India-Europe Partnership: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वीडन के गोटेनबर्ग में आयोजित यूरोपियन CEO राउंड टेबल में दुनिया को बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में India-Europe Partnership सिर्फ व्यापारिक रिश्ता नहीं, बल्कि स्थिरता, तकनीक और साझा समृद्धि की मजबूत नींव बन सकता है। वोल्वो ग्रुप द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में यूरोप की बड़ी कंपनियों के प्रमुख और कई शीर्ष नेता मौजूद रहे।
PM मोदी ने कहा कि दुनिया इस समय अनिश्चितता, सप्लाई चेन संकट, तकनीकी प्रतिस्पर्धा और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से जूझ रही है। ऐसे दौर में भारत और यूरोप अगर साथ मिलकर काम करें, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल सकती है।
एआई, फिनटेक और अंतरिक्ष सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रहा भारत
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम की खास चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब बन चुका है। भारत के युवा AI, फिनटेक, स्पेस, ड्रोन और मोबिलिटी सेक्टर में ऐसे समाधान तैयार कर रहे हैं, जिनका फायदा पूरी दुनिया को मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि India-Europe Partnership तकनीक और इनोवेशन के क्षेत्र में नई क्रांति ला सकती है। यूरोप के निवेश और भारत की युवा प्रतिभा मिलकर भविष्य की नई अर्थव्यवस्था तैयार कर सकते हैं। PM मोदी ने यह भी कहा कि भारत अब सिर्फ एक मार्केट नहीं, बल्कि इनोवेशन और मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा ग्लोबल सेंटर बन रहा है।
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भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर तेजी
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर भी बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष इस समझौते को जल्द लागू करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर यह समझौता लागू होता है, तो व्यापार, टेक्नोलॉजी और निवेश के नए रास्ते खुलेंगे। यही वजह है कि India-Europe Partnership को आने वाले समय की सबसे अहम वैश्विक साझेदारियों में माना जा रहा है।
PM मोदी ने सुरक्षा और रक्षा सहयोग, साथ ही मोबिलिटी एग्रीमेंट का जिक्र करते हुए कहा कि भारत और यूरोप के रिश्ते अब रणनीतिक स्तर पर मजबूत हो रहे हैं।
रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म पर जोर’ के मंत्र पर काम किया है। उन्होंने बताया कि भारत में लगातार आर्थिक सुधार किए गए हैं, जिसका असर अब दुनिया देख रही है।
उन्होंने विदेशी कंपनियों को भारत में निवेश का न्योता देते हुए कहा कि देश की युवा आबादी, तेजी से बढ़ता मध्यम वर्ग और इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार आर्थिक विकास को नई गति दे रहा है।
PM मोदी ने साफ कहा कि India-Europe Partnership सिर्फ आज के लिए नहीं, बल्कि आने वाले दशकों की स्थिर और टिकाऊ वैश्विक व्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है।
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स्वीडन का सर्वोच्च सम्मान मिलने से बढ़ा भारत का गौरव
स्वीडन यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ पोलर स्टार कमांडर ग्रैंड क्रॉस’ सम्मान से भी सम्मानित किया गया। यह किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष को दिया जाने वाला स्वीडन का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है।
यह पीएम मोदी को मिला 31वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। इस उपलब्धि ने भारत की वैश्विक साख को और मजबूत किया है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि India-Europe Partnership को मजबूत बनाने में पीएम मोदी की विदेश नीति अहम भूमिका निभा रही है।
नॉर्वे के लिए रवाना होंगे PM मोदी
स्वीडन दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी अब नॉर्वे के लिए रवाना होंगे। उनकी पांच देशों की यात्रा को भारत की वैश्विक कूटनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में India-Europe Partnership व्यापार, तकनीक, रक्षा और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में नए रिकॉर्ड बना सकती है।
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