CBSE Revaluation Portal: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी Central Board of Secondary Education (सीबीएसई) की पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया इस बार तकनीकी गड़बड़ियों के कारण विवादों में आ गई है। देशभर से हजारों छात्रों और अभिभावकों ने शिकायत की कि पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करते समय पोर्टल बार-बार ठप हो रहा है, जबकि पेमेंट गेटवे फेल होने से फीस जमा नहीं हो पा रही थी। कई छात्रों का पैसा कटने के बावजूद आवेदन पूरा नहीं हुआ, जिससे भारी नाराजगी देखने को मिली।
मामला बढ़ता (CBSE Revaluation Portal) देख केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने रविवार को खुद मोर्चा संभाला और सीबीएसई अधिकारियों से पूरी रिपोर्ट तलब की। इसके बाद मंत्रालय स्तर पर तुरंत तकनीकी और वित्तीय समाधान की प्रक्रिया शुरू की गई।
IIT Madras की तकनीकी टीम करेगी सिस्टम सुधार में मदद
शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, सीबीएसई के डिजिटल सिस्टम (CBSE Revaluation Portal) में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए आईआईटी मद्रास (Indian Institute of Technology Madras) की विशेषज्ञ टीम को सहायता के लिए लगाया गया है। केंद्रीय मंत्री ने संस्थान से तकनीकी विशेषज्ञ भेजने को कहा ताकि पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया बिना किसी त्रुटि के पूरी कराई जा सके।
सूत्रों के अनुसार, इस बार सीबीएसई ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में बड़े स्तर पर डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया। हालांकि, कई छात्रों का आरोप है कि डिजिटल मूल्यांकन के कारण उन्हें अपेक्षा से कम अंक मिले हैं। यही वजह है कि इस वर्ष पुनर्मूल्यांकन के लिए रिकॉर्ड संख्या में आवेदन सामने आ रहे हैं।
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पेमेंट फेल होने पर अब सरकारी बैंक करेंगे मदद
छात्रों की सबसे बड़ी शिकायत पेमेंट सिस्टम (CBSE Revaluation Portal) को लेकर सामने आई। कई अभिभावकों ने बताया कि फीस कटने के बाद भी आवेदन सफल नहीं हो रहा था। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए शिक्षा मंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) से बातचीत की।
इसके बाद फैसला लिया गया कि देश के प्रमुख सरकारी बैंक सीबीएसई के पेमेंट गेटवे सिस्टम को स्थिर बनाने में मदद करेंगे। इनमें State Bank of India, Bank of Baroda, Canara Bank और Indian Bank शामिल हैं। मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि जिन छात्रों से अधिक भुगतान हो गया है या जिनका पैसा फंस गया है, उन्हें रिफंड भी दिया जाएगा।
CBSE को सिस्टम बदलने के निर्देश
तकनीकी अव्यवस्था को गंभीर मानते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने सीबीएसई को अपने मौजूदा पेमेंट गेटवे और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में व्यापक बदलाव करने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में बोर्ड अपने सर्वर क्षमता और ऑनलाइन प्रोसेसिंग सिस्टम को पूरी तरह अपग्रेड कर सकता है। रिजल्ट, स्क्रूटनी और री-इवैल्यूएशन जैसी प्रक्रियाओं में हर साल लाखों छात्र शामिल होते हैं। ऐसे में कमजोर डिजिटल सिस्टम छात्रों के भविष्य पर सीधा असर डाल सकता है।
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छात्रों और अभिभावकों में बढ़ा अविश्वास
इस पूरे घटनाक्रम (CBSE Revaluation Portal) ने छात्रों और अभिभावकों के बीच सीबीएसई की डिजिटल प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में छात्रों ने स्क्रीनशॉट साझा कर अपनी परेशानियां बताईं। कई छात्रों का कहना है कि रिजल्ट में उम्मीद से कम अंक आने के बाद वे पुनर्मूल्यांकन करवाना चाहते थे, लेकिन तकनीकी खामियों ने उनकी चिंता और बढ़ा दी। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल मूल्यांकन व्यवस्था पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लागू की गई थी, लेकिन यदि तकनीकी व्यवस्था मजबूत नहीं होगी तो इसका उद्देश्य प्रभावित हो सकता है।
अब क्या करेगा CBSE?
सीबीएसई के सामने फिलहाल (CBSE Revaluation Portal) सबसे बड़ी चुनौती छात्रों का भरोसा वापस जीतने की है। मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद उम्मीद की जा रही है कि अगले कुछ दिनों में पोर्टल और पेमेंट सिस्टम पूरी तरह सामान्य हो जाएगा। साथ ही बोर्ड भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचने के लिए नया टेक्नोलॉजी ढांचा तैयार कर सकता है।
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