Haridwar Road Accident: उत्तराखंड के धर्मनगरी हरिद्वार में बुधवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। Haridwar Road Accident में हरिद्वार-देहरादून हाईवे पर सर्वानंद घाट के पास खड़ी एक कार को तेज रफ्तार डंपर ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसके परखच्चे उड़ गए। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय कार में कोई यात्री मौजूद नहीं था, क्योंकि सभी लोग गंगा स्नान के लिए घाट पर गए हुए थे।
हालांकि इस दुर्घटना में ड्यूटी पर तैनात दो पीआरडी जवान डंपर की चपेट में आ गए, जिससे वे घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस अब फरार डंपर चालक की तलाश में जुटी हुई है।
हाईवे किनारे खड़ी थी दिल्ली नंबर की कार
जानकारी के अनुसार Haridwar Road Accident बुधवार सुबह तड़के उस समय हुआ, जब दिल्ली नंबर की एक कार सर्वानंद घाट के पास हरिद्वार-देहरादून हाईवे किनारे खड़ी थी। कार में सवार यात्री गंगा स्नान के लिए घाट पर चले गए थे और वाहन को सड़क किनारे छोड़ दिया गया था।
ड्यूटी पर मौजूद पीआरडी जवान अनिल कुमार और सचिन कुमार हाईवे पर खड़े वाहनों की निगरानी कर रहे थे। जब उनकी नजर गलत तरीके से खड़ी कार पर पड़ी तो वे वाहन मालिकों की तलाश करने लगे, ताकि कार को हाईवे से हटवाया जा सके और यातायात प्रभावित न हो।
अचानक आया तेज रफ्तार डंपर, मच गया हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार Haridwar Road Accident उस समय हुआ जब पीछे से तेज गति से आ रहा एक डंपर सीधे खड़ी कार से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार कुछ ही सेकंड में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार का अगला और पिछला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया। आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि टक्कर की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी और कुछ समय के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
डंपर की चपेट में आए दो पीआरडी जवान
Haridwar Road Accident में सबसे ज्यादा प्रभावित ड्यूटी पर मौजूद पीआरडी जवान हुए। कार के पास खड़े अनिल कुमार और सचिन Kumar डंपर की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए।
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स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से दोनों घायलों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के अनुसार दोनों की हालत फिलहाल स्थिर है और उनका उपचार जारी है। प्रशासन ने भी घायलों के स्वास्थ्य की निगरानी के निर्देश दिए हैं।
कार में यात्री होते तो हो सकता था बड़ा नुकसान
इस Haridwar Road Accident की सबसे राहत भरी बात यह रही कि हादसे के समय कार में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। सभी यात्री सर्वानंद घाट पर गंगा स्नान करने गए हुए थे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस तरह से कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुई है, यदि उस समय यात्री वाहन के अंदर बैठे होते तो जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था। दुर्घटना के बाद कार की तस्वीरें देखने वाले लोग भी इस बात को लेकर हैरान हैं कि उसमें सवार कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था। विशेषज्ञों का मानना है कि हाईवे किनारे वाहन खड़ा करना हमेशा जोखिम भरा होता है, खासकर तब जब सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती हो।
हादसे के बाद मौके से फरार हुआ चालक
Haridwar Road Accident के बाद डंपर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। घटना के बाद पुलिस ने डंपर को कब्जे में ले लिया और जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि चालक की पहचान की जा सके। इसके अलावा वाहन के दस्तावेजों के आधार पर भी चालक और मालिक के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
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पुलिस ने शुरू की जांच
नगर कोतवाली हरिद्वार के प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। सबसे पहले घायल जवानों को अस्पताल पहुंचाया गया और फिर सड़क से क्षतिग्रस्त कार तथा डंपर को हटाकर यातायात सामान्य कराया गया।
उन्होंने कहा कि Haridwar Road Accident के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। फरार चालक की तलाश के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
इस Haridwar Road Accident ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और हाईवे पर वाहनों की पार्किंग को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हरिद्वार जैसे धार्मिक शहर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं और कई बार वाहन सड़क किनारे खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
स्थानीय प्रशासन लगातार लोगों से अपील करता रहा है कि वाहन केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करें। विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन और भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण ऐसे हादसों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
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