केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात कर पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को उठाया
लखनऊ/कासगंज। उत्तर प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों के समाधान की मांग को लेकर Kasganj Press Club का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को लखनऊ पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से उनके सरकारी आवास 5, कालिदास मार्ग पर शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान पत्रकारों के हितों से संबंधित नौ सूत्रीय मांग-पत्र सौंपते हुए प्रदेशभर के पत्रकारों के सामने आने वाली समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व Kasganj Press Club के अध्यक्ष संजीव कुमार सिंह ‘बॉबी ठाकुर’ ने किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पत्रकार समाज और प्रशासन के बीच सूचना का सेतु बनकर कार्य करते हैं तथा जनहित के मुद्दों को जिम्मेदारी के साथ सामने लाते हैं। ऐसे में पत्रकारों को सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
नौ सूत्रीय मांग-पत्र में रखी गईं महत्वपूर्ण मांगें
Kasganj Press Club द्वारा सौंपे गए मांग-पत्र में पत्रकारों के हितों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें शामिल की गईं। इनमें सबसे प्रमुख मांग कासगंज जनपद में प्रेस क्लब के लिए स्थायी कार्यालय उपलब्ध कराने की रही। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि एक स्थायी कार्यालय होने से पत्रकारों को बैठकों, प्रेस वार्ताओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और सामाजिक गतिविधियों के संचालन में सुविधा मिलेगी।
इसके अलावा जिला स्तर पर स्थायी पत्रकार समिति के गठन की मांग भी रखी गई। प्रतिनिधिमंडल का मानना है कि ऐसी समिति बनने से पत्रकारों की शिकायतों और समस्याओं का त्वरित समाधान संभव होगा तथा प्रशासन और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा।
Kasganj Press Club-पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर उठाई गई आवाज
प्रतिनिधिमंडल ने पत्रकारों की सुरक्षा को सबसे महत्वपूर्ण विषय बताते हुए मांग की कि किसी भी पत्रकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने से पहले निष्पक्ष जांच कराना अनिवार्य किया जाए। उनका कहना था कि कई बार बिना पर्याप्त तथ्यों की जांच किए पत्रकारों पर कार्रवाई कर दी जाती है, जिससे स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता प्रभावित होती है।
मांग-पत्र में यह भी कहा गया कि पत्रकारों को उनके कार्य के दौरान कानूनी संरक्षण और संस्थागत सुरक्षा उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि वे बिना किसी दबाव के अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें।
वेतन, भत्ता और सामाजिक सुविधाओं की मांग
Kasganj Press Club ने पत्रकारों के आर्थिक और सामाजिक हितों को ध्यान में रखते हुए वेतन एवं भत्ता लागू करने की मांग भी उठाई। इसके साथ ही पत्रकारों के लिए आवासीय सुविधा, टोल टैक्स में छूट तथा केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पत्रकार अक्सर कठिन परिस्थितियों में कार्य करते हैं। कई बार उन्हें दूर-दराज़ क्षेत्रों में जाकर समाचार संकलन करना पड़ता है। ऐसे में सरकार द्वारा विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने से उनके कार्य को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
Kasganj Press Club-पत्रकारों के हित में सकारात्मक पहल की अपेक्षा
प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि पत्रकारों के हितों से जुड़े इन मुद्दों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए। उनका कहना था कि यदि इन मांगों को लागू किया जाता है तो प्रदेशभर के पत्रकारों को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा और मीडिया संस्थानों में कार्यरत पत्रकार अधिक सुरक्षा और आत्मविश्वास के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा सकेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि पत्रकारों के हितों की रक्षा केवल मीडिया जगत के लिए ही नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए भी आवश्यक है।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दिया आश्वासन
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रतिनिधिमंडल की सभी बातों को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं और समाज को सही, निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि Kasganj Press Club द्वारा प्रस्तुत नौ सूत्रीय मांग-पत्र पर नियमानुसार विचार किया जाएगा। जिन विषयों पर शासन स्तर से कार्रवाई संभव होगी, उन पर संबंधित विभागों से चर्चा कर आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
Kasganj Press Club- प्रतिनिधिमंडल में ये लोग रहे शामिल
इस अवसर पर Kasganj Press Club के अध्यक्ष संजीव कुमार सिंह ‘बॉबी ठाकुर’, दैनिक सहानुभूति के संपादक विजय दास मौर्य, राष्ट्रीय लोकदल कासगंज के जिलाध्यक्ष शमीम अहमद अल्वी तथा रितेश द्विवेदी भी उपस्थित रहे। सभी ने पत्रकारों के हितों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की और सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा व्यक्त की।
पत्रकारों को सकारात्मक निर्णय की उम्मीद
प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास जताया कि सरकार पत्रकारों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय करेगी। यदि नौ सूत्रीय मांग-पत्र में शामिल प्रस्तावों को लागू किया जाता है तो प्रदेश के हजारों पत्रकारों को बेहतर कार्य वातावरण, सुरक्षा, सम्मान और आवश्यक सुविधाएं मिल सकेंगी। इससे न केवल पत्रकारों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता को भी मजबूती मिलेगी। लोकतंत्र में स्वतंत्र मीडिया की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।




