LPG Price Hike: देशभर के करोड़ों परिवारों को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। LPG Price Hike के तहत 14 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। नई दरें लागू होने के बाद दिल्ली में सिलेंडर का दाम 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये हो गया है। इस फैसले ने आम लोगों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।
तीन महीने में दूसरी बार बढ़ी कीमत
यह पहली बार नहीं है जब घरेलू गैस सिलेंडर महंगा हुआ हो। इससे पहले मार्च 2026 में भी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये का इजाफा किया गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट का असर भारतीय बाजार पर लगातार पड़ रहा है। इसी वजह से LPG Price Hike का असर अब आम उपभोक्ताओं तक पहुंच रहा है।
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सरकार ने क्यों बढ़ाए सिलेंडर के दाम?
कीमतों में बढ़ोतरी के बाद सरकार ने इसकी वजह भी स्पष्ट की है। सरकार के अनुसार घरेलू एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई लागत अब 1,600 रुपये से अधिक हो चुकी है, जबकि उपभोक्ताओं को यह 942 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है। इसका मतलब है कि प्रत्येक सिलेंडर पर लगभग 700 रुपये की अंडर-रिकवरी हो रही है।
सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण यह स्थिति बनी है। ऐसे में LPG Price Hike को लागत और बिक्री मूल्य के बीच बढ़ते अंतर को कम करने के लिए जरूरी बताया गया है।
दुनिया के कई देशों से सस्ती है भारतीय LPG
सरकार ने अपने बयान में दावा किया है कि भारत में घरेलू एलपीजी की कीमतें अभी भी दुनिया के कई देशों से कम हैं। पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों की तुलना में भारतीय उपभोक्ता कम कीमत पर गैस खरीद रहे हैं।
इसके अलावा अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे विकसित देशों के मुकाबले भी भारत में रसोई गैस काफी सस्ती बताई गई है। सरकार का तर्क है कि LPG Price Hike के बावजूद भारतीय परिवारों को अंतरराष्ट्रीय बाजार की तुलना में राहत मिल रही है।
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होर्मुज संकट का कितना पड़ा असर?
विशेषज्ञों के मुताबिक खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी अनिश्चितताओं ने वैश्विक गैस सप्लाई को प्रभावित किया है। फरवरी से जून 2026 के बीच LPG के लिए सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस में लगभग 46 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इस बढ़ोतरी ने तेल विपणन कंपनियों की लागत को काफी बढ़ा दिया है। यही वजह है कि LPG Price Hike को अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि सरकार का दावा है कि तमाम चुनौतियों के बावजूद देश में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं होने दी गई।
आम जनता पर क्या होगा असर?
घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने से सीधे तौर पर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग प्रभावित होगा। रसोई का मासिक बजट बढ़ सकता है और घरेलू खर्चों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। ऐसे समय में लोग सरकार से राहत या सब्सिडी बढ़ाने की उम्मीद भी कर रहे हैं।
राहत की उम्मीद या महंगाई का दबाव जारी?
ताजा LPG Price Hike ने एक बार फिर महंगाई और ऊर्जा सुरक्षा पर बहस तेज कर दी है। सरकार का कहना है कि प्रत्येक सिलेंडर पर लगभग 700 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है, जबकि उपभोक्ताओं का मानना है कि लगातार बढ़ती कीमतें घरेलू बजट को प्रभावित कर रही हैं। आने वाले महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार और मध्य पूर्व की स्थिति तय करेगी कि गैस सिलेंडर की कीमतों में राहत मिलेगी या महंगाई का यह दबाव आगे भी जारी रहेगा।
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