IBCA Summit: दिल्ली में होने वाला पहला अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस शिखर सम्मेलन (IBCA Summit) फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। यह शिखर सम्मेलन 1 और 2 जून को आयोजित होना था, लेकिन अब इसकी नई तारीखों का ऐलान बाद में किया जाएगा। इस फैसले के बाद वन्यजीव संरक्षण और अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता से जुड़े विशेषज्ञों के बीच चर्चा तेज हो गई है।
दरअसल, यह समिट चौथे भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन के साथ आयोजित किया जाना था। अफ्रीकी देशों की बड़ी भागीदारी को ध्यान में रखते हुए इसे आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया। सरकार का कहना है कि सभी देशों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।
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क्यों खास है IBCA Summit?
अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस शिखर सम्मेलन (IBCA Summit) सिर्फ एक सम्मेलन नहीं, बल्कि दुनिया भर में बड़े बिल्ली प्रजाति के जानवरों को बचाने का मिशन है। इसमें बाघ, शेर, तेंदुआ, चीता और जगुआर जैसे बड़े वन्यजीवों के संरक्षण पर वैश्विक रणनीति तैयार की जाती है।
भारत लंबे समय से वन्यजीव संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। प्रोजेक्ट टाइगर की सफलता के बाद अब भारत वैश्विक स्तर पर भी नेतृत्व करने की कोशिश कर रहा है। यही वजह है कि इस समिट को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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पीएम मोदी ने की थी IBCA की शुरुआत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 अप्रैल 2023 को मैसूर में प्रोजेक्ट टाइगर के 50 साल पूरे होने के मौके पर अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस शिखर सम्मेलन (IBCA Summit) की नींव रखी थी। इसके बाद 12 मार्च 2024 को इसे औपचारिक रूप से स्थापित किया गया। सरकार का उद्देश्य दुनिया के उन देशों को एक मंच पर लाना है, जहां बड़े बिल्ली प्रजाति के जानवर पाए जाते हैं। फिलहाल इस गठबंधन में 25 हस्ताक्षरकर्ता देश और 5 पर्यवेक्षक देश शामिल हैं। जल्द ही सऊदी अरब के भी इसमें शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
अफ्रीकी देशों की भागीदारी बनी वजह
सूत्रों के मुताबिक, कई अफ्रीकी देशों ने इस समिट में भाग लेने की तैयारी की थी। चूंकि चौथा भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन भी आगे बढ़ा दिया गया, इसलिए अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस शिखर सम्मेलन (IBCA Summit) को भी स्थगित करने का फैसला लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि नई तारीखों की घोषणा के बाद सभी भागीदार देशों से दोबारा बातचीत की जाएगी ताकि सम्मेलन में अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
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भारत का बड़ा वन्यजीव मिशन
भारत आज दुनिया में बाघों की सबसे बड़ी आबादी वाला देश है। यही वजह है कि जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस शिखर सम्मेलन (IBCA Summit) के जरिए भारत अब ग्लोबल वाइल्डलाइफ डिप्लोमेसी में भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराना चाहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दुनिया के देश मिलकर काम करें, तो तेजी से घट रही वन्यजीव प्रजातियों को बचाया जा सकता है। यह गठबंधन उसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
नई तारीखों पर दुनिया की नजर
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस शिखर सम्मेलन (IBCA Summit) की नई तारीखें कब घोषित होंगी। वन्यजीव संरक्षण से जुड़े देशों और संगठनों को उम्मीद है कि यह समिट आने वाले समय में वैश्विक पर्यावरण नीति को नई दिशा देगा। भारत ने साफ कर दिया है कि वह जैव विविधता संरक्षण और सतत विकास के साझा लक्ष्यों को लेकर पूरी दुनिया के साथ मिलकर काम करता रहेगा।
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