Ghaziabad News : गाजियाबाद से बड़ी खबर सामने आई हैं। जहां भाजपा के गाजियाबाद अध्यक्ष को ब्रह्माकुमारी को ओर से आई बहनों ने राखी बांधकर रक्षाबंधन मनाया।
ब्रह्माकुमारी लोहिया नगर सेवा केंद्र से बी के सोनिया दीदी तथा बी के माधुरी दीदी मंगलवार को मयंक गोयल के आवास पर राखी लेकर पहुंची। जिसके बाद उनका स्वागत किया गया। इस अवसर पर उन्होंने न सिर्फ राखी बांधी बल्कि इसके साथ ही रक्षाबंधन के आध्यात्मिक रहस्य पर भी बातचीत की l
Ghaziabad News : मांगा अनोखा उपहार
राखी बांधने के बाद बहनें अकसर भाई से अपने लिए कुछ तोहफा मांगती हैं। लेकिन ब्रह्माकुमारी बहनों ने मयंक मोयल से अनोखा उपहार मांगा जिसमें उन्होंने कहा कि मयंक को अपनी कोई एक कमजोरी का हमेशा के लिए त्याग करना होगा। इसके लिए उन्होंंने गोयल को संकल्प भी कराया।
Ghaziabad News : समाज की नकारात्मकता पर चर्चा
इस दौरान भाजपा महानगर अध्यक्ष ने समाज में फैली कई प्रकार की बुराइयों जैसे बढ़ता हुआ नशा, बढ़ता अपराध,नकारात्मक संस्कार आदि व समाधान पर विस्तार से चर्चा की l ब्रह्माकुमारी द्वारा राजयोग मेडिटेशन व आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से किए जा रहे समाज सुधार के कार्यों पर भी विस्तार से चर्चा हुई और संस्था द्वारा किए जा रहे कार्यों की मयंक ने सराहना की l
Ghaziabad News : कौन- कौन रहा मौजूद ?
इस पावन अवसर पर मयंक के घर में बी के संदीप , विनीत गोयल (RSS) ,वेद प्रकाश (भाजपा कार्यकर्ता )आदि मौजूद रहे l इस दौरान सभी ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर मुंह मीठा कराया। जिसके साथ ही पूरा वातावरण खुशनुमा हो गया।
Ghaziabad News : क्यों मनाया जाता हैंं रक्षाबंधन ?
रक्षाबंधन को लेकर प्राचीन भारत में अनेक कथाएं हैं। उनके से सबसे ज्यादा प्रसिद्ध तीन कथाए-
द्रौपदी और श्रीकृष्ण की कथा :
जब श्रीकृष्ण की उंगली कट गई थी, तब द्रौपदी ने अपनी साड़ी का टुकड़ा फाड़कर उनकी उंगली पर बांधा। इससे भावुक होकर कृष्ण ने जीवनभर उसकी रक्षा करने का वचन दिया। यही रक्षाबंधन की भावना है।
इंद्र और इंद्राणी की कथा (वेदों में उल्लेख) :
एक बार देव-दानव युद्ध में इंद्राणी ने इंद्र को रक्षा सूत्र बांधा और उसकी विजय की कामना की। वह दिन श्रावण पूर्णिमा था – जिसे बाद में रक्षाबंधन के रूप में मान्यता मिली।
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ब्रह्माकुमारी लोहिया नगर सेवा केंद्र से बी के सोनिया दीदी तथा बी के माधुरी दीदी मंगलवार को मयंक गोयल के आवास पर राखी लेकर पहुंची। जिसके बाद उनका स्वागत किया गया। इस अवसर पर उन्होंने न सिर्फ राखी बांधी बल्कि इसके साथ ही रक्षाबंधन के आध्यात्मिक रहस्य पर भी बातचीत की pic.twitter.com/rsjRFI0Zit
— Lokhit Kranti News (@KrantiLokh53958) August 6, 2025
रानी कर्णावती और हुमायूं:
मध्यकालीन भारत में रानी कर्णावती ने मुगल सम्राट हुमायूं को राखी भेजकर अपनी रक्षा की गुहार की थी। हुमायूं ने इसे बहन का प्यार मानकर उसकी सहायता की।
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