IMA Passing Out Parade 2026 आज देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में आयोजित होने जा रही है। यह परेड केवल एक सैन्य समारोह नहीं, बल्कि भारतीय सेना की नई पीढ़ी के नेतृत्व के उदय का प्रतीक है। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगी और परेड की सलामी लेंगी।
इस बार की IMA Passing Out Parade 2026 कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है। पहली बार महिला कैडेट भी पुरुष कैडेटों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर ‘अंतिम पग’ पार करेंगी और सैन्य अधिकारी के रूप में अपने करियर की शुरुआत करेंगी। यह भारतीय सेना में लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
सेना को मिलेंगे 481 नए अधिकारी
IMA Passing Out Parade 2026 के दौरान कुल 515 जेंटलमैन और महिला कैडेट प्रशिक्षण पूरा कर सैन्य जीवन में प्रवेश करेंगे। इनमें से 481 कैडेट भारतीय सेना का हिस्सा बनेंगे, जबकि शेष मित्र देशों की सेनाओं में अधिकारी के रूप में नियुक्त होंगे।
देश अब नारे नहीं, काम पर वोट देता है – मुख्यमंत्री धामी
कठोर प्रशिक्षण, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता की कसौटी पर खरे उतरने के बाद ये युवा अधिकारी देश की सीमाओं की रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे। पासिंग आउट परेड के बाद उनके कंधों पर सितारे सजेंगे और वे भारतीय सेना के गौरवशाली इतिहास का हिस्सा बन जाएंगे।
पहली बार महिला कैडेटों की भागीदारी बनेगी आकर्षण का केंद्र
इस वर्ष की IMA Passing Out Parade 2026 का सबसे बड़ा आकर्षण महिला कैडेटों की भागीदारी है। भारतीय सैन्य अकादमी के इतिहास में पहली बार महिला कैडेट अंतिम पग समारोह का हिस्सा बन रही हैं।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं को सेना की विभिन्न शाखाओं में अधिक अवसर दिए गए हैं और अब सैन्य नेतृत्व में उनकी भागीदारी लगातार बढ़ रही है। महिला कैडेटों की यह उपलब्धि उन हजारों युवतियों के लिए प्रेरणा बनेगी, जो सेना में करियर बनाने का सपना देखती हैं।
क्या होता है ‘अंतिम पग’ का महत्व?
IMA Passing Out Parade 2026 में ‘अंतिम पग’ समारोह सबसे भावुक और प्रतिष्ठित क्षण माना जाता है। अकादमी के चेटवुड भवन के सामने बने ड्रिल स्क्वायर पर जब कैडेट अंतिम कदम रखते हैं, तो वे प्रशिक्षु से अधिकारी बनने की यात्रा पूरी कर लेते हैं।
Read: अब नहीं भटकेंगे ट्रैकर्स, 100 ट्रेकिंग रूट्स होंगे डिजिटल मैप पर दर्ज
यह परंपरा दशकों पुरानी है और हर कैडेट के लिए गर्व का क्षण होती है। वर्षों की मेहनत, त्याग और अनुशासन का परिणाम इसी अंतिम पग के रूप में सामने आता है। परेड के दौरान कैडेटों के परिवारजन भी इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनते हैं, जिससे समारोह का महत्व और बढ़ जाता है।
राष्ट्रपति मुर्मू लेंगी परेड की सलामी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर देहरादून पहुंच चुकी हैं। IMA Passing Out Parade 2026 में वह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर परेड की सलामी लेंगी और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेटों को सम्मानित भी करेंगी।
राष्ट्रपति की मौजूदगी इस समारोह की गरिमा को और बढ़ा देती है। सैन्य अकादमी में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए देहरादून में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
कठिन प्रशिक्षण के बाद मिली सफलता
IMA Passing Out Parade 2026 तक पहुंचने का सफर आसान नहीं होता। कैडेटों को शारीरिक, मानसिक और सामरिक स्तर पर कठोर प्रशिक्षण से गुजरना पड़ता है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें युद्ध कौशल, नेतृत्व क्षमता, रणनीतिक निर्णय, हथियार संचालन, पर्वतीय प्रशिक्षण और आधुनिक सैन्य तकनीकों की जानकारी दी जाती है।
कठिन परिस्थितियों में कार्य करने की क्षमता विकसित करने के लिए विशेष अभ्यास भी कराए जाते हैं। यही कारण है कि पासिंग आउट परेड केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि सैनिक जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जाती है।
Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
मित्र देशों के कैडेट भी बनेंगे अधिकारी
IMA Passing Out Parade 2026 की एक और खास बात यह है कि इसमें मित्र देशों के कैडेट भी प्रशिक्षण पूरा कर अपनी-अपनी सेनाओं में अधिकारी बनेंगे। भारतीय सैन्य अकादमी लंबे समय से विभिन्न मित्र देशों के सैन्य अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान करती रही है। इससे भारत और अन्य देशों के बीच रक्षा सहयोग मजबूत होता है तथा सैन्य संबंधों को नई दिशा मिलती है। विदेशी कैडेटों की भागीदारी अकादमी की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को भी दर्शाती है।
भारतीय सैन्य अकादमी की गौरवशाली विरासत
देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी देश की सबसे प्रतिष्ठित सैन्य प्रशिक्षण संस्थाओं में गिनी जाती है। यहां से प्रशिक्षित अधिकारी दशकों से भारतीय सेना का नेतृत्व करते आए हैं।
IMA Passing Out Parade 2026 एक बार फिर उस परंपरा को आगे बढ़ाने जा रही है, जिसने देश को अनेक वीर सैनिक और सैन्य नेतृत्व प्रदान किया है। अकादमी का आदर्श वाक्य “देश की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण सर्वोपरि” हर कैडेट के जीवन का मूल मंत्र बन जाता है।
नई जिम्मेदारियों के साथ शुरू होगी नई यात्रा
IMA Passing Out Parade 2026 के बाद भारतीय सेना को 481 नए अधिकारी मिलेंगे, जो देश की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेंगे। पहली बार महिला कैडेटों की भागीदारी इस आयोजन को ऐतिहासिक बना रही है।
यह परेड केवल सैन्य प्रशिक्षण की समाप्ति नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा के एक नए अध्याय की शुरुआत है। आने वाले समय में यही युवा अधिकारी भारतीय सेना की ताकत बनकर देश की सीमाओं और सम्मान की रक्षा करेंगे।
पढ़े ताजा अपडेट : Hindi News, Today Hindi News, Breaking




