Fire Safety: गाजियाबाद फायर सर्विस द्वारा जनपद के सभी फायर स्टेशनों पर अग्नि सचेतकों की विशेष ट्रेनिंग आयोजित की जा रही है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य न केवल आग लगने की स्थिति से निपटने की क्षमता विकसित करना है, बल्कि समाज में अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़ाना है।
Fire Safety: प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य
फायर विभाग का कहना है कि आग की घटनाएं कभी भी और कहीं भी हो सकती हैं। ऐसे में यदि प्रशिक्षित लोग मौजूद हों, तो नुकसान को कम किया जा सकता है। इस ट्रेनिंग के जरिए प्रतिभागियों को सिखाया जा रहा है…
- आग लगने पर तुरंत और सही कदम उठाना
- आपातकालीन स्थिति में शांत रहकर कार्य करना
- आधुनिक उपकरणों का सही उपयोग करना
- आसपास के लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना
- एक सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम

बता दें, यह प्रशिक्षण एक सप्ताह तक चलेगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रतिभागियों को अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। यह प्रमाण पत्र उत्तर प्रदेश अग्नि शमन एवं आपात सेवा नियमावली-2024 के अंतर्गत मान्य होगा।
प्रमाण पत्र का महत्व
नए नियमों के अनुसार कुछ विशिष्ट श्रेणी के भवनों में अग्नि सुरक्षा अधिकारी और कर्मियों की नियुक्ति अनिवार्य की गई है। इसके लिए प्रमाण पत्र होना जरूरी है। इस व्यवस्था से यह सुनिश्चित होगा कि बड़े भवनों और संस्थानों में हमेशा प्रशिक्षित लोग मौजूद रहें और किसी भी अग्नि दुर्घटना से तुरंत निपटा जा सके।

प्रशिक्षण से मिलने वाले लाभ
जागरूकता में वृद्धि: लोग आग की घटनाओं के प्रति अधिक सतर्क होंगे।
आपातकालीन क्षमता में सुधार: प्रशिक्षित व्यक्ति किसी भी स्थिति में तुरंत और प्रभावी कदम उठा सकेंगे।
दुर्घटनाओं की रोकथाम: शुरुआती स्तर पर ही आग को नियंत्रित किया जा सकेगा।
समुदाय की सुरक्षा: प्रशिक्षण प्राप्त अग्नि सचेतक समाज को सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
गाजियाबाद फायर सर्विस की यह पहल न केवल आगजनी की घटनाओं में कमी लाने में मदद करेगी, बल्कि लोगों को भी सुरक्षित माहौल प्रदान करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम हर जिले में नियमित रूप से होने चाहिए ताकि अग्नि सुरक्षा जन आंदोलन का हिस्सा बन सके।
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