President Murmu in Jabalpur: मध्य प्रदेश के जबलपुर दौरे पर पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के दौरान देश के युवाओं, विशेषकर आदिवासी समाज के शिक्षित वर्ग को महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि केवल व्यक्तिगत विकास ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज के उन लोगों को भी आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी है जो अब भी विकास की मुख्यधारा से दूर हैं। President Murmu in Jabalpur कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ने शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर विस्तार से अपने विचार रखे।
विश्व योग दिवस पर 4000 लोगों के साथ किया योग
जबलपुर के गैरीसन मैदान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लगभग एक घंटे तक योगाभ्यास किया। भीषण गर्मी के बावजूद उन्होंने हजारों लोगों के साथ योग कर स्वस्थ जीवन के लिए इसकी आवश्यकता पर जोर दिया।
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President Murmu in Jabalpur कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन धरोहर है, जिसे ऋषि-मुनियों ने दुनिया को दिया। आज विश्व के अनेक देशों में योग को अपनाया जा रहा है और विदेश यात्राओं के दौरान लोग उनसे अक्सर योग के बारे में जानकारी लेते हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष योग दिवस की थीम “Yoga for Healthy Ageing” है, जिसका उद्देश्य स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा देना है।
जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां बड़ी चुनौती
राष्ट्रपति ने कहा कि बदलती जीवनशैली के कारण कई तरह की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में योग लोगों को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखने का सबसे प्रभावी माध्यम बन सकता है।
उन्होंने बताया कि वह स्वयं कई वर्षों से नियमित योग करती हैं और इसके सकारात्मक परिणामों का अनुभव कर चुकी हैं। President Murmu in Jabalpur के दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भी योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है ताकि लोग स्वस्थ और जागरूक जीवन जी सकें।
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में छात्रों को बांटे स्वर्ण पदक
योग कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं। उन्होंने मेधावी छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक प्रदान किए और शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला।
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अपने संबोधन में उन्होंने रानी दुर्गावती के साहस और बलिदान को याद करते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी केवल डिग्री देना नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले नागरिक तैयार करना भी है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के आसपास बड़ी संख्या में जनजातीय समुदाय निवास करता है, इसलिए शिक्षा के अवसर विशेष रूप से आदिवासी छात्र-छात्राओं और बेटियों तक पहुंचने चाहिए।
शिक्षित आदिवासी समाज अपने लोगों के लिए आगे आए
President Murmu in Jabalpur के दौरान राष्ट्रपति ने आदिवासी समाज के शिक्षित युवाओं से विशेष अपील की। उन्होंने कहा कि जो लोग पढ़-लिखकर आगे बढ़ चुके हैं, उन्हें अपने गांवों और समुदाय के उन लोगों की मदद करनी चाहिए जो अभी भी सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज स्वाभिमानी होता है और अपनी समस्याओं को आसानी से सामने नहीं रखता। यही कारण है कि स्वतंत्रता के दशकों बाद भी कई क्षेत्रों में अपेक्षित विकास नहीं हो पाया है। राष्ट्रपति ने कहा कि यदि शिक्षित युवा अपने समाज से जुड़े रहेंगे और लोगों को जागरूक करेंगे तो विकास की गति और तेज होगी।
2047 तक विकसित भारत के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन इसके लिए केवल सरकार के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। हर नागरिक को अपने स्तर पर योगदान देना होगा।
उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के युवाओं को शहरों में रहकर अपने सपनों को पूरा करने के साथ-साथ अपनी संस्कृति और पहचान को भी संरक्षित रखना चाहिए। President Murmu in Jabalpur कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि अपनी जड़ों से जुड़े रहना ही समाज और देश को मजबूत बनाने का आधार है।
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व्यक्तिगत विकास के साथ देशहित को भी दें महत्व
राष्ट्रपति ने छात्रों और युवाओं से कहा कि जीवन में सफलता हासिल करना महत्वपूर्ण है, लेकिन समाज और देश के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों की जिम्मेदारी केवल शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि युवाओं में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और उद्यमिता की भावना विकसित करना भी है। राष्ट्रपति ने कहा कि समाज तेजी से बदल रहा है और हमें समय के साथ आगे बढ़ना चाहिए, लेकिन अपनी सांस्कृतिक विरासत और मूल्यों को कभी नहीं भूलना चाहिए।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी किया जागरूक
अपने संबोधन के अंतिम चरण में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बढ़ती गर्मी और जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की अपील की।
समाज और राष्ट्र निर्माण का दिया संदेश
President Murmu in Jabalpur कार्यक्रम केवल योग दिवस या दीक्षांत समारोह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह समाज और राष्ट्र निर्माण का संदेश देने वाला अवसर बन गया। राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब हर व्यक्ति अपने विकास के साथ-साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए भी प्रयास करेगा।
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