Uttarakhand EV Policy 2026: उत्तराखंड सरकार राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही नई Uttarakhand EV Policy 2026 लागू कर सकती है। प्रस्तावित नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले लोगों को रजिस्ट्रेशन शुल्क और रोड टैक्स में 100 प्रतिशत तक की छूट मिलने की संभावना है। इसके अलावा महिलाओं के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन और चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने वालों के लिए भी आकर्षक सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।
सरकार का मानना है कि आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहन परिवहन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए Uttarakhand EV Policy 2026 तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य राज्य को देश का सबसे अधिक ईवी-अनुकूल पर्वतीय राज्य बनाना है।
क्यों लाई जा रही है नई EV पॉलिसी?
केंद्र सरकार की तरह उत्तराखंड सरकार भी ईंधन पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दे रही है। बढ़ते प्रदूषण, महंगे ईंधन और कार्बन उत्सर्जन की चुनौतियों को देखते हुए राज्य सरकार ने व्यापक स्तर पर नई नीति तैयार की है।
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Uttarakhand EV Policy 2026 का मुख्य उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को आसान बनाना, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करना और ईवी निर्माण से जुड़े उद्योगों को निवेश के लिए आकर्षित करना है। यह नीति लागू होने के बाद 31 मार्च 2029 तक प्रभावी रह सकती है। साथ ही दो वर्षों के बाद इसका मूल्यांकन भी किया जाएगा ताकि आवश्यक सुधार किए जा सकें।
क्या है सरकार का 2030 विजन?
राज्य सरकार ने Uttarakhand EV Policy 2026 के जरिए वर्ष 2030 के लिए एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। सरकार चाहती है कि 2030 तक राज्य में पंजीकृत होने वाले हर पांच नए वाहनों में कम से कम एक वाहन इलेक्ट्रिक हो।
इसके अलावा उत्तराखंड को ईवी निर्माण और संबंधित उद्योगों के लिए एक प्रमुख निवेश केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का अनुमान है कि इस क्षेत्र में 5,000 से 7,000 करोड़ रुपये तक का निवेश आकर्षित किया जा सकता है, जिससे 6,000 से 12,000 लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
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इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को क्या मिलेगा फायदा?
नई Uttarakhand EV Policy 2026 के तहत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले उपभोक्ताओं को कई प्रकार की राहत मिलने की संभावना है। प्रस्तावित नीति के अनुसार “पहले आओ-पहले पाओ” के आधार पर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
सबसे बड़ी राहत यह है कि ईवी खरीदने पर वाहन पंजीकरण शुल्क में 100 प्रतिशत तक छूट मिल सकती है। इसके अलावा रोड टैक्स में भी पूर्ण छूट देने का प्रस्ताव है। इससे इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने की कुल लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी और अधिक लोग ईवी की ओर आकर्षित होंगे।
सरकार महिलाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना पर भी विचार कर रही है। इससे महिला वाहन मालिकों को अतिरिक्त लाभ मिलने की संभावना है।
चार्जिंग स्टेशन लगाने वालों को भी मिलेगा लाभ
केवल वाहन खरीदार ही नहीं, बल्कि चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने वाले उद्यमियों को भी Uttarakhand EV Policy 2026 के तहत बड़े लाभ मिल सकते हैं।
प्रस्ताव के अनुसार मैदानी क्षेत्रों में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए स्थायी पूंजी निवेश का 80 प्रतिशत तक प्रोत्साहन दिया जा सकता है। वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में यह सहायता 90 प्रतिशत तक हो सकती है।
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इसके अलावा 14 किलोवाट से अधिक क्षमता वाले पहले 200 चार्जिंग प्लग के लिए प्रति प्लग अधिकतम 10 लाख रुपये तक का प्रोत्साहन देने का प्रस्ताव है। 120 किलोवाट से अधिक क्षमता वाले पहले 20 चार्जिंग प्लग के लिए प्रति प्लग 25 लाख रुपये तक की सहायता दी जा सकती है।
पर्यटन और पर्यावरण को मिलेगा बढ़ावा
उत्तराखंड एक प्रमुख पर्यटन और धार्मिक राज्य है। ऐसे में Uttarakhand EV Policy 2026 का एक महत्वपूर्ण लक्ष्य पर्यटन स्थलों, तीर्थ मार्गों और राष्ट्रीय उद्यानों में पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देना भी है।
सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग से वायु प्रदूषण में कमी आएगी और राज्य की प्राकृतिक सुंदरता को संरक्षित रखने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही भारत के 2070 तक कार्बन-न्यूट्रल बनने के लक्ष्य में भी उत्तराखंड अपना योगदान दे सकेगा।
चार्जिंग नेटवर्क और रोजगार पर विशेष फोकस
नई नीति के तहत राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर हर 50 किलोमीटर की दूरी पर चार्जिंग स्टेशन विकसित करने की योजना बनाई गई है। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों को सुविधा मिलेगी और ईवी अपनाने की गति बढ़ेगी।
इसके साथ ही ईवी निर्माण, बैटरी उत्पादन, मरम्मत, रखरखाव, बैटरी रीसाइक्लिंग और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में कौशल विकास कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। इससे युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
जल्द मिल सकती है कैबिनेट की मंजूरी
परिवहन विभाग और उद्योग विभाग द्वारा संयुक्त रूप से तैयार की गई Uttarakhand EV Policy 2026 को अंतिम रूप दिया जा चुका है। अब इसे जल्द ही राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी के लिए पेश किया जा सकता है।
यदि कैबिनेट से हरी झंडी मिल जाती है, तो यह नीति उत्तराखंड में इलेक्ट्रिक वाहन क्रांति की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल न केवल आम लोगों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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