Twisha Sharma Death Case: भोपाल में चर्चित बने ट्विशा शर्मा मौत मामले ने अब कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर गंभीर मोड़ ले लिया है। 20 मई को इस मामले में भोपाल कोर्ट में हुई अहम सुनवाई के दौरान अदालत ने दूसरी बार पोस्टमार्टम (Twisha Sharma Death Case) कराने की मांग फिलहाल खारिज कर दी। हालांकि कोर्ट ने यह भी पूछा कि शव को लो टेंपरेचर पर सुरक्षित रखने की व्यवस्था कहां की जा सकती है।
दरअसल, ट्विशा शर्मा के परिवार ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर मांग की थी कि उनका दोबारा पोस्टमार्टम दिल्ली AIIMS में कराया जाए। परिवार का आरोप है कि भोपाल में हुई पोस्टमार्टम प्रक्रिया पर उन्हें भरोसा नहीं है और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए स्वतंत्र मेडिकल जांच जरूरी है।
परिवार ने उठाए पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल
ट्विशा शर्मा (Twisha Sharma Death Case) के परिजनों का कहना है कि भोपाल AIIMS की पोस्टमार्टम रिपोर्ट कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब नहीं देती। परिवार का आरोप है कि ट्विशा के शरीर पर मौत से पहले चोटों के निशान मौजूद थे, जिनकी गंभीरता से जांच नहीं की गई।
परिवार के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने कोर्ट में दलील देते हुए कहा कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दूसरी मेडिकल जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि परिवार चाहता है कि पोस्टमार्टम दिल्ली AIIMS जैसे स्वतंत्र और उच्च स्तरीय संस्थान में कराया जाए ताकि किसी भी तरह का संदेह खत्म हो सके।
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कोर्ट ने बॉडी प्रिजर्वेशन पर मांगी जानकारी
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस से यह स्पष्ट करने को कहा कि शव को कम तापमान में सुरक्षित रखने की व्यवस्था कहां उपलब्ध कराई जा सकती है। क्योंकि अंतिम संस्कार का फैसला परिवार को लेना है, इसलिए तब तक शव को सुरक्षित रखना जरूरी माना गया। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि कोर्ट का यह कदम इस बात का संकेत है कि मामला अभी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है और आगे परिस्थितियों के अनुसार नए आदेश दिए जा सकते हैं।
सीएम मोहन यादव से मिला परिवार
इस मामले को लेकर ट्विशा शर्मा के परिजन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Mohan Yadav) से भी मिले। मुख्यमंत्री ने परिवार को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी हर संभव मदद करेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोर्ट अनुमति देता है तो दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जरूरत पड़ने पर ट्विशा के शव को दिल्ली भेजने की व्यवस्था राज्य सरकार करेगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने सीबीआई जांच की अनुशंसा करने की बात भी कही, जिससे मामले को लेकर राजनीतिक दबाव और बढ़ गया है।
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पति और सास पर गंभीर आरोप
33 वर्षीय ट्विशा शर्मा 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। पुलिस ने इस मामले (Twisha Sharma Death Case) में FIR दर्ज की है, जिसमें उनके पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया है।
समर्थ सिंह पेशे से वकील हैं, जबकि उनकी मां गिरिबाला सिंह रिटायर्ड अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रह चुकी हैं। परिवार ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ट्विशा को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। पुलिस ने दहेज हत्या और प्रताड़ना से जुड़े आरोपों के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं पति समर्थ सिंह फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।
शादी के कुछ महीनों बाद सामने आई दर्दनाक घटना
नोएडा निवासी ट्विशा शर्मा (Twisha Sharma Death Case) की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल के वकील समर्थ सिंह से हुई थी। बताया जा रहा है कि दोनों की मुलाकात 2024 में एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी। परिवार का कहना है कि शादी के बाद से ही ट्विशा परेशान रहने लगी थीं। आरोप है कि उन पर लगातार मानसिक दबाव बनाया जा रहा था। इतना ही नहीं, घटना के समय ट्विशा करीब दो महीने की गर्भवती भी थीं, जिसने इस मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।
जांच को प्रभावित करने के आरोप
ट्विशा (Twisha Sharma Death Case) के परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी पक्ष अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर जांच को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है। चूंकि आरोपी परिवार न्यायिक पृष्ठभूमि से जुड़ा हुआ है, इसलिए इस केस को लेकर सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक लगातार बहस जारी है। अब सबकी नजर कोर्ट की अगली सुनवाई और संभावित सीबीआई जांच पर टिकी हुई है। परिवार को उम्मीद है कि उन्हें न्याय मिलेगा, जबकि पुलिस पर निष्पक्ष और पारदर्शी जांच का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
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