Iqra Hasan FIR: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर (Saharanpur) में करीब एक महीने पुराने मोनू कश्यप हत्याकांड को लेकर भड़का राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद अब पूरी तरह से गहरा गया है। शामली जिले के जसाला गांव के रहने वाले युवक मोनू कश्यप की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर डीआईजी (DIG) कार्यालय के बाहर चक्काजाम करने और सदर बाजार थाने में करीब साढ़े पांच घंटे तक भारी हंगामा व धरना-प्रदर्शन करने के मामले में सहारनपुर पुलिस ने बहुत बड़ा एक्शन लिया है। पुलिस ने कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने, सरकारी काम में बाधा डालने और निषेधाज्ञा (धारा 144) का उल्लंघन करने के आरोप में कैराना से समाजवादी पार्टी की तेजतर्रार सांसद इकरा हसन (Iqra Hasan FIR) के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस द्वारा दर्ज की गई इस हाई-प्रोफाइल एफआईआर (FIR) में न केवल सपा सांसद इकरा हसन को नामजद किया गया है, बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व राज्यमंत्री मांगेराम कश्यप (Mangeram Kashyap) सहित 7 प्रमुख नेताओं को नामजद और 25 अन्य अज्ञात समर्थकों के खिलाफ भी केस दर्ज कर गहन जांच शुरू कर दी गई है। यह पूरी कानूनी कार्रवाई सदर बाजार (Iqra Hasan FIR) थाने के सब-इंस्पेक्टर संजय कुमार शर्मा की लिखित शिकायत पर की गई है। इस बड़ी पुलिसिया कार्रवाई के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर उबाल आ गया है और समाजवादी पार्टी (Iqra Hasan FIR) ने इसे विपक्ष की आवाज दबाने वाली योगी सरकार की दमनकारी नीति करार दिया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि क्या है यह पूरा मोनू कश्यप हत्याकांड और इकरा हसन पर दर्ज हुई इस एफआईआर की इनसाइड स्टोरी।
क्या था पूरा मामला?
इस पूरे राजनीतिक और कानूनी घमासान की जड़ें 21 अप्रैल 2026 की उस खौफनाक वारदात से जुड़ी हैं, जब शामली जिले के कांधला थाना क्षेत्र के पंजोखर रेलवे ट्रैक के पास 25 वर्षीय मोनू कुमार कश्यप लहूलुहान और कटे पैर के साथ बेहोशी की हालत में मिला था। मेरठ मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान अगले दिन (Iqra Hasan FIR) उसकी मौत हो गई थी। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि मोनू के ही दो दोस्तों, शुभम और सचिन कुमार ने प्रेम प्रसंग के एक पुराने विवाद और शराब के नशे में मचे बवाल के बाद मोनू को चलती ट्रेन के सामने धक्का दे दिया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है, लेकिन मृतक की बुजुर्ग मां विमलेश देवी का आरोप है कि इस हत्याकांड में कुछ और रसूखदार लोग भी शामिल हैं, जिन्हें पुलिस राजनीतिक दबाव के चलते बचा रही है। (Iqra Hasan FIR)
Also Read : पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट IBCA Summit की टलीं तारीखें
डीआईजी ऑफिस में तीखी नोकझोंक
पीड़ित मां की गुहार जब स्थानीय स्तर पर नहीं सुनी गई, तो वे न्याय की मांग लेकर कैराना की नवनिर्वाचित सपा सांसद इकरा हसन के पास पहुंचीं। 19 मई को सांसद इकरा हसन पीड़ित परिवार और पूर्व मंत्री मांगेराम कश्यप के साथ सहारनपुर रेंज के डीआईजी अभिषेक सिंह से मिलने उनके दफ्तर पहुंचीं। इकरा हसन का आरोप है कि मीटिंग के दौरान डीआईजी ने पीड़ित मां की शिकायतों को बेहद संवेदनहीनता से टाल दिया और बैठक बीच में ही छोड़कर उठकर चले गए। (Iqra Hasan FIR)
इस कथित दुर्व्यवहार से नाराज होकर इकरा हसन और उनके समर्थक डीआईजी कार्यालय के बाहर ही धरने पर बैठ गए और सड़क पर चक्काजाम की स्थिति पैदा हो गई। मामला बढ़ता देख मौके पर भारी महिला पुलिस बल बुलाया गया, जिसने सांसद इकरा हसन को जबरन हिरासत में ले लिया और महिला थाने ले आई, जहां उन्हें करीब 10 मिनट तक हिरासत में रखा गया। इस दौरान इकरा हसन का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ, जिसमें वह महिला पुलिसकर्मियों से गुस्से में कहती नजर आ रही हैं, ‘डोंट टच मी (मुझे मत छुओ)…’ (Iqra Hasan FIR)
Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
सदर बाजार थाने में 5 घंटे चला हाई-वोल्टेज ड्रामा
तनाव तब और ज्यादा बढ़ गया जब पुलिस ने शांतिभंग और चक्काजाम के आरोप में पूर्व मंत्री मांगेराम कश्यप सहित पांच सपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर सीधे जिला जेल भेज दिया। अपने समर्थकों की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही सांसद इकरा हसन भड़क गई और वह शाम करीब 4:00 बजे अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ कोतवाली सदर बाजार परिसर के भीतर ही दरी बिछाकर धरने पर बैठ गईं। थाने के भीतर यह हाई-वोल्टेज धरना प्रदर्शन रात करीब 9:30 बजे तक लगातार चलता रहा, जहां पुलिस अधिकारियों और सांसद के बीच बेहद तीखी बहस हुई।
बेहद गुस्से में नजर आ रही सांसद ने पुलिस अधिकारियों को चुनौती देते हुए कहा, “अगर एक पीड़ित मां के लिए न्याय मांगना और आवाज उठाना गुनाह है, तो मुझे भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ जेल भेज दिया जाए.” बाद में सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह और एसपी सिटी व्योम बिंदल द्वारा देर रात लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद कि गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को अगली सुबह रिहा कर दिया जाएगा, तब कहीं जाकर इकरा हसन ने अपना धरना समाप्त किया। (Iqra Hasan FIR)
सरकारी काम में बाधा और निषेधाज्ञा उल्लंघन
सहारनपुर के एसपी सिटी व्योम बिंदल (SP City Vyom Bindal) ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि कानून सभी के लिए बराबर है, चाहे वह कोई जनप्रतिनिधि ही क्यों न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदर्शनकारियों ने बिना किसी पूर्व अनुमति के डीआईजी कार्यालय और थाने जैसे संवेदनशील सुरक्षा क्षेत्रों में भारी भीड़ जमा की, ट्रैफ़िक को पूरी तरह बाधित किया और लोक सेवकों (सरकारी अधिकारियों) को उनके कानूनी कर्तव्यों का पालन करने से बलपूर्वक रोका। (Iqra Hasan FIR)
सदर बाजार पुलिस ने उपद्रव करने, सरकारी कार्य में व्यवधान डालने, सड़क जाम करने और शहर में लागू निषेधाज्ञा आदेशों का सरेआम उल्लंघन करने के मामले में सांसद इकरा हसन, पूर्व राज्यमंत्री मांगेराम कश्यप और 25 अज्ञात दंगाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी तफ्तीश तेज कर दी है। पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य अज्ञात उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। (Iqra Hasan FIR)
पढ़े ताजा अपडेट : Hindi News, Today Hindi News, Breaking



