Patanjali Civil Services Academy के शुभारंभ के साथ योग गुरु बाबा रामदेव और पतंजलि समूह ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के क्षेत्र में एक नई पहल की शुरुआत की है। इस अकादमी का उद्देश्य केवल आईएएस, आईपीएस और अन्य केंद्रीय सेवाओं के लिए अभ्यर्थियों को तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे प्रशासनिक अधिकारी तैयार करना है जो भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रसेवा की भावना से प्रेरित हों।
हरिद्वार स्थित पतंजलि परिसर में शुरू की गई Patanjali Civil Services Academy को देश की प्रशासनिक व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अकादमी का दावा है कि यहां आधुनिक प्रतियोगी परीक्षा तैयारी के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा और चरित्र निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सिविल सेवा तैयारी को मिलेगा नया आयाम
भारत में हर साल लाखों युवा संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में शामिल होते हैं। हालांकि सफलता का प्रतिशत बेहद कम होता है। ऐसे में Patanjali Civil Services Academy ने तैयारी के पारंपरिक मॉडल से आगे बढ़कर एक समग्र शिक्षा प्रणाली विकसित करने की बात कही है।
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अकादमी के अनुसार यहां छात्रों को केवल परीक्षा पास करने की रणनीति नहीं सिखाई जाएगी, बल्कि उन्हें प्रशासनिक जिम्मेदारियों के लिए मानसिक, बौद्धिक और नैतिक रूप से भी तैयार किया जाएगा। संस्थान का मानना है कि एक अच्छे अधिकारी के लिए ज्ञान के साथ-साथ चरित्र और संवेदनशीलता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
बाबा रामदेव ने बताया अकादमी का उद्देश्य
अकादमी के शुभारंभ अवसर पर योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि भारत संविधान से संचालित होता है, लेकिन संविधान और कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने का कार्य प्रशासनिक अधिकारी करते हैं। इसलिए अधिकारियों का चरित्र और दृष्टिकोण देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने कहा कि Patanjali Civil Services Academy का उद्देश्य ऐसे अधिकारी तैयार करना है जो अपने पद को केवल करियर के रूप में न देखें, बल्कि राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा का माध्यम मानें। उनके अनुसार भारत को ऐसे प्रशासनिक नेतृत्व की आवश्यकता है जो आधुनिक ज्ञान के साथ भारतीय मूल्यों को भी समझता हो।
क्या है अकादमी का ‘त्रि-शिक्षा’ मॉडल?
Patanjali Civil Services Academy की सबसे बड़ी विशेषता इसका ‘त्रि-शिक्षा मॉडल’ है। अकादमी के अनुसार यह मॉडल तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित होगा—आध्यात्मिक ज्ञान, प्रशासनिक उत्कृष्टता और शैक्षणिक कठोरता।
संस्थान का दावा है कि यह मॉडल विद्यार्थियों को केवल परीक्षा के लिए नहीं बल्कि जीवन और प्रशासनिक सेवा की चुनौतियों के लिए भी तैयार करेगा। योग, प्राणायाम और भारतीय दर्शन को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा ताकि छात्रों में आत्मविश्वास, धैर्य और निर्णय क्षमता का विकास हो सके। अकादमी का मानना है कि प्रशासनिक सेवा में सफलता केवल जानकारी से नहीं बल्कि संतुलित व्यक्तित्व से भी प्राप्त होती है।
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति और भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित होगा पाठ्यक्रम
Patanjali Civil Services Academy का पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और भारतीय ज्ञान परंपरा के सिद्धांतों पर आधारित होगा। अकादमी ने ‘विरासत और विज्ञान’ तथा ‘बोधि और शोध’ की अवधारणा को अपने शैक्षणिक मॉडल का आधार बनाया है।
इसके तहत छात्रों को आधुनिक प्रशासनिक ढांचे, संविधान, शासन व्यवस्था और समसामयिक विषयों के साथ भारतीय इतिहास, संस्कृति और दर्शन की भी गहन समझ विकसित कराई जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह दृष्टिकोण विद्यार्थियों को व्यापक सोच विकसित करने में मदद कर सकता है, जो सिविल सेवा जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में उपयोगी साबित हो सकता है।
अवध ओझा संभालेंगे शैक्षणिक नेतृत्व
Patanjali Civil Services Academy के संचालन और शैक्षणिक मार्गदर्शन की जिम्मेदारी देश के प्रसिद्ध सिविल सेवा शिक्षक अवध ओझा को सौंपी गई है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के क्षेत्र में उनकी पहचान लाखों छात्रों के बीच है।
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अकादमी के अनुसार प्रारंभिक एक महीने के विशेष सत्र में अवध ओझा इतिहास, प्रेरणा और व्यक्तित्व विकास से जुड़े विषयों पर विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देंगे। उन्होंने कहा कि संस्थान का लक्ष्य केवल जानकारी उपलब्ध कराना नहीं बल्कि विद्यार्थियों में सोचने, समझने और सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना है। उनके अनुसार सफल प्रशासनिक अधिकारी वही बन सकता है जो समाज की वास्तविक समस्याओं को समझकर समाधान खोजने की क्षमता रखता हो।
देशभर के विशेषज्ञ शिक्षक देंगे मार्गदर्शन
अकादमी ने दावा किया है कि UPSC और अन्य केंद्रीय सेवाओं की तैयारी के लिए दिल्ली समेत देश के प्रमुख शिक्षा केंद्रों के अनुभवी शिक्षकों को जोड़ा जाएगा। इससे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन और प्रतिस्पर्धी माहौल उपलब्ध कराया जा सकेगा।
Patanjali Civil Services Academy का उद्देश्य ग्रामीण और छोटे शहरों के प्रतिभाशाली युवाओं को भी उच्च स्तरीय सिविल सेवा तैयारी का अवसर देना है, ताकि आर्थिक और भौगोलिक सीमाएं उनके सपनों के बीच बाधा न बन सकें।
प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव की सोच
पूर्व आईएएस अधिकारी और शिक्षा विशेषज्ञ डॉ. एन.पी. सिंह ने कहा कि वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था पर अब भी औपनिवेशिक सोच का प्रभाव दिखाई देता है। उनके अनुसार नई अकादमी भारतीय संविधान की मूल भावना और भारतीय प्रशासनिक परंपराओं को केंद्र में रखकर अधिकारियों को तैयार करेगी।
उन्होंने कहा कि कर्तव्यनिष्ठा, संवेदनशीलता और लोककल्याण की भावना को मजबूत करना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है। इससे प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जनोन्मुख और जवाबदेह बनाने में मदद मिल सकती है।
नई पहल से बढ़ेंगी युवाओं की उम्मीदें
हरिद्वार में शुरू हुई Patanjali Civil Services Academy को सिविल सेवा शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल के रूप में देखा जा रहा है। योग, भारतीय संस्कृति, आधुनिक शिक्षा और प्रशासनिक प्रशिक्षण के समन्वय पर आधारित यह मॉडल युवाओं को एक अलग विकल्प प्रदान कर सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अकादमी अपने घोषित उद्देश्यों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मार्गदर्शन प्रदान करने में सफल रहती है, तो यह आने वाले वर्षों में UPSC और अन्य केंद्रीय सेवाओं की तैयारी का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकती है।
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