By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
LokhitkrantiLokhitkrantiLokhitkranti
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Reading: Gujarat News : कौन है पूर्व IPS संजीव भट्ट ? जिन्हें यातना से जुड़े मामले में अदालत ने किया बरी !
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
LokhitkrantiLokhitkranti
Search
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Have an existing account? Sign In
Follow US
Lokhitkranti > Blog > उत्तर प्रदेश > Gujarat News : कौन है पूर्व IPS संजीव भट्ट ? जिन्हें यातना से जुड़े मामले में अदालत ने किया बरी !
उत्तर प्रदेश

Gujarat News : कौन है पूर्व IPS संजीव भट्ट ? जिन्हें यातना से जुड़े मामले में अदालत ने किया बरी !

Lokhit Kranti
Last updated: 2024-12-09 10:46 पूर्वाह्न
Lokhit Kranti Published 2024-12-09
Share
IPS Sanjeev Bhatt
Gujarat News: Who is IPS Sanjeev Bhatt
SHARE

Gujarat News : साल 1997 में यातना मामले में हिरासत में लिए गए पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट को गुजरात के पोरबंदर की एक अदालत ने ये कहता हुए बरी कर दिया कि अभियोजन पक्ष “संदेह से परे मामले को साबित नहीं कर सका”। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मुकेश पंड्या ने पोरबंदर के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक (एसपी) भट्ट को उनके खिलाफ आईपीसी की धाराओं के तहत दर्ज मामले में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष उचित संदेह से परे मामले को साबित नहीं कर सका कि शिकायतकर्ता को अपराध कबूल करने के लिए मजबूर किया गया था। खतरनाक हथियारों और धमकियों का उपयोग करके आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर किया गया था।

Gujarat News : लगाए गए थे ये आरोप
अदालत ने माना कि आरोपी पर मुकदमा चलाने के लिए आवश्यक नियमों का पालन नहीं किया गया। भट्ट और कांस्टेबल वजुभाई चौ, जिनके खिलाफ उनकी मृत्यु के बाद मामला समाप्त कर दिया गया था। कांस्टेबल वजुभाई और भट्ट पर भारतीय दंड संहिता की धारा 330 (जबरन स्वीकारोक्ति करवाने के लिए चोट पहुंचाना) और 324 (खतरनाक हथियारों से चोट पहुंचाना) के तहत आरोप लगाए गए थे। यह आरोप नारन जादव नामक व्यक्ति की शिकायत पर लगाए गए थे। जिसमें उन पर आतंकवादी और विध्वंसकारी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (टाडा) और शस्त्र अधिनियम के एक मामले में पुलिस हिरासत में स्वीकारोक्ति करवाने के लिए शारीरिक और मानसिक यातना देने का आरोप लगाया गया था। 6 जुलाई, 1997 को मजिस्ट्रेट अदालत के समक्ष जादव की शिकायत पर अदालत के निर्देश के बाद 15 अप्रैल, 2013 को पोरबंदर शहर के बी-डिवीजन पुलिस स्टेशन में भट्ट और चौ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। 1994 के हथियार बरामदगी मामले में जादव 22 आरोपियों में से एक था।

अभियोजन पक्ष के मुताबकि, पोरबंदर पुलिस की एक टीम 5 जुलाई 1997 को अहमदाबाद की साबरमती सेंट्रल जेल से ट्रांसफर वारंट पर जादव को पोरबंदर में भट्ट के घर ले गई थी। जादव को निजी अंगों समेत शरीर के विभिन्न हिस्सों पर बिजली के झटके दिए गए। उनके बेटे को भी बिजली के झटके दिए गए। शिकायतकर्ता ने बाद में न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत को यातना के बारे में सूचित किया, जिसके बाद जांच का आदेश दिया गया। साक्ष्य के आधार पर अदालत ने 31 दिसंबर, 1998 को मामला दर्ज किया और भट्ट और चौ को समन जारी किया। 15 अप्रैल, 2013 को अदालत ने भट्ट और चौ के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया। भट्ट 1990 के जामनगर हिरासत में मौत के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। मार्च 2024 में पूर्व आईपीएस अधिकारी को राजस्थान के एक वकील को फंसाने के लिए ड्रग्स रखने से संबंधित 1996 के एक मामले में बनासकांठा जिले के पालनपुर की एक अदालत ने भी 20 साल कैद की सजा सुनाई थी।

वह कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ और गुजरात के पूर्व पुलिस महानिदेशक आर बी श्रीकुमार के साथ 2002 के गुजरात दंगों के मामलों के संबंध में कथित तौर पर सबूत गढ़ने के एक मामले में भी आरोपी हैं। अनधिकृत अनुपस्थिति के कारण गुजरात सरकार द्वारा पुलिस सेवा से हटाए गए भट्ट ने गुजरात उच्च न्यायालय के 9 जनवरी, 2024 के आदेश को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया, जिसमें उनकी अपील को खारिज कर दिया गया था। उच्च न्यायालय ने 20 जून, 2019 को जामनगर में सत्र न्यायालय द्वारा हत्या के लिए आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत भट्ट और सह-आरोपी प्रवीणसिंह जाला की दोषसिद्धि को बरकरार रखा था।

भट्ट ने तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में 30 अक्टूबर, 1990 को जामजोधपुर शहर में हुए सांप्रदायिक दंगे के बाद लगभग 150 लोगों को हिरासत में लिया था। यह दंगा अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी की रथ यात्रा को रोकने के विरोध में बुलाए गए बंद के बाद हुआ था। हिरासत में लिए गए लोगों में से एक प्रभुदास वैष्णानी की रिहाई के बाद अस्पताल में मौत हो गई।

 

 

You Might Also Like

UP Sambhal News: संभल में कबाड़ी का बड़ा आरोप, एसपी ने पूरी टीम सस्पेंड कर हड़कंप मचाया

UP Vidhan Sabha : यूपी विधानसभा में तरल पेय पर बहस, हंसी-मजाक के बीच उठे गंभीर सवाल

Noida News: नोएडा में 6 साल पुराना ‘मौत का तालाब’! 3 साल के देवांश की मौत और जिम्मेदार कौन?

UP Politics: दलित वोट बैंक की होड़ तेज, बीजेपी- सपा भिड़ेंगे या मायावती कर देंगी बड़ा फेरबदल?

UP Board Strict Exam Rules: कॉपी में रुपये रखे तो रिजल्ट जाएगा अटक, यूपी बोर्ड का सख्त फरमान, टीचर भी नहीं बचेंगे

Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
T20 World Cup Records
खेल

T20 World Cup Records: टी20 वर्ल्ड कप में सबसे दमदार कौन? विराट कोहली सबसे आगे, रोहित-गेल भी सूची में शामिल

Tej Tej 2026-02-13
UPSC 2026: UPSC ने जारी किया नोटिफिकेशन, इको और स्टैट छात्रों के लिए अधिकारी बनने का सुनहरा मौका
रश्मिका-विजय की शादी की डेट आई सामने! सोशल मीडिया पर लीक हुआ वेडिंग कार्ड
Rajasthan Export Growth: भजनलाल सरकार में राजस्थान का निर्यात रिकॉर्ड पर – 50,900 करोड़ की ऐतिहासिक छलांग
तारिक रहमान के शपथ से पहले यूनुस का इस्तीफा, बांग्लादेश में नई सरकार का रास्ता साफ
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

  • ताज़ा खबरे
  • बॉलीवुड
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • धर्म कर्म
  • वायरल
  • बिज़नेस

About US

लोकहित क्रांति न्यूज़ एक निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित को समर्पित डिजिटल समाचार मंच है। हमारा उद्देश्य देश–दुनिया की ताज़ा, सटीक और प्रमाणिक ख़बरें आप तक तेज़ी से पहुँचाना है।
Quick Link
  • About Us
  • Contact Us
  • Terms and Condition
  • DNPA Code of Ethics
Must Read
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Grievance Redressal Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Copyrights © Lokhit Kranti. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?