Egg for Babies: अधिकांश पेरेंट्स के मन में यह सवाल जरूर आता है कि बच्चों को अंडा (Egg for Babies) कब देना शुरू करें और किस तरह दें। कुछ लोग कहते हैं कि अंडा जल्दी देना चाहिए, तो कुछ एलर्जी का डर दिखाते हैं। सच्चाई यह है कि अंडा बच्चों के लिए एक पोषण से भरपूर सुपरफूड है, लेकिन गलत उम्र या गलत तरीके से देने पर यह परेशानी भी पैदा कर सकता है। इसलिए जरूरी है कि पेरेंट्स अंडा देने से पहले सही जानकारी रखें और बच्चे की उम्र, पाचन क्षमता और सेहत को ध्यान में रखें।
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Egg for Babies: अंडा बच्चों के लिए क्यों जरूरी है?
अंडे में हाई क्वालिटी प्रोटीन, विटामिन A, D, B12, आयरन और जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं। यह बच्चों की शारीरिक ग्रोथ, दिमागी विकास, इम्युनिटी मजबूत करने में अहम भूमिका निभाता है। खासतौर पर बढ़ते बच्चों के लिए अंडा (Egg for Babies) एक किफायती और असरदार पोषण विकल्प माना जाता है।
बच्चों को अंडा देने की सही उम्र क्या है?
- विशेषज्ञों के अनुसार, जब बच्चा 6 महीने की उम्र के बाद ठोस आहार लेना शुरू कर देता है, तब अंडा दिया जा सकता है।
- हालांकि शुरुआत में पूरे अंडे की बजाय पहले अंडे का पीला भाग (योल्क) देना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। इससे एलर्जी का खतरा कम रहता है।
- जब बच्चा इसे आसानी से पचा लेने लगे, तब धीरे-धीरे अंडे का सफेद भाग भी शामिल किया जा सकता है।

अंडा किस रूप में देना ज्यादा सुरक्षित है?
बच्चों को अंडा हमेशा अच्छी तरह पका हुआ ही देना चाहिए। उबला हुआ अंडा अच्छी तरह मैश किया हुआ अंडा शुरुआत के लिए सबसे बेहतर विकल्प हैं। ध्यान रखें अधपका या कच्चा अंडा न दें। नमक, मसाले या तेल बिल्कुल न डालें क्योंकि इससे बच्चे के पेट में गड़बड़ी और इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।
Egg for Babies: एलर्जी का ध्यान रखना क्यों जरूरी है?
कुछ बच्चों को अंडे से एलर्जी हो सकती है। इसलिए पहली बार अंडा (Egg for Babies) देने के बाद बच्चे पर 24 घंटे तक नजर रखना बहुत जरूरी है। एलर्जी के लक्षण हो सकते हैं-
- स्किन पर रैशेज
- उल्टी या दस्त
- होंठ या आंखों के आसपास सूजन
- सांस लेने में दिक्कत
अगर इनमें से कोई भी लक्षण दिखे, तो तुरंत अंडा देना बंद करें और डॉक्टर से संपर्क करें।
कितनी मात्रा में अंडा देना चाहिए?
- शुरुआत हमेशा कम मात्रा से करें।
- पहले 1–2 चम्मच मैश किया हुआ अंडा
- फिर बच्चे की पाचन क्षमता के अनुसार मात्रा बढ़ाएं
- रोजाना बहुत ज्यादा अंडा देना जरूरी नहीं है।
- हफ्ते में 2–3 बार अंडा देना भी बच्चे की पोषण जरूरतों के लिए पर्याप्त हो सकता है।
- संतुलन बनाए रखना सबसे जरूरी है।
हर बच्चे के लिए एक जैसा नियम क्यों नहीं?
हर बच्चे का शरीर अलग होता है। किसी बच्चे को अंडा जल्दी (Egg for Babies) सूट कर जाता है, तो किसी को समय लग सकता है। इसलिए
- दूसरे बच्चों से तुलना न करें
- बच्चे को जबरदस्ती अंडा न खिलाएं
- अगर बच्चा मना करे, तो कुछ दिन बाद दोबारा कोशिश करें
- बच्चे की पसंद और पाचन क्षमता को समझना सबसे जरूरी है।
पेरेंट्स को किन बातों की खास सावधानी रखनी चाहिए?
- अंडा हमेशा ताजा और साफ हो
- फ्रिज से निकले अंडे को अच्छे से पकाएं
- बीमार बच्चे को नया फूड देने से बचें
- किसी भी संदेह की स्थिति में डॉक्टर की सलाह लें
- थोड़ी सी सावधानी बच्चे को अंडे के पूरे फायदे दिला सकती है।
सही जानकारी से बनेगा अंडा बच्चों का दोस्त
अंडा बच्चों (Egg for Babies) की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है, बस जरूरत है सही उम्र, सही तरीका और सही मात्रा अपनाने की। समझदारी से शुरू किया गया अंडा बच्चे की ग्रोथ और इम्युनिटी को मजबूत बना सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे पेशेवर चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न समझें। बच्चे के आहार में बदलाव से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
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