Meerut Prabhari Mantri: मेरठ को नया प्रभारी मंत्री मिलने के बाद प्रदेश सरकार में मंत्री अरुण सक्सेना ने जिले से अपने और अपने परिवार के पुराने संबंधों को याद किया है। उन्होंने कहा कि मेरठ उनके लिए केवल एक जिला नहीं, बल्कि भावनाओं, यादों और जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों से जुड़ा हुआ स्थान है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मेरठ की जिम्मेदारी सौंपे जाने पर उन्होंने खुशी जताते हुए इसे अपने जीवन का विशेष अवसर बताया।
अरुण सक्सेना ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन पर भरोसा जताकर मेरठ जिले के प्रभारी मंत्री का दायित्व दिया है। इसके लिए वह मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि मेरठ के लोगों की सेवा करने का मौका मिलना उनके लिए सम्मान की बात है।
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Meerut Prabhari Mantri: दशकों पुराना है परिवार का मेरठ से जुड़ाव
उन्होंने बताया कि मेरठ से उनके परिवार का संबंध कई दशक पुराना है। उनके पिता स्वर्गीय श्रीराम अरुण भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी रहे थे और उन्होंने मेरठ में लंबे समय तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई थीं।
अरुण सक्सेना ने कहा कि वर्ष 1967 में उनके पिता मेरठ में एसपी देहात के पद पर तैनात थे। उस समय आज के गाजियाबाद, बागपत, हापुड़ और गौतमबुद्ध नगर भी मेरठ जिले का हिस्सा हुआ करते थे। बाद में वर्ष 1987 में जब मेरठ सांप्रदायिक तनाव और दंगों की कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा था, तब उन्हें डीआईजी मेरठ की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
उन्होंने बताया कि उनके पिता ने चुनौतीपूर्ण हालात में कानून- व्यवस्था को संभालने का काम किया और लंबे समय तक मेरठ में रहकर लोगों की सेवा की। इसी वजह से उनका परिवार मेरठ को हमेशा अपने करीब मानता रहा है।
Meerut Prabhari Mantri: मेरठ में मिली पहली बड़ी जिम्मेदारी
अरुण सक्सेना ने अपने शुरुआती प्रशासनिक जीवन को याद करते हुए कहा कि वर्ष 1996 से 1998 के बीच उन्हें मेरठ में सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) के रूप में काम करने का अवसर मिला था। यह उनके करियर की शुरुआती और महत्वपूर्ण पोस्टिंग थी।
उन्होंने कहा कि उस समय वह युवा थे और प्रशासनिक कार्यों को सीखने का प्रयास कर रहे थे। मेरठ में काम करते हुए उन्हें जनता, प्रशासन और पुलिस व्यवस्था को करीब से समझने का मौका मिला। उन्होंने स्वीकार किया कि शुरुआती दिनों में उनसे कुछ गलतियां भी हुई होंगी, लेकिन मेरठ के लोगों ने हमेशा उनका मार्गदर्शन किया और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया।
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Meerut Prabhari Mantri: मेरठ बना जीवन की खुशियों का गवाह
अरुण सक्सेना ने कहा कि मेरठ केवल उनके प्रशासनिक जीवन का हिस्सा नहीं रहा, बल्कि यह उनकी निजी जिंदगी की कई खूबसूरत यादों से भी जुड़ा हुआ है।
उन्होंने बताया कि 3 अक्टूबर 1997 को उनका विवाह ज्योत्सना सक्सेना के साथ हुआ था। उस समय वह मेरठ में ही तैनात थे। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी आज भी मेरठ को अपनी ससुराल मानती हैं और यहां बिताए गए दिन परिवार के लिए बेहद खास हैं।
उन्होंने कहा कि जब भी मेरठ का नाम आता है तो परिवार के साथ बिताए गए वे पल याद आ जाते हैं, जिन्होंने जीवन को नई दिशा दी।
Meerut Prabhari Mantri: छोटे बेटे का जन्म भी मेरठ में हुआ
अरुण सक्सेना ने अपने परिवार से जुड़ी एक और खास याद साझा करते हुए बताया कि उनके छोटे बेटे अमन का जन्म भी मेरठ में ही हुआ था। उन्होंने कहा कि बेटे के जन्म की खुशी से जुड़ी यादें आज भी परिवार के लिए बेहद भावुक कर देने वाली हैं।
उनके अनुसार मेरठ ने उन्हें केवल प्रशासनिक अनुभव ही नहीं दिया, बल्कि परिवार की खुशियों और जीवन के अनमोल क्षण भी दिए हैं। यही वजह है कि मेरठ हमेशा उनके दिल के करीब रहा है।
Meerut Prabhari Mantri: प्रभारी मंत्री बनने पर जताई खुशी
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद अरुण सक्सेना ने कहा कि वर्षों बाद एक बार फिर उन्हें मेरठ की सेवा का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए किसी सरकारी पद से बढ़कर है। उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है जैसे वह अपने घर वापस लौट रहे हों।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिले के विकास, जनता की समस्याओं के समाधान और सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ काम करेंगे।
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Meerut Prabhari Mantri: कार्यकर्ताओं और जनता से करेंगे मुलाकात
अरुण सक्सेना ने बताया कि वह जल्द ही मेरठ पहुंचेंगे और वहां पार्टी कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों तथा आम लोगों से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि मेरठ के लोगों से दोबारा जुड़ने को लेकर वह काफी उत्साहित हैं।
राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में भी उनकी इस नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि जिले के विकास कार्यों और प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करने में उनकी भूमिका अहम हो सकती है।
मेरठ से जुड़े अपने पुराने अनुभवों और पारिवारिक रिश्तों को याद करते हुए अरुण सक्सेना ने साफ कहा कि यह शहर हमेशा उनके दिल में विशेष स्थान रखता है। अब जब उन्हें जिले की नई जिम्मेदारी मिली है तो वह इसे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाने का प्रयास करेंगे।
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