बिहार में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ऐलान किया कि रक्षाबंधन के मौके से राज्यभर में बिहार पुलिस दीदी के नाम से 5 हजार महिला पुलिसकर्मियों को स्कूल-कॉलेजों के बाहर तैनात किया जाएगा।
गांधी मैदान से हुआ ऐलान
यह घोषणा 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान की गई। इस अवसर पर सम्राट चौधरी ने राज्य में छात्राओं की सुरक्षा को मजबूत करने से जुड़ी नई पहल की जानकारी दी।
क्यों जरूरी है यह पहल
अधिकारियों के मुताबिक, स्कूल और कॉलेज आते-जाते समय अक्सर छात्राओं को मनचलों की छेड़छाड़ जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए पुलिस दीदी योजना शुरू करने का निर्णय लिया गया है, ताकि शिक्षण संस्थानों के आसपास महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी से छात्राएं सुरक्षित महसूस कर सकें।
सहयोग शिविर की भी हुई चर्चा
सरकार के कामकाज का ब्योरा देते हुए सम्राट चौधरी ने बताया कि जनता की शिकायतों और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ‘सहयोग शिविर’ नाम से एक नया प्रयोग पहले ही शुरू किया जा चुका है, जिसे लोगों की परेशानियों को स्थानीय स्तर पर सुलझाने की दिशा में एक कदम बताया गया।
रोजगार को लेकर भी बड़ा दावा
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार को गति देने से जुड़े प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इसी साल नवंबर तक बिहार में करीब 5 लाख युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है, जिस पर सरकार बड़े पैमाने पर काम कर रही है।
आगे की रणनीति
पुलिस दीदी योजना को महिला सुरक्षा की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। राज्य सरकार का दावा है कि इस पहल से न सिर्फ छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि शिक्षण संस्थानों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी बेहतर होगी। योजना को रक्षाबंधन से चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाने की योजना है।


