NEET UG Paper Leak Mastermind: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। सीबीआई ने इस पूरे काले खेल के कथित मास्टरमाइंड डॉक्टर पीवी कुलकर्णी को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का दावा है कि कुलकर्णी ही इस पूरे पेपर लीक रैकेट का मुख्य सूत्रधार (किंगपिन) है, जिसने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की परीक्षा प्रक्रिया में अपनी पैठ का फायदा उठाकर लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। शनिवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी और उसकी मुख्य सहयोगी प्रोफेसर मनीषा मंधारे को 10 दिनों की सीबीआई कस्टडी में भेज दिया है। (NEET UG Paper Leak Mastermind)
सीबीआई अब तक इस हाई-प्रोफाइल मामले में 9 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन पीवी कुलकर्णी की प्रोफाइल ने जांच अधिकारियों को भी चौंका दिया है। कुलकर्णी कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि केमिस्ट्री का एक रिटायर्ड लेक्चरर है, जिसने अपने शैक्षणिक अनुभव और रसूख का इस्तेमाल पेपर लीक के इस संगठित अपराध को अंजाम देने के लिए किया। जांच एजेंसी को अंदेशा है कि पीवी कुलकर्णी सिर्फ NEET 2026 ही नहीं, बल्कि साल 2024 के पेपर लीक और पूर्व में आयोजित हुई कई अन्य परीक्षाओं के घपलों में भी शामिल रहा है, जिसे लेकर उससे गहन पूछताछ की जा रही है। (NEET UG Paper Leak Mastermind)
कौन है डॉक्टर पीवी कुलकर्णी?
डॉक्टर पीवी कुलकर्णी मूल रूप से महाराष्ट्र के लातूर का रहने वाला है। उसने लातूर के प्रतिष्ठित दयानंद विद्या महाविद्यालय (दयानंद शिक्षण संस्था) में लगभग 28 से 30 वर्षों तक बतौर केमिस्ट्री लेक्चरर छात्रों को पढ़ाया है। करीब चार साल पहले शिक्षण कार्य से सेवानिवृत्त (Retire) होने के बाद वह पुणे शिफ्ट हो गया था। लातूर में उसका एक बड़ा मकान है, जिसे फिलहाल हॉस्टल के लिए किराए पर दिया गया है। जांच में सामने आया है कि कुलकर्णी साल 2011 से ‘दीपर’ (DEEPER – Dynamic Entrance Examination Performance Enhancement and Research) नाम की एक संस्था से जुड़ा हुआ था। यह संस्था शुरुआत में छात्रों के मॉक टेस्ट और शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन करती थी, लेकिन बाद में इसके जरिए कुलकर्णी ने छात्रों और कोचिंग सेंटरों के बीच अपना एक मजबूत नेटवर्क तैयार कर लिया। (NEET UG Paper Leak Mastermind)
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मनीषा मंधारे के साथ मिलकर बुना जाल, ऐसे फंसाते थे छात्र
सीबीआई की तफ्तीश के मुताबिक, पीवी कुलकर्णी और पुणे के प्रतिष्ठित मॉडर्न कॉलेज की बायोलॉजी प्रोफेसर मनीषा गुरुनाथ मंधारे ने मिलकर इस रैकेट को चलाया। इन दोनों ने पुणे, लातूर और महाराष्ट्र के अन्य जिलों में बड़े पैमाने पर सेमिनार आयोजित किए। इस नेटवर्क में इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि वाले पुराने छात्रों को शामिल किया गया, ताकि वे संभावित NEET अभ्यर्थियों (NEET UG Paper Leak Mastermind) तक पहुंच सकें। जांच एजेंसियों का बड़ा दावा,’कोचिंग संस्थानों और मॉक टेस्ट के गुप्त डेटा का इस्तेमाल कर उन छात्रों की पहचान की जाती थी जो पढ़ाई में अकादमिक रूप से कमजोर थे और पैसे वाले परिवारों से ताल्लुक रखते थे। इसके बाद उनसे पेपर लीक के बदले मोटी रकम का सौदा किया जाता था और उन्हें सीक्रेट लोकेशंस पर ले जाकर सवाल-जवाब रटवाए जाते थे।’ (NEET UG Paper Leak Mastermind)

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अभिभावक की शिकायत से खुला राज और मनी ट्रेल
इस पूरे सनसनीखेज मामले का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़ित अभिभावक ने लातूर में स्थानीय पुलिस से शिकायत की। लातूर पुलिस की इनपुट पर जब सीबीआई ने मनी ट्रेल (पैसों के लेन-देन) की जांच की, तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। पुणे पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, NEET परीक्षा वाले ठीक उसी दिन प्रोफेसर मनीषा मंधारे के बैंक खाते में ₹10 लाख ट्रांसफर किए गए थे। इसके अलावा कई अन्य छात्रों और अभिभावकों ने भी ₹25,000 से लेकर लाखों रुपये के ट्रांजैक्शन किए थे। फिलहाल सीबीआई की एक विशेष टीम लातूर के आरसीसी (RCC) कोचिंग इंस्टीट्यूट के संचालक शिवराज मोटेगावकर सहित कई कोचिंग मालिकों, छात्रों और अभिभावकों से पूछताछ कर रही है। (NEET UG Paper Leak Mastermind)
आरोपी प्रोफेसर मनीषा पर कॉलेज की प्रिंसिपल का बयान
नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार हुईं वरिष्ठ शिक्षिका मनीषा मंधारे पुणे के मॉडर्न कॉलेज में पिछले 24 सालों से कार्यरत थी और छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय थीं। उनकी गिरफ्तारी के बाद कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. निवेदिता एकबोटे का बयान सामने आया है। उन्होंने कॉलेज की भूमिका को स्पष्ट करते हुए कहा,’परीक्षा से जुड़ा जो भी काम होता है, वह सीधे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और संबंधित प्रोफेसर के बीच होता है। इसकी गोपनीयता के कारण कॉलेज प्रशासन की इसमें कोई भूमिका या हस्तक्षेप नहीं होता है। मनीषा मंधारे का व्यवहार कॉलेज में पिछले 24 सालों से बिल्कुल सामान्य था और उनके खिलाफ कभी कोई शिकायत नहीं मिली थी। हालांकि, जांच एजेंसियों को जो भी सहयोग चाहिए होगा, कॉलेज प्रशासन पूरा सहयोग करने के लिए तैयार है।’ सीबीआई अब पीवी कुलकर्णी और मनीषा को कस्टडी में रखकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि एनटीए (NTA) के भीतर उनके मददगार कौन थे और इस पूरे सिंडिकेट में और कितने बड़े नाम शामिल हैं। (NEET UG Paper Leak Mastermind)
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