन ये आदत धीरे-धीरे पाचन तंत्र, वजन और दिल की सेहत पर भारी पड़ सकती है। यहीं से सवाल उठता है क्या पॉपकॉर्न चिप्स से बेहतर विकल्प हो सकता है?
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चिप्स क्यों बन जाते हैं सेहत के दुश्मन?
चिप्स देखने में भले ही हल्के लगें, लेकिन असल में ये-
- डीप फ्राइड होते हैं
- इनमें अधिक नमक और मसाले मिलाए जाते हैं
- लंबे समय तक खराब न हों, इसके लिए प्रिजर्वेटिव और केमिकल्स डाले जाते हैं
इनका नियमित सेवन शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) बढ़ाता है, जो सीधे हृदय और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। साथ ही, चिप्स जल्दी पचते नहीं, जिससे गैस, एसिडिटी और सुस्ती जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।

Popcorn vs Chips: पॉपकॉर्न क्यों माना जाता है स्मार्ट स्नैक?
पॉपकॉर्न को अक्सर सिर्फ मूवी स्नैक समझा जाता है, लेकिन असल में यह एक साबुत अनाज (Whole Grain) है। यही वजह है कि यह चिप्स की तुलना में कहीं ज्यादा हेल्दी माना जाता है।
पॉपकॉर्न के फायदे-
- बहुत कम तेल में बन जाता है
- इसमें जरूरत से ज्यादा मसाले नहीं होते
- घर पर आसानी से ताजा तैयार किया जा सकता है
- भूख को लंबे समय तक कंट्रोल में रखता है
पॉपकॉर्न खाने से पेट भरा-भरा महसूस होता है, जिससे ओवरईटिंग की समस्या नहीं होती।
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पोषण के मामले में भी पॉपकॉर्न आगे
अगर पोषण की बात करें तो पॉपकॉर्न कई स्नैक्स को पीछे छोड़ देता है। इसमें मौजूद होते हैं-
- कार्बोहाइड्रेट
- डाइटरी फाइबर
- प्रोटीन
- आयरन और मैग्नीशियम
- एंटीऑक्सीडेंट्स
सर्दियों में शरीर में वात दोष बढ़ने लगता है। पॉपकॉर्न की रुक्ष तासीर वात को संतुलित रखने में मदद करती है। सही मात्रा में सेवन करने पर यह कैलोरी बढ़ाए बिना वजन को नियंत्रित रखने में भी सहायक होता है।
हार्ट और पाचन के लिए कितना सुरक्षित?
जहां तली-भुनी चीजें कोलेस्ट्रॉल (Popcorn vs Chips) बढ़ाकर दिल पर दबाव डालती हैं, वहीं पॉपकॉर्न में मौजूद फाइबर-
- कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करता है
- रक्त वाहिकाओं पर दबाव घटाता है
- पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है
हालांकि, जिन लोगों को ज्यादा गैस, अपच या ब्लोटिंग की समस्या रहती है, उन्हें पॉपकॉर्न सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए।
पॉपकॉर्न खाने का सही तरीका क्या है?
पॉपकॉर्न तभी फायदेमंद (Popcorn vs Chips) होता है जब उसे सही तरीके से तैयार किया जाए। बाजार में मिलने वाले बटर पॉपकॉर्न या कैरेमल पॉपकॉर्न से बचें।
हेल्दी पॉपकॉर्न बनाने का तरीका-
- थोड़ा सा देसी घी
- स्वादानुसार काला नमक
- चुटकी भर जीरा पाउडर
इस तरह बनाया गया पॉपकॉर्न न सिर्फ स्वादिष्ट होता है, बल्कि पेट के लिए भी हल्का और फायदेमंद रहता है।
Popcorn vs Chips: सर्दियों में सोच-समझकर करें स्नैक का चुनाव
अगर सर्दियों में बार-बार लगने वाली भूख को शांत करना है और सेहत से समझौता नहीं करना चाहते, तो चिप्स (Popcorn vs Chips) की जगह पॉपकॉर्न बेहतर विकल्प है। सही मात्रा और सही तरीके से बनाया गया पॉपकॉर्न वजन, पाचन और दिल तीनों का ख्याल रखता है।
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